पावनसिटी हरदा
ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल परीक्षण किट उपलब्ध रहे
जनपद पंचायतों के सीईओ गांवों में पहुँचकर पेयजल की शुद्धता का निरीक्षण करें
वन अधिकार पट्टा धारियों को भी सुगमता से उर्वरक उपलब्ध हो
क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत की जाए
जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता – कलेक्टर
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बरसात के मौसम को दृष्टिगत समूचे जिले में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पर ध्यान देने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा है कि कहीं भी दूषित पेयजल की आपूर्ति न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त संख्या में पेयजल परीक्षण किट उपलब्ध रहें। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गांवों में पहुँचकर पेयजल की शुद्धता का निरीक्षण करें।
मंगलवार को आयोजित समयावधि अंकित पत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी दी जाए। वहीं वन क्षेत्रों में वनाधिकार पट्टा धारियों को भी सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहे। बैठक में उन्होने हरदा रन्हाईकला मार्ग, करताना नयागांव मार्ग, तजपुरा गंगेश्वरी मार्ग एवं टेमागांव कपासी मार्ग की मरम्मत करवाने के संबंधित सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। इसी तरह टिमरनी नगर में सड़क पर हुए गड्ढों की दुरूस्ती के लिये भी निर्देशित किया। बैठक में सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि समय सीमा में शिकायतों का सतुष्टिपूर्ण समाधान किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा श्री अशोक डेहरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव कुमार नागू, एसडीएम खिरकिया सुश्री शिवांगी बघेल सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
ज्ञानभारतम् मिशन के तहत तीन प्राचीन पाण्डुलिपियाँ पोर्टल पर अपलोड
हरदा – जिले में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत तीन प्राचीन पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् मोबाइल एप पर अपलोड किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हंडिया में उपलब्ध सिक्खों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह जी द्वारा गुरूवाणी में अंकित सनद, हरदा के जैन मंदिर में कन्नड़ भाषा में उपलब्ध त्रिलोक सार ग्रन्थ एवं ग्राम कुकरावद में स्व. सालिगराम बाबा द्वारा हस्त निर्मित कागज पर देवनागरी एवं संस्कृत भाषा में रचित सनातन धर्म, वैदिक अनुष्ठानों और पंचांग कर्म की विधियों से संबंधित पाण्डुलिपियों को इस पोर्टल पर अपलोड किया गया है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि मठ, मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में विद्यमान प्राचीन पाण्डुलिपियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी हैं। इस अमूल्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिये राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान भारतम् मिशन की शुरूआत की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 1950 से पहले की पाण्डुलिपियों का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। प्राचीन पाण्डुलिपि धारकों से आग्रह किया गया है कि वे उनके पास संरक्षित इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण करने में अपना सहयोग प्रदान करें। साथ ही उपलब्ध पाण्डुलिपियों का डिजीटल संरक्षण अवश्य कराएं।
कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम में आए नागरिकों की समस्याएं सुनी और उपस्थित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू, एसडीएम खिरकिया सुश्री शिवांगी बघेल सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
जनसुनवाई में हरदा निवासी सोनू नागराज ने कलेक्टर श्री जैन को आवेदन देकर संबल कार्ड बनवाने की मांग की, जिस पर उन्होने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदक की पात्रता का परीक्षण कर पात्रता अनुसार संबल कार्ड बनवाने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में सिराली निवासी सुशीला बाई ने मकान निर्माण की अनुमति प्राप्त करने के लिये आवेदन दिया, जिस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सिराली को आवेदिका की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। भोपाल निवासी राजेन्द्र सिंह राजपूत ने जनसुनवाई में तहसील कार्यालय रहटगांव में किराये से संलग्न वाहन का 9 माह से किराया भुगतान न होने के संबंध में शिकायत की, जिस पर तहसीलदार रहटगांव को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये।
जनसुनवाई में ग्राम बूंदड़ा निवासी ललित भायरे ने बेचे गये चने का भुगतान न होने के संबंध में शिकायत की, जिस पर जिला विपणन अधिकारी को मामले की जांच कर आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। ग्राम दामोदरपुरा निवासी निर्भय सिंह ने जनसुनवाई में आवेदन देकर चना तुलाई की राशि का भुगतान न होने के संबंध में शिकायत की, जिस पर उप संचालक कृषि को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये।
समान नागरिक संहिता पर अपने सुझाव दें अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक – कलेक्टर
समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं
हरदा- समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने अपील की है कि जिले के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव दें।
कलेक्टर ने कहा कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं। कोई भी व्यक्ति समान नागरिक संहिता की वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकता है। इसके अलावा जिले में आयोजित जनकल्याणकारी शिविरों में लगाये गये हेल्प डेस्क पर भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रेषित कर सकते हैं। कलेक्टर ने बताया कि पोर्टल पर सुझाव देने की प्रक्रिया बहुत सरल है। वेबसाइट के फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर अंकित करना है। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर हाँ या ना में दिया जाना है। मोबाइल ओटीपी से सत्यापित करने से सुझाव जमा हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित पृथक-पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं।
बारिश में सावधानी जरूर बरतें, बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने पर 1912 अथवा चैटवोट 0755-2551222 पर संपर्क करें
हरदा – आंधी-तूफान और बारिश जैसे मौसम में भी बिजलीकर्मी युद्ध स्तर पर काम करने में जुट जाते हैं। इस जोखिम भरे काम के लिए लाइनकर्मी इस बात को ध्यान में रखकर सुरक्षा उपकरणों के साथ ही खम्बे पर चढ़ते हैं। ऐसी स्थिति में विद्युत वितरण कंपनियों ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कंपनी या बिजली कर्मचारियों को दोष देने से बचें तथा बिजली की आपूर्ति बहाल करने किए जा रहे सुधार कार्य में सहयोग करें।
आंधी-तूफान और बारिश में विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध होने की घटना ज्यादा होती है। देर रात बिजली गुल होने के कुछ देर बाद आ जाती है। वैसे तो आधुनिकीकरण की दिशा में काम चल रहे हैं फिर भी बिजली की ओवर हेड लाइन का जाल ऐसा है कि उसे चालू अथवा बंद रखने के लिए लाइनकर्मी की ही जरूरत होती है। ऐसे मौसम में जब बिजली गुल होती है तो निश्चित ही अंधेरे में खुद की जान जोखिम में डालकर कोई लाइन कर्मचारी खम्बे पर चढ़ा होता है। यह बात उपभोक्ता को अपने जहन में रखना ही होगी। साथ ही बिजलीकर्मी द्वारा उठाए गए कदमों को समझना चाहिए।
बिजली के खम्बों में बिजली प्रवाहित न हो, इसके लिए सफेद रंग के इंसुलेटर खम्बे में लगे होते हैं। यह इंसुलेटर धूप अथवा बिजली प्रवाह के कारण गरम होते हैं, उन पर बारिश में पानी की एक बूंद पड़ते ही वह चटक जाते हैं और बिजली का प्रवाह खम्बे से जमीन पर उतरता है। इस दौरान तत्काल आटोमेटिक प्रणाली क्रियान्वित होकर फीडर बंद हो जाते हैं। यदि फीडर बंद न हुआ तो जानमाल की हानि होने की संभावना होती है। जब बिजली लाइन में अचानक कोई अवरोध होता है, उस समय बिजली उपकेन्द्र के कर्मचारी समीप के उपकेन्द्र से संपर्क कर उनके यहां बिजली आपूर्ति है या नहीं, इसकी जानकारी लेते हैं। बिजली आपूर्ति सुचारू होने की बात पक्की होने के बाद ही फीडर चालू किया जाता है। यदि फीडर बंद हुआ है तो उसे खराब घोषित किया जाता है।
फीडर में आई खराबी या फाल्ट को ढूंढना आसान नहीं होता है। आंधी-तूफान, बारिश और अंधेरे की परवाह न करते हुए खोज मुहिम हाथ में ली जाती है, कभी बंद पड़ी बिजली के सभी खम्बों की जांच करना पड़ती है और कभी-कभी गड़बड़ी कुछ खम्बों के बीच ही मिल जाती है। इसलिए उपभोक्ता धैर्य का परिचय देते हुए सुधार कार्य में जुटे अमले का सहयोग अवश्य करें।
बारिश के मौसम में रखें इन बातों का ध्यान
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बारिश के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो कई तरह के व्यवधानों से बचा जा सकता है। घर में एम.सी.बी. स्वीच जरूरी लगाना चाहिए, जिससे घर की बिजली प्रवाह में कोई गड़बड़ी होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है और जानमाल की हानि को टाला जा सकता है। हर घर में अर्थिंग होना चाहिए जिसकी समय-समय पर जांच करना चाहिए। जहां पर बिजली उपकरण रखे हैं वहां पर सीलन नहीं होनी चाहिए। उनकी वायरिंग गीली जगह पर नहीं होना चाहिए। इसे सुरक्षित होना चाहिए।
पशुपालक किसान भाई बारिश के मौसम में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अपने पशुओं को बिजली के खम्बों तथा स्टे वायर से नहीं बांधना चाहिए। आंधी तूफान के कारण कई जगह बिजली के तार टूटकर रास्ते पर आ जाते हैं, ऐसे में टूटे हुए बिजली के तारों को हाथ न लगाएं तत्काल बिजली कंपनी को सूचित करें । भैंसों के तबेलों के आसपास बिजली आपूर्ति के लिए खुली वायरिंग न हों, इसका भी ध्यान रखें। बिजली आपूर्ति अवरूद्ध होने पर 15 से 20 मिनिट रूककर ही बिजली कंपनी के काल सेंटर 1912 अथवा 0755-2551222 (वाट्सएप चैट वोट) या उपाय एप पर पर संपर्क करें ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला शुद्ध पेयजल जांच का प्रशिक्षण पीएचई विभाग ने फील्ड टेस्टिंग किट के साथ किया रजिस्ट्रेशन
हरदा _ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, हरदा द्वारा सोमवार को मांदला सेक्टर में जल गुणवत्ता निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से शुद्ध पेयजल की जांच करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें फील्ड टेस्टिंग किट का वितरण भी किया गया।
*(फोटो संलग्न)*
संपदा 1.0’ में लंबित दस्तावेजों का 3 दिन में निराकरण कराएं पक्षकार
हरदा – न्यायालय कलेक्टर ऑफ स्टाम्प एवं जिला पंजीयक ने बताया कि मार्च 2025 से ‘संपदा 2.0’ प्रभावशील होने के कारण अब ‘संपदा 1.0’ को ‘एण्ड ऑफ सपोर्ट’ तथा ‘एण्ड ऑफ लाइफ’ होने से बंद किया जा रहा है। उन्होने सूचित किया है कि जिले के सभी पक्षकार व सेवा प्रदाता जिनके दस्तावेज संपदा 1.0 में लंबित हैं, वे विज्ञप्ति प्रकाशित होने से तीन दिवस में कार्यालय में उपस्थित होकर अद्यतन स्थिति से मय दस्तावेजी साक्ष्य सहित अवगत कराएं। उन्होने स्पष्ट किया है कि तीन दिवस के बाद किसी भी प्रकार की कार्यवाही किया जाना संभव नहीं होगा। संपदा 1.0 बंद होने के बाद पुराने पोर्टल पर लंबित प्रकरण स्वतः समाप्त माने जाएंगे।

