पावनसिटी हरदा
कोतवाली पुलिस को मिली बड़ी सफलता
मृतक विश्राम गाठे निवासी रन्हाईकला की हत्या का 24 घंटे में खुलासा
मृतक के पुत्र कन्हैया गाठे (उम्र 18 वर्ष, निवासी रन्हाईकला) द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि कुछ लोगों ने सूचना दी कि उनके पिता विश्राम गाठे का मुकेश दोगने के खलिहान के गेट के सामने एक्सीडेंट हो गया है और वे घायल अवस्था में पड़े हैं।
सूचना पर मौके पर पहुंचकर देखा गया कि विश्राम गाठे के सिर, दाहिनी आंख एवं मुंह पर गंभीर चोटें थीं और खून बह रहा था। उन्हें तत्काल डायल 112 के माध्यम से जिला अस्पताल हरदा ले जाया गया, जहां डॉक्टर द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
रिपोर्ट पर मर्ग क्रमांक 20/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से प्राप्त जानकारी में स्पष्ट हुआ कि मृतक को आई चोटें एक्सीडेंट से नहीं हो सकतीं। इसके बाद मृतक के गांव से घटना स्थल तक एवं अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।
जांच में सामने आया कि दिनांक 14.04.2026 की रात मृतक के भांजे अजय बिल्लौरे को एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से आते-जाते देखा गया था। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया कि मृतक की पत्नी क्षमाबाई का अजय बिल्लौरे से पूर्व में संबंध था और उसका घर में आना-जाना भी रहता था। मृतक के पुत्र द्वारा भी अपने कथन में उक्त बातों की पुष्टि की गई।
उक्त तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपी अजय बिल्लौरे (उम्र 26 वर्ष, निवासी सामरधा मोहल्ला, ग्राम सोडलपुर, थाना टिमरनी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसका अपनी मामी क्षमाबाई से पिछले 6 वर्षों से संबंध था। इस बात से नाराज होकर मृतक विश्राम गाठे उसकी मामी के साथ मारपीट करते थे और उसे घर से बाहर जाने नहीं देते थे।
इसी कारण अजय बिल्लौरे ने अपने साथी सचिन निषोद (उम्र 23 वर्ष, निवासी कान्हा बाबा चौक, सोडलपुर, थाना टिमरनी के साथ मिलकर 14.04.2026 को हत्या की योजना बनाई।
रात करीब 8 बजे दोनों मोटरसाइकिल से रन्हाईकला पहुंचे और क्षमाबाई के फोन का इंतजार करने लगे। रात करीब 11 बजे फोन आने पर सूचना मिली कि विश्राम गाठे खलिहान की रखवाली के लिए निकले हैं।
इसके बाद दोनों आरोपियों ने मोटरसाइकिल से मृतक का पीछा किया। जैसे ही मृतक ने मुकेश दोगने के खलिहान के सामने मोटरसाइकिल रोकी, सचिन निषोद ने उन्हें पकड़ लिया और अजय बिल्लौरे ने लोहे के हथौड़े से सिर पर कई वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।
प्रकरण में दोनों आरोपियों अजय बिल्लौरे एवं सचिन निषोद को दिनांक 16.04.2026 को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय योगदान:
आरोपियों की पतारसी एवं गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक संतोष रघुवंशी, उपनिरीक्षक सोहन सिंह राजपूत, आरक्षक प्रदीप मालवीय, आरक्षक वीरेन्द्र राजपूत, आरक्षक सजन एवं आरक्षक शैलेन्द्र आरक्षक कमलेश परिहार साइबर सेल हरदा का विशेष योगदान रहा।

