इस समय विश्व में इंटरनेट सेवाओं का बहुत बड़ा नेटवर्क से काम किया जा रहा है एक पल के लिए भी अगर इंटरनेट की सेवा है बंद होती है तो इसका असर देश की हर सेक्टर पर पड़ता हैइस समय भारत में बारिश का दौरा चल रहा है जिससे बारिश का मौसम आते ही कई लोगों को इंटरनेट धीमा काम करने लगने लगता है. कभी वीडियो बार-बार रुकता है नेट पर बबलिंग होने लगती है साइट खोलना मत टाइम लगता है, तो कभी वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय लगता है. मोबाइल मे भी नेटवर्क की प्रॉब्लम बारिश में ज्यादा आती हैकई बार तो मोबाइल में इंटरनेट चलता ही नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बारिश की बूंदें इंटरनेट की स्पीड को कम कर देती हैं. इस समय देश में कौन है कोने में 5G इंटरनेट सेवा दी जा रही है इसके बावजूद भी बारिश के मौसम में इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाती है क्या कारण है जो बारिश की बूंदे इंटरनेट की स्पीड को स्लो करती है इसका जवाब थोड़ा अलग है. हर इंटरनेट पर बारिश का एक जैसा असर नहीं होता.
बाकी में क्या बारिश से सच में इंटरनेट स्लो होता है यह एक सवाल ?
क्या हर बार इंटरनेट स्लो होने की वजह बारिश नहीं होती. घर में लगा Wi-Fi आमतौर पर सिर्फ बारिश की बूंदों की वजह से धीमा नहीं होता. कई घरों में इंटरनेट कनेक्शन में स्लो होने का कारण घर में कवर्ड करे हुए मकान के कमरे के कारण भी इंटरनेट स्लो हो जाता है कई बार परेशानी इंटरनेट कंपनी के बाहर वाले कनेक्शन में होती है. तेज बारिश और हवा की वजह से बाहर लगे तार या दूसरे सामान में परेशानी आ सकती है. इससे इंटरनेट की स्पीड कम हो सकती है या कुछ समय के लिए कनेक्शन बंद भी हो सकता है. तेज हवा आंधी और पानी की वजह से भी इंटरनेट सेवाओं में समस्याएं उत्पन्न होती है
इस समय भारत में 5G को लेकर कई कंपनियों ने बहुत बड़े-बड़े दावे किए हैं जैसे जिओ फाइबर केबल नेटवर्क एयरटेल फाइबर केबल नेटवर्क बीएसएनल फाइबर केबल नेटवर्क के अलावा भी कई कंपनियां शहरों में महानगरों में फाइबर केबल इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करा रही है इन कंपनियों के नेटवर्क की सेवा में समस्याओं का सामना उपभोक्ता को तो करना ही पड़ता है मगर कंपनी इस आशु विद्या के लिए उपभोक्ताओं को कोई एक्स्ट्रा सुविधा नहीं देती है
क्या बारिश की बूंदों का इंटरनेट पर क्या असर होता है?
कुछ इंटरनेट कनेक्शन वी-फी एवं डिवाइस की मदद से हवा मैं भेज कर चलते हैं इंटरनेट के भेजे जाने वाले सिग्नल की मदद से चलते हैं. ऐसे कनेक्शन पर तेज बारिश का असर पड़ सकता है. पानी की बूंदें सिग्नल को कमजोर कर सकती हैं. इसे आसान तरीके से ऐसे समझिए कि तेज बारिश में दूर की चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं. उसी तरह कुछ इंटरनेट सिग्नल को भी तेज बारिश में परेशानी हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश की हर बूंद इंटरनेट को रोक देती हैं. हल्की बारिश में आमतौर पर बड़ी परेशानी नहीं होती.
फाइबर केवल से इंटरनेट पर क्या असर पड़ता है?
अगर आपके घर में फाइबर केबल वाला इंटरनेट लगा है, तो बारिश का सीधा असर आमतौर पर बहुत कम होता है. इसमें इंटरनेट कनेक्शन में फाइबर केबल से फाइबर ऑप्टिकल के तार से कनेक्शन घर तक आता है. फिर भी अगर तेज बारिश के समय इंटरनेट बंद हो जाए, तो बाहर कहीं तार टूटने या इंटरनेट के दूसरे सामान खराबी के कारण परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में इंटरनेट कंपनी से बात करनी पड़ सकती है. ज्यादा तार इस तरह की समस्या लोकल ओवरहेड केबल टूटने के कारण आती है जिसका निराकरण कंपनी के लोकल के कर्मचारियों के द्वारा सुचारू रूप से चालू कर दिया जाता है उनको इसकी सूचना मिलते ही वह तत्काल ही फाइबर ऑप्टिकल तार को फाइबर ऑप्टिकल मशीन से जोड़कर इंटरनेट सेवाओं को सुचारू रूप से चालू कर देते हैं इसीलिए फाइबर ऑप्टिकल से जो घर में कनेक्शन दिए जाते हैं उसमें बहुत कम इंटरनेट की स्पीड की समस्या कम रहती है
बारिश में इंटरनेट स्लो हो तो क्या करें?
अगर बारिश के दौरान इंटरनेट धीमा हो जाए तो सबसे पहले राउटर को बंद करके कुछ समय बाद फिर चालू करें. इसके बाद मोबाइल या लैपटॉप में इंटरनेट चेक करें. अगर सिर्फ एक मोबाइल में इंटरनेट नहीं चल रहा है, तो परेशानी उस फोन में हो सकती है. लेकिन अगर घर के सभी मोबाइल और लैपटॉप में इंटरनेट धीमा है, तो समस्या Wi-Fi या बाहर के कनेक्शन में हो सकती है. अगर कई घंटे तक इंटरनेट ठीक नहीं होता है, तो अपनी इंटरनेट कंपनी से संपर्क करें और इंटरनेट स्लो की जानकारी दें
क्या हर बार बारिश में इंटरनेट स्लो होगा?
इंटरनेट की स्पीड में इंटरनेट की स्पीड में हर बार नहीं. हर बारिश में इंटरनेट स्लो होना जरूरी नहीं है. इंटरनेट पर अत्यधिक बारिश होने में इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है हल्की बारिश में आमतौर पर कोई बड़ी परेशानी नहीं होती. तेज बारिश, हवा और बाहर के कनेक्शन में खराबी की वजह से इंटरनेट में दिक्कत आ सकती है. इसलिए बारिश में इंटरनेट स्लो होने पर सिर्फ अपने Wi-Fi राउटर को दोष न दें. उपभोक्ता समझता है कि मेरा राउटर में कुछ समस्या है जिससे नेटवर्क सुचारू रूप से नहीं मिल पा रहा मगर कई बार परेशानी घर के बाहर के कनेक्शन में भी हो सकती है.

