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Sunday, 8 November 2026
हरदा

Harda News : हरदा में सब्जियों पर देखा जा रहा हैं महंगाई का असर, मंडी से जेब खाली लोट रहें लोग…

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The effect of inflation is seen on vegetables in Harda, people are returning from the market with empty pockets...
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Harda News : महंगाई से जहां आम जानता वैसे ही परेशान हैं। ऊपर से दिन प्रतिदिन सब्जियों के बढ़ते दाम ने लोगों को परेशान कर रखा हैं। हम हरदा सब्जी मंडी की बात करें तो कोई भी सब्जी यहां 60 से 100 रूपये प्रति किलों से कम नहीं मिल रही हैं। हरदा में सब्जियों के दाम इतने बढ़ गए है कि सब्जियों को खरीदना आम आदमी की पहुंच से बहार हो गया हैं।

एक दिन में 300 से 500 रूपये रोज कमाने वाले व्यक्ति के लिए सब्जी खरीदना आसान नहीं है। वैसे ही महंगाई ने लोगों की कमर तोडक़र रख दी है उस पर ये सब्जियों के दाम जले पर नमक का काम कर रहे है। आलू प्याज, टमाटर, फूलगोभी, भिंडी, तुरई चतुर फल्ली, करेला, बैगंन, शिमला मिर्च, हरी मिर्च नीबूं इतने महंगें हो गए हैं। आम आदमी उसको खरीदने बच रहा हैं।

आज टमाटर 100 रूपये से 120 रूपये प्रति किलो बिक रहा हैं। तो हरा धनियां तो इतनी मंहगी हो गई हैं। लोगों का रसोई का मनेजमेन्ट ही बिगढ़ गया हैं। दाल-चावल के भाव पहले ही इतने बड़ें हुए हैं। उस पर से सब्जियों बढ़ते दाम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहें हैं। फलों के भाव तो इतने बढ़ गये हैं। गरीब मजदूर वर्ग के लोगों के लिए सोना-चांदी खरीदने के बराबर हो गया हैं।

ऐसा नहीं हैं हरदा मंडी में सब्जियों की आवक कम हो रही हैं। इस वजह भाव बढ़े हैं। ज्ञात हो कि हरदा के आस-पास के गांवों में सब्जियों की खेती भी होती हैं। और छोटे किसान भी सब्जियां उगाते हैं। इसलिए हरदा में सब्जियों की कमी नहीं हैं। शहर में सब्जियों के दाम बढऩे के दो ही कारण देखें गए हैं। एक तो सब्जियां मंडी में आते ही अच्छे दाम की लालच में दलालों के द्वारा सब्जियां दूसरे शहर भेज दी जाती हैं।

इन्दौर भोपाल जैसे बड़े शहरों सब्जियां की सप्लाई की जाती जिससे वहां पर किमते ज्यादा मिलती हैं। हरदा के आस-पास के बड़े शहरों में भी सब्जियों की सप्लाई की जाती हैं। अब इस सबसे वहीं हाल हैं। हरदा वासियों का जैसे सब कहते हैं चिरांग तले अंधेरा। जैसे नर्मदा का पानी शहरों में सप्लाई होने से नर्मदा किनारें बसे लोग पानी के लिए तरसते हैं। वैसे ही हरदा शहर के लोग सब्जियों की भरपूर मात्रा होने पर भी सब्जियों की मंहगाई झेल रहे हैं।

दूसरा सबसे बड़ा करण सब्जी मंडी में मौजूद सब्जियों को बैचने वाले व्यापारियों की सोच भी हैं। अगर वो भोपाल इंदौर में सब्जियों के दाम बढऩे के बारे जान लेते है तो हरदा में भी सब्जियों के दाम बढ़ा दिये जाते हैं। वो ये नहीं सोचते वहां सब्जियों की आवक कम हो गई है। इस वजह से उनके दाम बढ़ गए हैं। वहां सब्जियों के ट्रांसपोर्ट की भी प्रॉब्लम रहती हैं। इसलिए वहां दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन हरदा में ऐसा कोई कारण नहीं जिससे सब्जियों के दामों को दिन प्रतिदिन बढ़ाया जाये। और आम जानता को परेशान किया जाएं।

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