पावनसिटी हरदा
मध्य प्रदेश के पूर्व किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल जी पटेल का कार्यकाल हरदा जिले के लिए बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में बदलाव का समय माना जाता है। उनके नेतृत्व में “हर घर नल, हर खेत पानी और हर गांव सड़क” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
1. हर खेत को नर्मदा का जल: सिंचाई क्रांति
कमल जी पटेल के प्रयासों से हरदा जिले को शत-प्रतिशत सिंचित बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मोरंड-गंजाल सिंचाई परियोजना रही है, जिसे हाल ही में 426 करोड़ रुपये के निवेश के साथ गति मिली है।
लक्ष्य: इस परियोजना का उद्देश्य 201 गांवों के लगभग 1.60 लाख एकड़ क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है।
उद्वहन सिंचाई: शहीद दीप सिंह चौहान उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी पहुँचाने का कार्य किया गया।
पाइपलाइन सिंचाई: जिले के 118 गांवों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया गया ताकि किसानों को डीजल और पाइप बिछाने की अतिरिक्त लागत से बचाया जा सके।
2. हर घर नल-जल योजना
ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए कमल पटेल के कार्यकाल में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।
हरदा के नए जुड़े वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों की लागत से नल-जल योजनाएं स्वीकृत की गईं।
पेयजल योजनाओं के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को पानी के लिए होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिली है।
3. सड़कों का जाल और बेहतर कनेक्टिविटी
गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए सड़कों और पुलों का व्यापक निर्माण किया गया।
ग्रामीण सड़कें: विधानसभा क्षेत्र में लगभग 90 नई सड़कें और 22 पुल-पुलियाओं का निर्माण कर ग्रामीण परिवहन को सुगम बनाया गया है।
4. कृषि एवं मंडी सुधार
कृषि मंत्री के रूप में उन्होंने हरदा की कृषि उपज मंडी को एक मॉडल मंडी के रूप में विकसित किया। साथ ही, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तकनीक के उपयोग पर बल दिया।
किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सके इसके लिए अनेक फीटर पास करवा कर बिजली समस्या का निराकरण किया गया
कमल जी पटेल के इन प्रयासों ने न केवल हरदा को प्रदेश के विकसित जिलों की श्रेणी में लाकर खड़ा किया है, बल्कि यहाँ के किसानों और ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
क्या आप मोरंड-गंजाल सिंचाई परियोजना के उन विशिष्ट गांवों की सूची देखना चाहेंगे जिन्हें इस योजना से लाभ मिलने वाला है?

