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Sunday, 8 November 2026
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नरवाई प्रबंधन के लिए कृषकों से अपील फसल अवशेष में आग लगाने से बचें, उन्नत यंत्रों का करें उपयोग

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हरदा। खरीफ मौसम की फसलों की कटाई का कार्य जिले में तेजी से जारी है। इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा कृषकों से अपील की गई है कि वे फसल कटाई के दौरान नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। बताया गया कि जिले एवं अन्य जिलों से आने वाले हार्वेस्टर मालिक/एजेंट अपनी मशीनों में एसएमएस (स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम) अनिवार्य रूप से लगाएं तथा फसलों की कटाई इसी के माध्यम से करें।

कृषक भाइयों से अनुरोध किया गया है कि कटाई उपरांत खेत में बचे फसल अवशेष (नरवाई) में आग न लगाएं, क्योंकि इससे मृदा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है। इसके स्थान पर हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर, रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाएं।

ऐसा करने से मृदा की उर्वराशक्ति बढ़ती है, सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार होता है और भूमि का उपजाऊपन लंबे समय तक बना रहता है। विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण और भूमि की सेहत के लिए नरवाई प्रबंधन के इस वैज्ञानिक तरीके को अपनाएं।

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