पावनसिटी  हरदा

हरदा -मध्य प्रदेश शासन की मंशानुरूप एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत हरदा विकासखंड के ग्राम उड़ा में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी पर भव्य ‘बावड़ी महोत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा किया गया। आयोजन का उद्देश्य प्राचीन धरोहरों के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम के दौरान वर्षों पुरानी इस ऐतिहासिक बावड़ी को आकर्षक रंगोलियों एवं सैकड़ों दीपों से सजाया गया। दीपों की मनमोहक रोशनी से जगमगाती बावड़ी ने उपस्थित लोगों को प्राचीन गौरव और सांस्कृतिक विरासत का एहसास कराया। ग्राम उड़ा स्थित कालू बाबा समाधि स्थल पर निर्मित यह बावड़ी गांव की महत्वपूर्ण पहचान होने के साथ-साथ प्राचीन वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री संदीप गोहर ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 5 जून से 30 जून तक विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्थाओं, प्रस्फुटन समितियों एवं सीएमसीएलडीपी (CMCLDP) के विद्यार्थियों द्वारा संगोष्ठी, चौपाल बैठक, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली तथा दीवार लेखन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही श्रमदान के माध्यम से बावड़ियों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन धरोहरें हमारे इतिहास, संस्कृति और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिकता की दौड़ में इन धरोहरों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित हो सकें।

कार्यक्रम में श्री दर्शन सिंह गहलोत, श्री शिवनेरी, श्री राकेश वर्मा, श्री सुरेंद्र सिंह चौहान, श्री संजय ठाटे, श्री विक्रमादित्य टांक, श्री प्रहलाद नागवे, श्री अमित दुबे, श्री सियाराम गौर एवं श्री शांतिलाल विश्नोई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजन ने जल संरक्षण और धरोहर संरक्षण के प्रति लोगों में नई जागरूकता का संचार किया।

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