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Sunday, 8 November 2026
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कलेक्टर छह माह के लिए आदतन अपराधी को जिला बदर आदेश जारी

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पावनसिटी समाचार झाबुआ

जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर नेहा मीना ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनावेदक रामसिंह उर्फ रमजु उर्फ राजु उर्फ रमजिया पिता जुवानसिंह मेडा निवासी ग्राम आमलीफलिया, थाना कोतवाली झाबुआ (वर्तमान पता वागनेरा, थाना कालीदेवी, जिला झाबुआ) के विरुद्ध जिला बदर आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार अनावेदक को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से छः माह की अवधि के लिए बाहर जाना होगा। साथ ही इस अवधि में बिना सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के उक्त प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
पुलिस अधीक्षक, जिला झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक वर्ष 2009 से निरंतर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। इसके विरुद्ध थाना झाबुआ एवं थाना कालीदेवी में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती की तैयारी, नकबजनी, छेड़छाड़, आगजनी, वाहन दुर्घटना, मारपीट एवं बलवा जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। अनावेदक के आपराधिक कृत्य सार्वजनिक व्यवस्था एवं लोक शांति को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाले पाए गए हैं।
अनावेदक की गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किए जाने के साथ-साथ गुण्डा फाइल भी खोली गई थी, किंतु इसके बावजूद उसकी आपराधिक प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि अपराधों में वृद्धि देखी गई। वर्तमान में अनावेदक के विरुद्ध कुल 26 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें से एक वर्ष के भीतर 4 नए अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। हाल ही में अनावेदक द्वारा जिला अस्पताल परिसर, झाबुआ में रात्रि के समय बंदूक से फायर कर गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनावेदक एवं उसके परिजनों की दबंग प्रवृत्ति एवं पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण व्याप्त है, जिससे आम नागरिक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने एवं न्यायालय में गवाही देने से कतराते हैं। अनावेदक एवं उसके परिवार द्वारा लगातार क्षेत्र की लोक शांति भंग कर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न की जा रही है।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट पाया गया कि यदि अनावेदक के विरुद्ध कठोर कार्यवाही नहीं की जाती, तो भविष्य में उसके द्वारा गंभीर घटनाएं घटित कर शांति व्यवस्था भंग किए जाने की पूर्ण संभावना है। इसी कारण मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत जिला बदर की कार्यवाही की गई है।

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