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Sunday, 8 November 2026
खंडवा

मालती की जान बचाई,जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने ऑपरेशन से लगभग 2 किलो वजनी गठान निकाल

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पावनसिटी खण्डवा
खण्डवा – खण्डवा जिले के ग्राम भावसिंगपुरा निवासी 35 वर्षीय मालती बाई पति ताराचंद पिछले काफी समय से असहनीय पेट दर्द और मूत्र रोग सम्बंधी समस्याओं से जूझ रही थी। प्रायवेट अस्पतालों में भी इलाज करवाने पर जब आराम नहीं मिला, तो परिजन उसे 12 जनवरी को श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय सह नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खंडवा में लेकर आए, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी डुडवे ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोनोग्राफी एवं अन्य सभी जांचे करवाई। सोनोग्राफी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पेट में 25 सेंटीमीटर लंबी गठान है। यह गांठ पेट में इतनी संवेदनशील जगह पर स्थित थी कि इसने यूरिनरी ट्रैक पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था जिससे उसकी स्थिति बिगड़ते जा रही थी। डॉ. लक्ष्मी डूडवे एवं उनकी टीम डॉ. शिक्षा, डॉ. रसना एवं निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. ऐश्वर्या की टीम ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया। ढाई घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद गठान को सफलता पूर्वक शरीर से बाहर निकाल दिया गया। उसके बाद एच.डी.यू. वार्ड में नर्सिंग इंचार्ज अंजलि काजले, संगीता एवं खतीजा ने निरंतर निगरानी की, जिसके कारण मालती की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। अब वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लक्ष्मी डुडवे ने बताया कि मालती लगभग एक वर्ष से असहनीय दर्द एवं अत्यधिक ब्लीडिंग से परेशान थी। अगर समय पर सर्जरी नहीं की जाती, तो किडनी एवं शरीर के अन्य अंगों में भी संक्रमण फैल सकता था, जो जानलेवा भी साबित हो सकता था।​ जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने 28 जनवरी को सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर लगभग 25 से.मी. की गठान निकाली, जिसका वजन 1 किलो 800 ग्राम है। मरीज मालती को 2 बोतल खून चढ़ाकर उसकी जान बचाई। फिलहाल मरीज की हालत ठीक है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। मालती के पति ताराचंद ने बताया कि हमें “आयुष्मान भारत योजना” के तहत जिला अस्पताल में सभी सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हुई । ताराचंद ने पत्नी मालती के बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर्स एवं स्टाफ की टीम का आभार व्यक्त किया है।

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