कहते हैं सफलता की कोई सीमा नहीं होती है अगर हौसले बुलंद हो तो सफलता किसी उम्र मे भी आपके कदम छु सकती है। इस बात को साबित कर दिखाया है दुनिया के सब से कम उम्र मे प्रोफेसर बने नाथन थॉमस ने जिन्होंने 18 साल की कम उम्र में इस उपलब्धि को अपने नाम कर विश्व रिकॉर्ड बना कर 306 साल पुराना रिकॉर्ड तोडा है। नाथन से पहले यहां रिकॉर्ड 1698 मे जन्में कालिन मैकलारिन के नाम था जो 19 साल की उम्र में 1717 मे प्रोफेसर बने थे।
दुनिया के सबसे कम उम्र में पुरुष प्रोफेसर बने नाथन थॉमस का जन्म 9 सितम्बर 2004 को हुआ था । गिनिज बुक ऑफ रिकॉर्ड ने उन्हे हाल ही मे मान्यता दी है। नाथन थॉमस अगस्त में मियामी डेड कॉलेज के फैकल्टी मे शामिल होकर इतिहास रचा है। वे जब क्लास में पहुँचे तो उनके कई छात्र लगभग उनकी उम्र के थे।
नाथन थॉमस ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत भी काफी
कम उम्र में कर दी थी। 10 साल की उम्र में एक विशेष कार्यक्रम के तहत मियामी डेड कॉलेज में दाखिला लिया था । 14 साल की उम्र मे वह आगे की पड़ाई के लिए फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी चले गए । संयोग से आज वो इसी कॉलेज में प्रोफेसर बन गए हैं ।
वे इंजीनियरिंग के छात्रों को जो कोर्स पढ़ा रहे है वो कम्प्यूटिंग और प्रोग्रामिंग के कॉन्सेप्ट को पूरा करता है
अपनी अद्भुत क्षमता के कारण नाथन थॉमस ने 18 साल की कम उम्र तक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैचलर और मास्टर दोनों डिग्री ऑनर्स के साथ पुरी कर चुके हैं।
नाथन फिलहाल कानून की पढ़ाई शुरु कर रहे है।
वह बौद्धिक सम्पदा कानून मे विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। खासकर स्टेम से जुड़े मामलों मे।
नाथन थॉमस ने एक इंटरव्यू में कहा था टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग और मैक्स में बचपन से उनकी रुचि थी । उनके माता-पिता दोनों इंजीनियर है। खासतौर पर अपनी मां को श्रेय को देखकर कहते हैं उन्होंने जटिल कॉन्सेप्ट समझने में बहुत मदद की। माँ हर मुश्किल बात आसान तरीके से समझा देती थी। अब लगता हैं उनकी बहुत सी बाते अनजाने मे हीं मेरे साथ रह गई जबकि उस समय मुझे इसका अहसास नही था।
नाथन कहते हैं अपनी सफलता की तुलना दूसरों से न करे। बल्कि खुद को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दे।
हर व्यक्ति का सफर अलग होता है , भले हीं मंज़िल एक जैसी क्यों न हो। अक्सर लोग अपनी प्रगति की तुलना दूसरों से करने लगते है, जिससे उनका ध्यान भटक जाता हैं और आगे बढ़ने की गति भी प्रभावित होती है। हर किसी को वही तरीका अपनाना चाहिए जो उसके लिए श्रेष्ठ हो। भले हीं नतीजे तुरंत न दिखे, पर लगातार मेहनत और धैर्य के साथ काम करने पर सफलता जरूर मिलती है।

