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Friday, 9 October 2026
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नेत्र दोष से पीड़ित विद्यार्थियों की जांच कर उनको चश्में उपलब्ध कराये जाएं स्कूलों में विद्यार्थियों को सभी विषयों की पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता हो

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पावनसिटी समाचार हरदा
शिक्षक विद्यार्थियों का होमवर्क जरूर जांचें एवं उनकी गलतियों को सुधरवाएं-कलेक्टर
कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने जिले के सभी स्कूलों में नेत्र दोष से पीड़ित विद्यार्थियों के नेत्रों की जांच कर उनको उपयुक्त चश्में प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा है कि नेत्र दोष से पीड़ित कोई भी विद्यार्थी जांच एवं चश्में की उपलब्धता से वंचित न रहे। शुक्रवार को आयोजित शिक्षा विभाग की बैठक में कलेक्टर ने निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण व्यवस्था के तहत स्कूलों में गणित विषय की अभ्यास पुस्तिका विद्यार्थियों तक नहीं पहुँचने के मामले को गंभीरता से लिया एवं कहा कि अविलम्ब उक्त अभ्यास पुस्तिकाएं विद्यार्थियों तक पहुँचाई जाएं। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी, जिला परियोजना समन्वयक बलवन्त सिंह पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह सहित जिले के शिक्षा विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित गुणात्मक सुधार लाने के लिये शिक्षकों को निरन्तर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों का होमवर्क जरूर जांचें एवं होमवर्क में जो गलतियां पाई जा रही हैं उनको सुधरवाएं। बैठक में कलेक्टर द्वारा विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही कहा गया कि शाला त्यागी बच्चों के शाला से बाहर रहने के कारणों को तलाशें एवं यथा सम्भव उन कारणों का निराकरण कर उन्हें स्कूल आने के लिये प्रेरित करें। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति भुगतान में लापरवाही न हो। उन्होने सभी स्कूलों में खेलकूद का एक कालखण्ड अवश्य आयोजित करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि स्कूलों में उपलब्ध खेलकूद सामग्री विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाए। ग्राम डेबराबंदी (गोलीढाना) में 4 लाख 41 हजार रूपये की लागत से प्राथमिक शाला भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिये भी बैठक में सहमति व्यक्त की गई। कलेक्टर ने ‘‘माय शिक्षक एप’’ पर ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिये। इसके अलावा शिक्षा विभाग अंतर्गत अनुकम्पा नियुक्ति एवं सेवा निवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। निःशुल्क स्कूटी प्रदाय योजना अंतर्गत जिले के पात्र 70 विद्यार्थियों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्कूटी वितरण कराने के भी निर्देश दिये गये। बैठक में जिले के करताना, खिरकिया एवं अबगांव कला में संचालित सांदीपनी विद्यालयों में आकांक्षी नामांकन के आधार पर आसपास के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रवेश कराये जाने की स्थिति की भी कलेक्टर द्वारा समीक्षा की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क सायकिल वितरण कार्य की प्रगति की भी कलेक्टर ने जानकारी ली।

कृषि विज्ञान केन्द्र में गाजर घास उन्मूलन सप्ताह के तहत विभिन्न गतिविधियों का हुआ आयोजन
कृषि विज्ञान केंद्र हरदा में 16 से 22 अगस्त तक गाजर घास उन्मूलन सप्ताह अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे ने बताया कि इस दौरान स्कूली बच्चों, महिलाओं, किसान और मजदूरों को इसके हानिकारक प्रभावों से परिचित कराया गया। यह बताया गया कि गाजर घास का पौधा हर तरह के वातावरण में उगने की क्षमता रखता है। यह हर तरह की भूमि में उग जाता है, चाहे वह भूमि जलमग्न हो या पथरीली, चाहे शुष्क हो। यह सभी स्थानों पर देखने को मिलते हैं। यह एक विषैला हानिकारक प्रकृति का खरपतवार है। इसके संपर्क में आने से त्वचा में चकत्ते हो जाते हैं। इसके पराग वायुमंडल में फैल कर संवेदनशील व्यक्तियों को अस्थमा श्वसन विकार आदि उत्पन्न कर सकते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में आने से कंजेक्टिवाइटिस और नेत्र संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही यह न केवल फसल की उत्पादकता को गंभीर रूप से घटाता है बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। पशुओं द्वारा इसके उपयोग से दूध की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके साथ ही गाजर घास एक बहुआयामी खतरा है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक एवं सतत प्रयास करने चाहिए।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों कुमारी जागृति बोरकर एवं डॉक्टर ओमप्रकाश भारती ने इसे समूल नष्ट करने के उपाय बताए है। उन्होने बताया कि खरपतवार को फूल आने से पहले नम भूमि से उखाड़ कर इकट्ठा करके जला देना चाहिए। खरपतवार नाशक जैसे ग्लाइफोसेट 2-4डी के प्रयोग से भी इसको नष्ट किया जा सकता है। साथ ही इसे जैविक नियंत्रण अंतर्गत मैक्सिकन बीटल से भी नष्ट किया जा सकता है। यह केवल गाजर घास के पत्तियों को ही खाता है। साथ ही चाकोड़ा को भी गाजर घास वाले स्थान पर डालने से कुछ समय उपरांत गाजर घास खत्म हो जाता है। इस कीड़े को प्राप्त करने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के खरपतवार अनुसंधान निदेशालय महाराजपुर जबलपुर से संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी हेतु कृषि विज्ञान केंद्र से भी संपर्क किया जा सकता है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति शर्मा के मार्गदर्शन में शुक्रवार को एस. एस. जी. बी. हायर सेकण्ड्री स्कूल हरदा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में न्यायाधीश एवं सचिव चंद्रशेखर राठौर ने बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना 2024 के तहत पॉक्सो एक्ट, मध्यप्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना, नालसा लैंगिक हमलों व अन्य अपराधों की पीड़िताओं सर्वाईवर्स महिलाओं के लिए प्रतिकर योजना, की जानकारी उपस्थितजनों को दी। उन्होने बताया कि इस विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जागरूकता बढ़ाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और बाल यौन शोषण बाल विवाह, बाल श्रम आदि के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए किया गया है।

न्यायाधीश एवं सचिव  राठौर ने बताया कि आमजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा या अन्य विधिक सेवा संस्थान में उपस्थित होकर अथवा पत्र के माध्यम से, नालसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर अथवा 15100 पर कॉल कर विधिक सहायता आसानी से प्राप्त कर सकते है। कानूनी मामलों में विविध सलाह एवं परामर्श विधिक परामर्श केन्द्र से पूर्णतः निःशुल्क है। शिविर में शिक्षकगण छात्र-छात्राएं एवं पैरालीगल वॉलेंटियर सुरेन्द्र कौर उपस्थित रहे।
इसी प्रकार गुरूवार को विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम एवं वनस्थली ऐकेडमी, हरदा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित न्यायाधीश एवं सचिव  राठौर ने उपस्थित वृद्धजनों को वृद्धाश्रम में आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी

मासिक सैनिक सम्मेलन 28 अगस्त को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, नर्मदापुरम कमाण्डर अनुराग सक्सेना (से.नि.) द्वारा मासिक सैनिक सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 28 अगस्त को प्रातः 11 बजे से मण्डी विश्राम गृह हरदा में आयोजित किया गया है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी श्री सक्सेना ने अनुरोध किया है कि जिला हरदा एवं उसकी सभी तहसीलों व ग्रामों के पूर्व सैनिक, विधवाओं एवं उनके आश्रित मासिक सैनिक सम्मेलन में उपस्थित होकर अपनी-अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।