पेड़ पौधे लगाएंगे हम, पृथ्वी को बचाएंगे हम‘‘ संकल्प के साथ
हरदा – म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा अरविंद रघुवंशी के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अंतर्गत पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला न्यायालय परिसर हरदा, डॉ. भीमराव अंबेडकर उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदा के बालिका छात्रावास, आंगनवाड़ी केन्द्र क्रं. 68 वार्ड क्रं. 17 हरदा में वृक्षारोपण सह विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया।
जिला न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निसार अहमद, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कपिल वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्रशेखर राठौर, न्यायाधीश एस.के. भदकारिया, न्यायाधीश प्रेमदीप शाह, न्यायाधीश श्रीमती चेतना रूसिया, जिला अधिवक्ता संघ, हरदा के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, सचिव शैलेन्द्र जोशी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण हरदा ने विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण किया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण की सुरक्षा और संवर्धन हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण को संरक्षित करने में सहायक है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और समग्र जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। वृक्षारोपण कार्यक्रम में अधिवक्ताओं और पक्षकारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने संकल्प लिया कि वे न केवल अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे, बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल का भी पूरा ध्यान रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन हेतु एक सामूहिक प्रतिज्ञा ली। वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन में न्यायालय प्रशासन, अधिवक्ता संघ, पैरालीगल वॉलेंटियर और पक्षकारों का सहयोग सराहनीय रहा।
शिविरों में उपस्थित न्यायाधीश व सचिव श्री चंद्रशेखर राठौर ने उपस्थितजनों को बताया गया कि धरती पर जीवन का आधार पर्यावरण है। स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी, हरे-भरे जंगल और जैव विविधता मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं। लेकिन बढ़ता प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन पर्यावरण को गंभीर संकट की ओर धकेल रहा है। यही कारण है कि हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से होती है। कुछ छोटे कदम बड़ा बदलाव ला सकते हैं, हर वर्ष कम से कम एक पेड़ लगाएं, सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करें, पानी और बिजली की बचत करें, सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग बढ़ाएं, कचरे को अलग-अलग करके रीसायक्लिंग को बढ़ावा दें, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में भाग लें।
शिविरों में बताया गया कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम/पॉक्सो एक्ट-2012, बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जागरूकता बढ़ाने, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा नालसा/सालसा की चल रही विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं एवं नालसा डॉन योजना, 2025 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा द्वारा नशा उन्मूलन हेतु शुरू की गई एक पहल है। इसका उद्देश्य, विशेष रूप से युवा व किशोरों में नशीले पदार्थों के उपयोग के विरूध्द जागरूकता बढ़ाना के बारे में लोगों को जागरूक करना है तथा टेली-मानस हेल्पलाईन नंबर 14416 एवं नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100 के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
शिविर आयोजन के उपरंात विभिन्न प्रजाति के फलदार व छायादार पौधोें का रोपण किया
शिविर में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष यादव, बालिका छात्रावास की अधीक्षक श्रीमती गुलाब उइके, श्रीमती बबीता (उमंग काउंसलर) शासकीय चिकित्सालय हरदा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिलाएं, बच्चे एवं श्रीमती पारूल काशिव, पैरालीगल वॉलेंटियर रेखा विश्नोई, पूजा राठौर उपस्थित रहे।

