पावनसिटी हरदा
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हरदा- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सोमवार को आशा सुपरवाइजरों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु दर एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक दिनेश चौहान ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं एवं हाईरिस्क महिलाओं को प्रोटोकॉल के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रतिमाह 9 एवं 25 तारीख को प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान अनिवार्य चार जांचें सुनिश्चित की जाएं।
श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिन महिलाओं को आयरन सुक्रोज एवं एफसीएम लगाया जा रहा है, उनकी एंट्री पोर्टल पर अनिवार्य रूप से की जाए। जिन हाईरिस्क महिलाओं की प्रसव की संभावित तारीख निकट है, उन्हें प्रसव के 7 दिवस पूर्व ही स्वास्थ्य संस्था में बने बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराया जाए, ताकि सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।
उन्होंने सभी आशा सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के पंचायत सचिवों से संपर्क कर सभी गर्भवती महिलाओं की ई-केवाईसी एवं समग्र आईडी का कार्य पूर्ण कराएं, ताकि हितग्राहियों को समय पर भुगतान मिल सके।
वहीं जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर सुश्री सोनाली सेन ने कहा कि जिले में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु की गृह आधारित देखभाल अनिवार्य रूप से की जाए। पोर्टल पर डुप्लीकेट एंट्री न करें और यदि डुप्लीकेट एंट्री हो गई हो तो उसे डिलीट करवाएं।
सुश्री सेन ने कहा कि जिले में होने वाली समस्त मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु का वर्बल ऑटोप्सी चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। वर्बल ऑटोप्सी में मृत्यु का सही कारण उल्लेख करना अनिवार्य है। उन्होंने विकासखंड वार मातृ एवं शिशु मृत्यु की गहन समीक्षा भी की।
बैठक में तीनों विकासखंडों के ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर एवं जिले की समस्त आशा सुपरवाइजर उपस्थित रहीं।







