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Sunday, 8 November 2026
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Harda News : खुले बोरवेल के मामले में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्यवाही 25 हजार रू. तक जुर्माना

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Negligence in the case of open borewell
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Harda News : खुले हुए बोरवेल में बच्चों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जाएगी। ताकि नलकुप खुदवाने वालों की लापरवाही की वजह से होने वाली दर्दनाक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकें। भूस्वामियों द्वारा अपनी निजी जमीन पर ट्यूववेल तो करा लिया जाता है और उन्हें यूहीं खुला छोड़ दिया जाता है जिसकी वजह से कई हादसे हो चुके है इन हादसों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब बोरवेल खुला छोडऩे पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और 25 हजार रूपय तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

खुले हुए बोरवेल में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के निए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित सिसोनिया ने जिला पंचायत में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि खुले हुए बोरवेल में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम-2024 बनाया जा चुका है। इस अधिनियम में प्रावधान है कि बोरवेल (नलकूप) के ड्रिलिंग के समय ड्रिलिंग एजेंसी द्वारा समुचित सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने और दुर्घटना की स्थिति में ड्रिलिंग एजेंसी के साथ ही भूमि स्वामी के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खुले हुए बोरवेल (नलकूप) में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए, राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम-2024 बनाया गया है जो कि क्रियाशील हो चुका है। इस अधिनियम में यदि बोरवेल (नलकूप) के ड्रिलिंग के समय ड्रिलिंग एजेंसी द्वारा समुचित सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने और दुर्घटना की स्थिति में ड्रिलिंग एजेंसी के साथ ही भूमि स्वामी के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के प्रावधान हैं। कलेक्टर आदित्य सिंह ने जिले के सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये है कि अधिनियम के प्रावधानों का अपने-अपने क्षेत्र में सख्ती से पालन कराएं।

सुरक्षात्मक उपाय में लापरवाही पर 25 हजार तक का लगेगा जुर्माना

ड्रिलिंग एजेंसी एवं भूमि स्वामी खुले बोरवेल के मामले में यदि सुरक्षात्मक उपाय के निर्देश का अनुपालन करने में असफल रहते हैं तो प्रथम अपराध के लिए रूपए 10 हजार तक एवं प्रत्येक पश्चातवर्ती अपराध के लिए रूपए 25 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। साथ ही दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में दोषसिद्धि पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 100, 105, 106 तथा 110 के प्रावधान अनुसार दण्डित किया जाएगा। दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति के बचाव के लिए उपगत व्यय, ड्रिलिंग एजेंसी या भूमि स्वामी से वसूल किया जाएगा। इस अधिनियम के अधीन पारित किसी आदेश के विरुद्ध 30 दिन की अवधि में अपील की जा सकेगी।

निष्क्रिय बोरवेल को 3 माह के अंदर बंद करना होगा

अधिनियम अनुसार ड्रिलिंग एजेंसी को बोरवेल/नलकूप की ड्रिलिंग के पूर्व निर्धारित वेब पोर्टल पर डाटा भरकर ड्रिल करने के लिए अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी। ड्रिलिंग एजेंसी को ड्रिलिंग स्थल, भूमि स्वामी के संबंध में संपूर्ण जानकारी देना होगा। ड्रिलिंग के दौरान और उसके पूर्ण होने के बाद सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करना होगा। निष्क्रिय बोरवेल (नलकूप) को 3 माह के अंदर भूमि स्वामी द्वारा बंद करना होगा। भूमि स्वामी या ड्रिलिंग एजेंसी सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर बोरवेल(नलकूप) में कैप नहीं करते हैं तो कैप करने में उपगत व्यय वसूला जाएगा।

 

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