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Sunday, 8 November 2026
हरदा

Harda News : गड्ढो की मिसाल बनी हरदा जिले की सडक़े, सडक़ में गड्ढा है या गड्ढो में सडक़ समझना हुआ मुश्किल

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The roads of Harda district have become an example of potholes,
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Harda News : हरदा की सडक़ों की हालात बहुत खराब है जहां देखो गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते है। रहागीरों का रास्ता चलना मुश्किल हो जाता है। बरसात के दोनों में तो हालात और बद से बदतर हो जाते हैं। हरदा की मेंन सडक़ों की बात करें या गली मोहल्ले की सडक़ों की बात करें सबका एक जैसा ही हाल है। चारों तरफ गड्ढे के सिवा सडक़े तो कहीं नजर ही नहीं आती है। ये समझ में नहीं आता है सडक़ में गड्ढा है या गड्ढों मेें सडक़ है। सडक़ के नाम पर बस कंकड़ का डेर नजर आता है।

रहागीरों को रास्ता चलने में मुश्किल आती है । बुजर्गों बच्चों कातो यह बहुत ही बुरा हाल हो जाता है। बुजुर्गों को चलते नहीं बनता है। वह अगर ऐसी सडक़ों पर चलते हैं तो उनके पैरों में और तकलीफ होने लगती है। बच्चे भी ज्यादा से ज्यादा गिरते है। चोटिल हो जाते हैं। मेन सडक़ों की बात करें तो आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं एक्सीडेंट का कारण ज्यादा से ज्यादा गड्ढे ही रहते हैं।

बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण सडक़ पर चलने वाले वाहनों को गड्ढे नजर नहीं आते हैं और वो गड्ढो की गहराई को नहीं देखा पाते हैं जिसकी वजह से गड्ढे में गाड़ी के जाने से गाड़ी फिसल जाती है। और लोग हादसे का शिकार हो जाते है।

कई लोगों की तो इन हादसों में जान भी चली जाती है। और कई लोग इतने ज्यादा घायल हो जाते है आगे चलकर उनको अपनी सहेत को लेकर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग इन हादसो की वजह से अपाहिज हो जाते है। वो इतने ज्यादा घायल हो जाते हैं आगे की जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है। वैसे तो हमारे मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत कई सडक़ों का निर्माण हुआ है।

लेकिन ज्यादा से ज्यादा सडक़े कागजों पर ही बनाई गई है। गांव और शहरों का तो यह हाल है के वहां पर सडक़ों के नाम पर कीचड़ और और गड्ढे ही देखने को मिलते हैं। चारों तरफ मुरम डली हुई सडक़े नजर आती है। जिस पर चलना मुश्किल हो जाता है यहां तक की स्कूल के बच्चों के लिए भी स्कूल के मार्ग में कोई सडक़े नहीं बनाई गई है।

बारिश के दिनों में बच्चे कीचड़ में से होकर स्कूल जाने पर मजबूर हो जाते हैं। मेन सडक़ हो या गली मोहल्लों की सडक़े सब खस्ता हाल नजर आती है। अगर किसी बीमार इंसान को आटो से हॉस्पिटल तक ले जाना हो तो मरीज की हालत सडक़ो पर बने गड्ढों की वजह ज्यादा सीरियस हो जाती है।

लोगों के द्वारा बार बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कुछ सुनवाई होती भी है तो सिर्फ सडक़ो पर रिपेयरिंग के नाम पर टूटी-फूटी सडक़ो पर बस कुछ गड्ढो को पुर दिया जाता है। जो थोड़े ही दिनों में अपनी वर्तमान स्थिति पर पहुुंच जाती है। जिला प्रशासन को चाहिए लोगों इस समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करें। और ध्यान दें सडक़ो के निर्माण कार्य लेटलतीफी क्यों हो रही है।

अगर हमारे हरदा जिले की मेन और गली मोहल्लों की सडक़े अच्छी होगी तो इससे हमारे जिला का नाम रोशन होगा। साथ ही जिला वासियों को हो रही आये दिन की समस्या से भी निजात मिलेंगी। इस लिए जिला प्रशासन को इस विषय पर मौन नहीं रहना चाहिए। बल्कि लोगो को इस समस्या से जल्द से जल्द हल करने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।

सैयद शबाना अली
हरदा मध्यप्रदेश

 

 

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