बारिश का मौसम हो और छुट्टी का दिन हो तो सब का मन करता है की घर पर दाल वाटी भरता बनाये लेकिन अक्सर सभी ओवन मे वाटी बनाते है लेकिन कभी देशी स्वाद की वाटी भी बनाई है अगर नही बनाई है तो इस बर जरूर बनाइये आज हम लाए हैं दाल वाटी भरते की देशी रेसिपी तो चलिए बनाते है स्वादिष्ट देशी दाल वाटी भरता…….
स्वादिष्ट देशी दाल वाटी भरता रेसिपी…..
वाटी बनाने के लिए अवश्यक समाग्री :-
- 1 किलो गेहूं का आंटा दर्द्रा पीसा
- 50 ग्राम घी
- 1 टेवल स्पुन अजवाइन
- नमक स्वदानुसार
- पानी
दाल के लिए अवश्यक समाग्री :-
- 225 ग्राम दाल
- 1 टेवल स्पुन हल्दी पाउडर
- 2 टेवल स्पुन तेल
- 1 लीटर पानी
- 15 से 20 हरी मिर्च कटी
- 4 से 5 लाल मिर्च सुखी
- 5/6 कली लहसून बारिक कटी
- 1 छोटी पियाज़ कटी
- करी पत्ता
- 1 टेवल स्पुन जीरा
- नमक स्वदानुसार
- हरा धनिया बारिक कटा
बैगन के भूरते के लिए अवश्यक सामग्री :-
- 2 बड़े बैगन
- 10 /12 हरी मिर्च बारिक कटी
- 5/7 कली लहसून
- 2 बड़े पियाज़ कटे हुए
- 3 सुखी लाल मिर्च
- 1 टमाटर कटा हुआ
- कटा हुआ हरा धनिया
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- नमक स्वदानुसार
दाल बनाने की विधी :-
दाल बनाने के लिए सबसे पहले एक कुकर मे 1 लीटर पानी डालकर गेस पर रखे अब दाल को साफ करके धो लीजिये। अब दाल दो कुकर मे डालिये 1 टेबल स्पुन हल्दी पाउडर, 2 टेवल स्पुन तेल डाल कर ढकन लगाकर 8 सिटी लगाएंगे। अब दाल गल गई है ।
दाल बघरे :-
एक पेन मे 1 बड़ा चम्मच तेल डालिये तेल गरम हो जाए अब इसमे जीरा डालिये जीरा तड़क जाए सुखी लाल मिर्च के टुकड़े, बारिक कटा लहसून डालिये लहसून गोल्डन ब्राउन हो जाए अब इसमे पियाज़ और करी पत्ता डालिये । जब पियाज़ अच्छा सुनहेरी हो जाए इसमे बारिक कटी हरी मिर्च डालिये मिर्च तला जाए । अब इसमे उबली हुई दाल डालिये दाल अगर ज्यादा गाड़ी है तो इसमे थोड़ा पानी डाल सकते है। अब स्वदानुसार नमक डालिए । दाल को तीन उबाल आने तक अच्छी तरह से पकाएं अब कटा हुआ हरा धनिया डाल कर गेस बंद कर दीजिए आपकी दाल तैयार है।
बैगन का भरता बनाने की विधी :-
बैगन का भरता बनाने से पहले देख लीजिये की बैगन मे कीड़े तो नही है छेद् बाले बैगन न ले। बैगन को धो लीजिये अब बैगन मे छुरी से छेद कर एक एक कली लहसून फ़साये इससे बैगन का वादीपन दूर हो जाता है।
अब एक लोहे की कड़ाही ले उसमे लकड़ियां जलाये आग पर भुने भरते मे स्वाद ज्यादा आता है। जब लकड़ियाँ धुआँ छोड़ना कम कर दे। अब इसमे बैगन को रख कर भून ले। जब बैगन अच्छे से गल जाए इसके छिलको को निकाल कर बैगन को मसल लीजिये।
बैगन का भरता बघरे :-
अब एक कड़ाही मे 1 बड़ा चम्मच तेल डालिए तेल गरम हो जाए 1 टेवल स्पुन जीरा डालिये जीरा तड़क जाए अब बारिक कटा लहसून, सुखी लाल मिर्च के टुकड़े डालिये।लहसून गोल्डन ब्राउन हो जाए अब इसमे 2 बड़े पियाज़ कटे हुए डालिये पियाज़ सुनहेरी हो जाने पर अब इसमे बारिक कटी हरी मिर्च डालिये मिर्च तला जाए अब इसमे कटे हुए टमाटर डालिये टमाटर अच्छी तरह गल जाए अब इसमे बैगन का भुरता डालिये अब इसे तब तक भुने के भुरता कड़ाही छोड़ दे। अब इसमे बारिक कटा हरा धनिया दल कर चलाये और गेस बंद कर दीजिए । आपका बैगन का भरता तैयार है।
वाटी बनाने की विधी :-
वाटी बनाने के लिए सबसे पहले एक थली ले इसमे 1 किलो गेहूं का आटा लीजिये इसमे स्वदानुसार नमक डालिये अब नमक को हाथ से अच्छी तरह मिला लीजिये अब इसमे 1 कप असली घी मोयन के लिया डालिये।
अब आटे मे घी को हाथो से अच्छी तरह मिक्स करें की आटे मे गुठलियां न बने अब आटे को थोड़ा -थोड़ा पानी डालकर अच्छा कड़क गूँध लीजिये । अब आटे की गोल-गोल् वाटियाँ वना लीजिये।
वाटियों को सेकने की तैयारी :-
वाटियों को सेकने के लिए जिस कड़ाही मे भरता सेका था उसी कड़ाही मे कंडे जला लीजिये जब कंडे पुरी तरह से जल जाए इन पर वाटियों को रख कर सेक लीजिये। जब सारी वाटिया सीक जाए अब इन्हें उसी कंडे की राख् मे 10 मिनिट के लिए दबा दीजिए इससे वाटियां अच्छी तरह से सिक जाएगी। अब वाटियो को निकाल लीजिये। इन्हें काटन के कपड़े से अच्छी तरह से साफ कर लीजिये राख पुरी तरह से निकल जाए। अब आपकी वाटियाँ तैयार है इनमे असली घी लगाकर गरमा गरम दाल ओर भूरते तली हरी मिर्च के साथ सर्व करें।

