हरदा: खेड़ीपुरा में स्मार्ट मीटर लगाने का रहवासियों ने किया विरोध, विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने मौके पर पहुंचे, कार्य रुकवाया और लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा दिलाया।
शहर में जिन जगहों पर स्मार्ट मीटर लगे हैं वहां के निवासियों का भी कहना है कि उनके पुराने मीटर बिल से अधिक बिल स्मार्ट मीटर से आ रहा है और यह अंतर थोड़ा बहुत नहीं है यह अंतर 75% से 50% तक का अधिक बिल आ रहा है गरीब टपके के लोगों की रोज की दाल की मजदूरी करने वाले को बिजली बिल का झटका लग रहा है
मध्य प्रदेश शासन ने विद्युत कंपनी को प्राइवेट सेक्टर में ले जाकर उपभोक्ताओं के साथ बल के नाम पर आम जनता का जेब काट रही है और बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने जो ठेका लिया उनको इसका लाभ दिलाया जा रहा है इस इसका पूरे देश में विरोध किया जा रहा है मगर सरकार के दलालों को ठेका दिया हुआ है तो सरकार चुप्पी सादे हुए बैठी हुई है आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है विपक्ष के कुछ विधायक व नेता है जनता के लिए सड़क पर आकर उनकी समस्याओं के लिए लड़ते नजर आ रहे हैं मगर वह भी क्या कर सकते हैं नीचे से ऊपर तक सरकार सत्ता पक्ष की बैठी हुई है वह अपने ठेकेदार को दिया हुआ वादा पूरा करने में लगे हुए हैं उनको देश की जनता के साथ क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है उससे उनका कोई मतलब नहीं वह तो वोट के समय वोट खरीद कर अपनी सरकार बना लेते हैं और बाद में 5 साल तक उसे जनता को लूटने रहते हैं मध्य प्रदेश में वैसे भी घरेलू बिजली कनेक्शन के यूनिट की उन राज्यों की तुलना अधिक है हरदा शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए कोई भी उपभोक्ताओं से अनुमति नहीं ली गई और स्मार्ट मीटर लगा गए उपभोक्ता को भ्रमित किया गया कि आपके साथ मीटिंग नहीं लगाएंगे तो बाद में मीटर का चार्ज 10 से 15000 वसूला जाएगा इस तरह के उपभोक्ता को डरा धमका कर प्राइवेट ठेकेदारों ने शहर में लगभग 50% से अधिक स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं वह 50% उपभोक्ता इस समय बिजली बिल में ठगा सा महसूस कर रहे हैं क्या आम जनता की कोई सुनने वाला नहीं है प्रशासन भी विद्युत कंपनियों का पक्ष ले रही है प्रशासन को स्मार्ट मीटर की निष्पक्ष जांच करण कर उपभोक्ताओं को संतुष्ट करना चाहिए यदि स्मार्टर मीटर में कोई गड़बड़ी नहीं है तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और उपभोक्ता को भी अपने आप में ठग होने का शिकवा नहीं रहेगा
हरदा शहर के खेड़ीपुरा क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने का स्थानीय रहवासियों ने विरोध किया। नागरिकों ने मीटर लगाने को लेकर अपनी आपत्तियां और समस्याएं सामने रखते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की। सूचना मिलने पर हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने मौके पर पहुंचे और रहवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इसके बाद उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तत्काल रुकवा दिया। विधायक डॉ. दोगने ने कहा कि जनहित से जुड़े किसी भी निर्णय में स्थानीय नागरिकों की राय और समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए

