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Sunday, 8 November 2026
हरदा

आलमपुर में बायो रिसर्च सेंटर की शुरुआत जैविक प्राकृतिक खेती जरूरी- कलेक्टर

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पावनसिटी हरदा

हरदा- कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का उपयोग हमारी कृषि भूमि को धीरे-धीरे बंजर बना रहा है, आज प्रत्येक किसान में जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति चेतना आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से खेतों में उत्पादकता कम हो रही है एवं रासायनिक अनाज व खाद्य सामग्री के उपयोग से बीमारियां बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक किसान को रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के उपयोग से दूरी बनाना जरूरी है। कलेक्टर श्री जैन शुक्रवार को जिले के ग्राम आलमपुर में आत्मा परियोजना तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन द्वारा कस्तूरी जैव संसाधन केंद्र में आयोजित प्राकृतिक/ जैविक कृषक संगोष्ठी सह कृषक उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान यहां बायो रिसर्च सेंटर का भी शुभारंभ किया गया।
अपने संबोधन में जैन ने आगे कहा कि जिले को प्राकृतिक/जैविक खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। जैविक उत्पाद विक्रय करने वाले कृषकों की जानकारी जिले की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी ताकि इन कृषकों को बेहतर मार्केट उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर कस्तूरी जैव संसाधन के संचालक डॉ. शिवनारायण चाचरे ने कहा कि मौजूदा समय में रासायनिक खेती के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। वर्तमान समय में खेती में जैविक/ प्राकृतिक पद्दति अपनाना समय की जरूरत है। जैविक खेती से उत्पादन में कमी नहीं आती। साथ ही इसकी लागत भी बहुत खर्चीली नहीं है‌। सभी किसान अपनी खेती के एक हिस्से में जैविक /प्राकृतिक खेती की शुरुआत जरूर करें। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के साथ- साथ पशुपालन अपनाना खेती की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गौ माता देश की निर्माता है, अतः सभी किसान गौपालन अवश्य करें। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे ने कहा कि जैविक/प्रकृति खेती अपनाने वाले किसानों को विभाग द्वारा पूरा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिले में 20 बायो रिसर्च सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिसमें से प्रत्येक को एक लाख रुपए भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा जैविक खेती अपनाने वाले कृषकों को चार चार हजार रुपए की सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग जिले को प्राकृतिक एवं जैविक खेती में अग्रणी बनाने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर कस्तूरी जैव संसाधन केंद्र द्वारा जैविक/ प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का कलेक्टर श्री जैन द्वारा अवलोकन किया गया। संगोष्ठी का संचालन सहायक संचालक कृषि श्री अखिलेश पटेल द्वारा किया गया। संगोष्ठी में जैविक कृषक श्री जय नारायण राय, उप सरपंच श्री अनिल फुलरे एवं बड़ी संख्या में जैविक कृषक मौजूद थे। संगोष्ठी में उपसंचालक पशुपालन श्री अजय रामटेके, लाल बहादुर शास्त्री वेटरनरी महाविद्यालय के संचालक श्री राजीव खरे ने भी हिस्सा लिया।

समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में एक माह का विस्तार

हरदा – मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण की अवधि एक माह और बढ़ा दी गई है। बकायादार उपभोक्ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्साह को देखते हुए योजना के प्रथम चरण की अवधि अब 31 जनवरी 2026 कर दी गई है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। कम्पनी ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा करके 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है।
समाधान योजना 2025-26 रू एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो कि 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो कि 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा, दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। पंजीयन हेतु अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नये साल में छोटे दुकानदारों को सौगात

मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक
हरदा -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।
श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है। श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

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