दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की हार के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। दतिया में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि चुनाव नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है और टिकट नहीं मिलने से नाराज़ होकर अपने ही प्रत्याशी को हरवाया

दतिया उपचुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के खिलाफ काम करने वालों पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि भीतरघात करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हार से ज्यादा ‘अपनों’ ने दिया दर्द? हार जनता से नहीं, अपनों से मिली!

दतिया उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनावी हार स्वीकार करते हुए जनादेश का सम्मान किया है। हालांकि उन्होंने हार के पीछे भीतरघात का आरोप लगाया। तिवारी ने कहा कि जनता का फैसला उन्हें स्वीकार है, लेकिन संगठन के भीतर जो बातें हुईं, उन्हें पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। अब उनके इस बयान के बाद पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कोई दोषी होगी तो निश्चित तौर पर उसपे कार्रवाई की जाएगी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल- दतिया उपचुनाव में हार के बाद बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, करेंगे समीक्षा, बोले पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि

कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी -दतिया उपचुनाव में प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने 50 करोड रुपए चुनाव में लगाए उसके बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

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