मध्य प्रदेश के हरदा जिले के फरियादिया वर्षा यादव द्वारा थाना कोतवाली हरदा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह न्यू गुरुकृपा होटल के सामने से स्कूटी से अपने घर जा रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उसके गले में पहनी सोने की चैन पर झपट्टा मारा। झपट्टे के दौरान चैन टूटकर नीचे गिर गई तथा चैन में लगा सोने का लॉकेट (पेंडल) आरोपियों के हाथ में आ गया, जिसे लेकर वे मोटरसाइकिल से फरार हो गए। रिपोर्ट पर थाना कोतवाली हरदा में अपराध क्रमांक 375/26 धारा 304(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय हरदा एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय हरदा के निर्देशन तथा श्रीमान एसडीओपी महोदय हरदा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली हरदा के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश एवं पतारसी हेतु विशेष टीम गठित की गई।
विवेचना के दौरान हरदा शहर सहित अन्य जिलों के लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया तथा तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के नसरुल्लागंज क्षेत्र के होने की जानकारी प्राप्त हुई। उक्त आधार पर आरोपी अस्मित उर्फ आशु पिता दिलीप साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम चकल्दी, हाल निवासी गुप्ता कॉलोनी भेरूंदा, जिला सीहोर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए अपने साथियों नंदलाल उर्फ नंदू पिता अशोक जारवाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम जानसुर, थाना कांटाफोड़, जिला देवास तथा रोहित उर्फ रोहन पिता राजेश बिजोरिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम जानसुर, थाना कांटाफोड़, जिला देवास के साथ घटना करना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिनांक 02.06.2026 को वे हरदा शहर में घूम रहे थे। इसी दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चों के साथ स्कूटी से जाती दिखाई दी, जिसके गले में सोने की चैन थी। मौका देखकर मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे रोहित उर्फ रोहन ने महिला की चैन पर झपट्टा मारा, जिससे पूरी चैन हाथ में नहीं आई और केवल उसका सोने का पेंडल हाथ में आ गया। घटना के बाद दोनों आरोपी सीधे अस्मित उर्फ आशु के पास पहुंचे और छीना गया पेंडल उसे दे दिया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अस्मित उर्फ आशु दोनों आरोपियों को महिलाओं के गले से सोने की चैन अथवा अन्य सामान झपटकर लाने के लिए प्रेरित करता था तथा चोरी के माल को ठिकाने लगाने एवं बेचने की जिम्मेदारी स्वयं लेने का आश्वासन देता था। साथ ही वह अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी आरोपियों को उपलब्ध कराता था। उसके कहने पर ही दोनों आरोपी हरदा आए थे।
पुलिस द्वारा आरोपी नंदलाल उर्फ नंदू के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा आरोपी अस्मित उर्फ आशु के कब्जे से सोने का पेंडल जप्त किया गया। जप्त मशरूका में सोने का पेंडल कीमत लगभग ₹40,000 एवं मोटरसाइकिल कीमत लगभग ₹40,000, कुल मशरूका कीमत लगभग ₹80,000 है।
आरोपी नंदलाल उर्फ नंदू एवं रोहित उर्फ रोहन के विरुद्ध पूर्व में इंदौर एवं देवास जिलों में झपटमारी सहित अन्य आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होना पाए गए हैं।
उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी एवं प्रकरण के सफल अनावरण मे सुरेन्द्र श्रीवास्तव, हरिप्रसाद पटेल, आरक्षक प्रदीप मालवीय, आरक्षक बीरेंद्र राजपूत तथा साइबर सेल के आरक्षक कमलेश सिंह परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

