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Sunday, 8 November 2026
हरदा

Harda News : जरूरतमंदों को मिले उनका हक, आंगनवाड़ी का हो सुविधाजनक संचालन

3 min read
The needy should get their rights, Anganwadi should be run smoothly
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Harda News : मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ सुधार और उनको हर तरह की सुविधाएं देने के लिए आंगनवाड़ी क्रेन्दों की स्थापना की गई है। ताकि बच्चों और महिलाओं को तमाम सुविधाएं दी जा सकें। और उनकी हर समस्या को दूर किया जा सकें। इसके लिए हर जिले में आंगनवाड़ी केन्द्र बनाएं गए है। लेकिन इन आंगनवाडियों की अंदर का सच बहुत ही भयभाह है।

जो पौष्टिक अनाज और दवा गोली और बच्चों को देने के लिए दुध और अन्य चीजे इन आंगनवाड़ी केन्द्रों तक पहुंचती तो जरूर है। लेकिन ये जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती है। आंगनवाड़ी की संचालिकाएं इन चीजों को बच्चों और बुजुर्गों को नहीं देती है। कुछ बच्चों, बुजुर्गों चंद माहिलाओं तक ही ये सुविधाएं पहुंच पाती है। जो महिलाएं बुजुर्ग बार-बार जाकर मांगते तो तब जाके कुछ दिया जाता है।

अब कई बुजुर्ग तो इतने लचार होते है वो आंगनवाड़ी तक नहीं पहुंच पाते है ऐसे बुजुर्गोे को सरकार के द्वारा दी जा रही हर सुविधा से महेरूम रह जाते है। जबकि उन्हें जरूरत होती है। पौष्टिक आहार की भी और गोली दवा की भी। जो बच्चें आंगनवाड़ी पहुंच जाते है उन्हें अगर कुछ मिलता भी है तो खाने वाली संब्जियों और दाल में इतना पानी डाला जाता है कि पहचानना मुश्किल होता है। खाने का समान है या पीने का।

बच्चों को दु़ध के नाम पर पानी अधिक दिया जाता है। खीर में दुख कम पानी ज्यादा होता है। किराने के नाम पर बस मार्केट मिलने वाला अपौष्टिक पीसा खोपरा होता है। गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली हर महिने की मंहेगी दवाईयो को ये लोग बेच देती है। गरीब महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।

लड़कियों के लिए भी जो सुविधाएं दी जाती उन्हें नहीं दी जाती है। कोई शिकायत भी करता है तो उसकी सुनवाई नहीं होती है ऊपर से शिकायत करने वाले को दस बाते सुनाई जाती है। हमें खुद कितने बुजुर्गों,महिलाओं और लड़कियों ने बताया उनका नाम वार्ड की आंगनवाड़ी में है लेकिन फिर भी आज तक कोई सुविधा नहीं दी गई है। अगर कुछ मांगों तो कल आना परसों आने का जबाव मिलता है।

आंगनबाड़ी का सही संचालन बस एक दिन होता है जब कोई बड़ा अधिकारी इनके सरों पर आकर खड़ा हो जाता है। तब ये लोग कुछ चुंनिदा बच्चों और महिलाओं इख्टठा कर लेती है। इनको भी अंागनवाड़ी की साहिकाएं घर जाकर लेकर आती है सिर्फ आधिकारियों को दिखाने के लिए। बुजुर्गों को दी जाने वाली चीजों को ये उन तक नहीं पहुंने देती है। इनका ज्यादा वक्त खुद के घरों की तिजौरियां भरने में लगा होता है।

जिला प्रशासन ये आम जानता की यही अपील है कि वो कुछ ऐसा करें जिससे इन आंगनवाड़ी के्रंदों का संचालन अच्छे से हो सरकार द्वारा दी जा रही तमाम सुविधाएं जरूरतमंदों तक पहुंच पायें। क्योंकि गरीब बुजुर्गो महिलाओं बच्चों और लड़कियों को इन सब सुविधाओं की बहुत जरूरत है। जब सरकार ने उनके लिए योजनाएं बनाई तो उसका लाभ उन्हें मिल पायें।

सैयद शबाना अली
हरदा मध्यप्रदेश

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