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Sunday, 8 November 2026
खंडवा

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को किशोर कुमार सभागृह सभागार शौर्य, सेवा और संकल्प की सजीव गाथा

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पावनसिटी समाचार पत्र खंडवा -मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को किशोर कुमार सभागृह सभागार में “लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन पर केंद्रित नाटक का भव्य मंचन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन एवं कलाकारों के स्वागत से हुआ।

इस अवसर पर अतिथि के रूप में पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, महापौर खंडवा श्रीमती अमृता यादव , निगम अध्यक्ष  अनिल विश्वकर्मा , खंडवा भाजपा महामंत्री  राजेश तिवारी एवं नाटक निर्देशक रंजना चितले उपस्थित थे। नाटक की अद्वितीय प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों को इतिहास के स्वर्णिम पन्नों से रूबरू कराया, बल्कि उन्हें साहस, सेवा और संकल्प की प्रेरणा भी दी। वरिष्ठ लेखिका रंजना चितले द्वारा लिखित, परिकल्पित और निर्देशित इस नाटक ने अहिल्याबाई के जीवन वृतांत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। नाटक में अहिल्याबाई के शौर्य, पराक्रम, अटूट संकल्प, समाज निर्माण के आदर्शों और जनकल्याणकारी कार्यों को बड़े प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।

नाटक में रचनात्मक सहयोग तानाजी राव का रहा, जबकि संगीत संयोजन श्रुति धर्मेश ने किया। प्रकाश परिकल्पना की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित, संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित कमल जैन द्वारा की गई। लगभग 90 मिनट की इस प्रस्तुति में लगभग 40 कलाकारों ने अभिनय कौशल दिखाया। नाटक में महाराष्ट्र की पोवाड़ा गायन शैली का प्रयोग किया गया। इस शैली को प्राचीन समय में युद्ध, पराक्रम और वीरता के प्रसंगों को गाने के लिए प्रयोग किया जाता था। पोवाड़ा के लयबद्ध उच्चारण, ढोलक की थाप और स्वर-संगति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नाटक के कलाकारों ने लोकमाता अहिल्याबाई के दृढ़ निश्चय, न्यायप्रियता और प्रजावत्सल, लोक हितकारी स्वभाव को जीवंत किया।

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