Skip to content
ताज़ा खबर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए, जांच के लिए भोपाल भेजेदीपावली पर्व को लेकर अधिकारियों ने पटाखा बाजारों का किया निरीक्षणधनतेरस के अवसर पर “स्वामित्व योजना” के तहत आवासीय अधिकारों के पंजीकृत कराएकृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण, बीज गुणवत्ता जांच के लिए नमूने लिएखंडवा, हरसूद एवं खालवा में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गएगुम इंसान, गुम बालक/बालिका एवं महिला अपराधोंलोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण – केंद्रीय राज्य मंत्री उइकेयुवा सृजन जन संवाद मे विद्यार्थियों ने किया थाना कोतवाली एवं पुलिस कंट्रोल रूम हरदा का भ्रमणस्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में आयोजित हुआ “जन सुरक्षा – युवा सृजन संवाद” कार्यक्रममुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत रहटगांव में शिविर आयोजित
8 Nov 2026 हरदा 20°C

ताज़ा ख़बरें हरदा से

Sunday, 8 November 2026
राष्ट्रीय

माँ शब्द वो अहसास होता है जिसमें दुनिया का सारा प्यारा और सुकून हैं समाया ……

4 min read
The word mother is that feeling
Text Size:

मदर्स डे स्पेशल

माँ कुदरत का दिया हुआ एक अनमोल तोफा हैं। जो दुनिया की सारी तकलीफ सहकर भी अपने बच्चों को हर खुशी देती हैं। माँ शब्द ही ऐसा है जिसमें दुनिया का सारा प्यारा और सुकून समाया होता हैं। दुनिया में अगर कोई सबसे खूबसूरत रिश्ता है तों वो माँ का रिश्ता है। क्योंकि एक बच्चे के लिए माँ जो कुछ करती वो दुनिया में कोई दूसरा नहीं कर सकता है।

एक बच्चें के लिए दुनिया में सारे रिश्तो का अंगाज माँ की गोद से ही होता हैं। माँ जैसे अपने बच्चें की परवरिश करती हैं बच्चा वैसे ही संस्कार पाता हैं। माँ की ममता के प्यार के साए में चलते-चलते जब बच्चा बड़ा होता है तो कई रिश्ते उससे जुड़ते जाते हैं। लेकिन माँ से जो महोब्बत और प्यार उसे मिलता है। उसकी हद तक कोई नहीं पहुंच पाता हैं। क्योंकि माँ वो होती हैं जो अपनी जिन्दगी की कितनी रातें इस अहसास के साथ आंखों-आंखों में काट देती हैं। मेरा बच्चा पुरसुकून नींद सोया है के नहीं।

माँ की ममता और प्यार हर इंसान के लिए ऐसा होता जो वो अपनी आखरी सांस तक नहीं भुल सकता है। क्योकि मां अपने बच्चे पर अपनी सारी जिन्दगी न्यौछावर कर देती है। फिर भी कभी अपने लबों पर उफ तक नहीं लाती हैं।

माँ प्यार और महोब्बत का वो नाम हैं। जब बच्चा तकलीफ में होता हैं तो वो कितना ही बड़ा हो गया हो उसको सबसे पहले अपनी माँ का प्यार ही याद आता हैं। क्योंकि तकलीफ के वक्त एक यहीं ऐसी सै थी जिसने हर कोशिश उसको सिफा पहुंचाने की थी।

माँ ने ही तो तकलीफ के वक्त इस तरह से अपने बच्चे को दर्द बाट लिया था। तकलीफ के वक्त बच्चे के सर पर उसका हाथ ही काफी था। उसके दिल से निकली दुआ सीधे अर्स से टाकराती थी। बच्चें को दर्द से राहत का अहसास हो जाता था।

दुनिया में ऐसे लाखों उदाहरण मिल जाएगें जहां एक माँ ने अपने बच्चे की खुशियों के लिए कड़ी धुप में महेन्त कर रहीं हैं। माँ वो है जो कड़ी धुप हो बारिश हो या कितनी ही सर्दी हो कभी नहीं थकती हैं। क्योंकि इस वक्त उसका यहीं मकसद होता हैं उसे अपने बच्चें के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना हैं। उसके बच्चें के लिए वो सारी खुशिया खरीदना हैं। जो वो चाहता हैं। माँ अपने बच्चों के हर सपनों को पुरा करती हैं। चाहे वो इसके लिए खुद कई रात को न सौई हो।

माँ प्यार और वफा का वो नाम है जो अपनी बच्चों की बड़ी से बड़ी गलती को माफ कर देती है। हजारों सितम सह कर भी सिर्फ अपने बच्चों की खुशी ही चाहती हैं।

माँ तो अपने सारे फर्ज दिल से निभाती हैं। लेकिन क्या हर बच्चा उसके प्रति अपने फर्ज को समझ पाता हैं। माँ तो वो है जो अपने बच्चों की खुशियों के लिए कई राते जागती हैं लेकिन आज ये हाल हैं वहीं बच्चा अपनी माँ के दिल को सुकून पहुंचाने के लिए अपनी जिन्दगी का एक लम्हा भी उसके पास चेन से नहीं बैठता हैं। कहने को तो हमने दुनिया में बहुत तरक्की कर ली हैं। लेकिन यहां आकर हमारा वजूद सिमटता जा रहा हैं।

आज ये वक्त हैं जब बच्चों के लिए म शब्द से मुबाईल हो गया हैं। इंसान मुबाईल को अपनी जिन्दगी के दस घन्टे दे देता हैं। लेकिन माँ के लिए उसके पास दस मिनिट भी नहीं होता हैं। अब भी वक्त हैं हमें अपनी संस्कार की इस जोत जला कर रखने की कोशिश करना चाहिए। और वक्त रहते सभल जाना चाहिए क्योंकि जिस दिन माँ का दामन हाथों से छुट जाएगा सिवा पछतावे कुछ हाथ नहीं आएगा।

Syed Shabana Ali

Harda (M.P.)

 

 

What do you think?