Skip to content
ताज़ा खबर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए, जांच के लिए भोपाल भेजेदीपावली पर्व को लेकर अधिकारियों ने पटाखा बाजारों का किया निरीक्षणधनतेरस के अवसर पर “स्वामित्व योजना” के तहत आवासीय अधिकारों के पंजीकृत कराएकृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण, बीज गुणवत्ता जांच के लिए नमूने लिएखंडवा, हरसूद एवं खालवा में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गएगुम इंसान, गुम बालक/बालिका एवं महिला अपराधोंलोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण – केंद्रीय राज्य मंत्री उइकेयुवा सृजन जन संवाद मे विद्यार्थियों ने किया थाना कोतवाली एवं पुलिस कंट्रोल रूम हरदा का भ्रमणस्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में आयोजित हुआ “जन सुरक्षा – युवा सृजन संवाद” कार्यक्रममुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत रहटगांव में शिविर आयोजित
8 Nov 2026 हरदा 19°C

ताज़ा ख़बरें हरदा से

Sunday, 8 November 2026
भोपाल

Bhopal News : मध्य प्रदेश में बनेगा बाघों का नया अशियाना रातापानी मेें बनाया जाएगा नया टाइगर रिजर्व केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति

3 min read
A new home for tigers will be built in Ratapani in Madhya Pradesh
Text Size:

Bhopal News : मध्य प्रदेश देश भर में अपने बाघों के लिए जाना जाता हैं। मध्य प्रदेश में कई टाइगर रिजर्व हैं जो देश भर में फेमस हैं। प्रदेश के लिए एक और खुशाी की खबर कि प्रदेश में एक और टाइगर रिजर्व को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक नया टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी में जुटा हुई थी। अब इस प्रस्ताव को क्रेंद सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसलिए रातापानी सेंचुरी में के्रद और राज्य सरकार मिलकर टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी कर रहें है।

मध्य प्रदेश कई टूरिस्ट प्लेस हैं जो काफी ज्यादा फेमस हैं। ज्यादा से ज्यादा टूरिस्ट यहां टाइगर देखने आते है। पुरे देश भर से नहीं विदेशों से भी लोग एमपी में टाइगर रिजर्व देखने आते है। ऐसे में पुरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है। एमपी एक ओर टाइगर रिजर्व बन रहा है। एमपी को टाइगर स्टेट भी कहा जाता है। यहां पर स्थित टाइगर रिजर्व में देश भर से सैलानी घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में इससे जुड़ी हुई एक अच्छी खबर सामने आई है।

रातापानी सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। बता दें कि जल्द ही रातापानी टाइगर रिजर्व से रूप में जाना जाएगा। इससे पर्यटन क्षेत्र में और बढ़ावा मिलेगा, साथ ही साथ रोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे। रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने की बहुत लम्बें समय से कोशिश की जा रही थी। ऐसे में अब इसे रिजर्व पार्क बनाने के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।

रातापानी की टाइगर रिजर्व बनाने की बात करें तो इसका प्रस्ताव बीते 16 साल पहले से पेंडिंग में था। जिसे अब मंजूरी मिली है। रातापानी के टाइगर रिजर्व बनने के बाद प्रदेश की राजधानी भोपाल को और ज्यादा पहचान मिलेगी, साथ ही साथ भोपाल और औबेदुल्लागंज को आर्थिक क्षेत्र में भी फायदा होगा। इस टाइगर रिजर्व को बनाने के लिए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत बजट देगी जबकि 40 प्रतिशत बजट राज्य सरकार के द्वारा दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश के टाइगर स्टेट कहा जाता है। यहां पर 7 टाइगर रिजर्व पहले से हैं, रातापानी के टाइगर रिजर्व बनने के बाद प्रदेश में 8 टाइगर रिजर्व हो जाएंगे। इससे बनने के बाद जहां एक तरफ पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा वहीं दूसरी तरफ रोजगार के क्षेत्र में भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रातापानी टाइगर रिजर्व भोपाल, सीहोर, रायसेन जिलों को जोडक़र बनाया जाएगा। इस समय मध्य प्रदेश के इन जिलों में टाइगर रिजर्व हैं, कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला जिले में है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम जिले में है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया जिले में है। संजय दुबरी टाइगर रिजर्व सीधी जिले में है। पन्ना टाइगर रिजर्व पन्ना जिले में है। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर, दमोह, नरसिंहपुर जिलों में है, पेंच टाइगर रिजर्व छिंदवाड़ा, सिवनी जिलों में है।

What do you think?