पावनसिटी  हरदा

ज्ञानभारतम् मिशन में हो रहा है पाण्डुलिपियों का संरक्षण

मठ, मंदिर, संस्थाओं एवं निजी संग्रहणकर्ताओं से ज्ञान परम्परा के संरक्षण में सहयोग देने की अपील

हरदा – कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि मठ, मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में भी प्राचीन पाण्डुलिपियाँ विद्यमान है। हमारी सांस्कृतिक स्मृतियां, ज्ञान, परम्पराएं, विज्ञान और दर्शन पाण्डुलिपियों के रूप में अभी तक संरक्षित है। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी हैं। इस अमूल्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिये राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान भारतम् मिशन की शुरूआत की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 1950 से पहले की पाण्डुलिपियों का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत मंदिरों, मठों, आश्रमों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक व शोध संस्थाओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में ताड़पत्र, ताम्रपत्र, प्रस्तर, भोजपत्र, पोथियों आदि के रूप में विद्यमान पाण्डुलिपियों का संरक्षण होना है। हरदा जिला एतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक रूप से समृद्ध है, यहां धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कई परिवारों अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास भी पाण्डुलिपियाँ विद्यमान होने की संभावना है। हमारे देश की परम्परा को सुरक्षित रखने के इस राष्ट्रीय अभियान में सभी से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपेक्षा है।

पाण्डुलिपियों के संरक्षण के लिये जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति द्वारा ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण और उनकी अपलोडिंग की जा रही है। प्राचीन पाण्डुलिपि धारकों से आग्रह किया गया है कि वे उनके पास संरक्षित इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण करने में अपना सहयोग प्रदान करें। साथ ही उपलब्ध पाण्डुलिपियों का डिजीटल संरक्षण अवश्य कराएं।

 

वृद्धाश्रम में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दुर्व्यवहार दिवस

हरदा – कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन में जिले के स्थानीय वृद्धाश्रम परिसर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दुर्व्यवहार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में जिले से लगभग 100 से अधिक वरिष्ठ जनों ने सहभागिता की। उप संचालक सामाजिक न्याय श्री कमलेश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों पर हो रहे दुर्व्यवहार, अत्याचार, सोशल क्राइम, वित्तीय ठगी एवं शारीरिक, मानसिक, सामाजिक शोषण की रोकथाम को लेकर जागरूकता फैलाना है। इस अवसर पर विधिक जानकारी देने हेतु अतिथि के रूप में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स श्रीमती सुरेंद्र कौर उपस्थित रही। उन्होने वरिष्ठ जन अधिकार अधिनियम 2007 के नियम 2009 के अंतर्गत सभी भरण पोषण संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर पेंशनर संघ के अध्यक्ष श्री बी.आर. सगर एवं सार्थक सेवा आश्रय समिति के अध्यक्ष श्री बलराम काले उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि माह में एक बार माता- पिताओं का गेट टू गेदर होना अनिवार्य है। आप जिस भी सोसाइटी में रहते हैं, अपने वृद्धों को माह में एक बार आपस में मिलवाईये एवं असहाय वृद्ध जनों के लिए अनुकूल वातावरण बनायें। इसके अलावा कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग, जिले की स्वैच्छिक संस्थाएं, पेंशनर्स एसोसिएशन, वरिष्ठ नागरिक मंच एवं वृद्धाश्रम के कर्मचारी गण उपस्थित रहे

Leave a Reply