हरदा – भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा फिट इंडिया मिशन के तहत रविवार को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर जिलेभर में “संडे ऑन साइकिल” अभियान आयोजित किया गया।

इसी क्रम में जिला स्तरीय साइकिल रैली का आयोजन घंटाघर क्षेत्र से किया गया। रैली को जिला शिक्षा अधिकारी श्री डी.एस. रघुवंशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उप संचालक सामाजिक न्याय श्री कमलेश सिंह सहित अन्य जिला अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ब्लॉक समन्वयक सुश्री सलमा खान ने बताया कि यह जागरूकता रैली घंटाघर से प्रारंभ होकर चांडक चौराहा, पोस्ट ऑफिस चौक, परशुराम चौक, काली मंदिर, सनफ्लावर स्कूल मार्ग से होते हुए नेहरू स्टेडियम हरदा के गेट क्रमांक-4 पर समाप्त हुई।

विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित इस रैली का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और साइकिल के नियमित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। “फिट इंडिया मिशन” के तहत लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली में शामिल युवाओं और नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लेकर स्वस्थ भारत के निर्माण का संदेश दिया

 

प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी की होगी अपनी विशिष्ट अपार आईडी

विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड रहेंगे डिजिटल रूप से सुरक्षित, प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान शुरू

प्रत्‍येक शनिवार को स्‍कूलों में मेगा अपार दिवस का आयोजन

हरदा – प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा।

प्रदेश में 1 करोड 39 लाख से अधिक स्‍कूली विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी

स्‍कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा।

प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्‍कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्‍कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।

अपार आईडी के लाभ

अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्‍टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है।

विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्‍त लोक शिक्षण और संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने मई माह में संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से सभी जिला कलेक्‍टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है।

स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार ‘‘अपार’’ आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्‍ध कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा यूडाइस$ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।

जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्था

विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया  सरल एवं सुगम बनाने के लिए जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विद्यार्थी निर्धारित मेगा दिवस इन स्थलों पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं।

अपार आईडी निर्माण के लिए स्कूल के प्रधानाध्‍यापक होंगे उत्‍तरदायी

विद्यार्थियों को अपार आईडी पंजीयन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्‍तरदायी होंगे।

क्‍या है अपार आईडी

अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है।

भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस के लिये मध्‍यप्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्‍कूलों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।

 

ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु पंजीयन प्रारंभ

हरदा – म.प्र. शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल से जारी निर्देश अनुसार भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) की ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन 15 जून 2026 तक किया जाएगा।

निर्देशानुसार खरीदी केन्द्रों पर उपज विक्रय से पूर्व कृषकों की वास्तविक पहचान हेतु आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई कृषक स्वयं खरीदी केन्द्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अपनी फसल विक्रय हेतु पंजीयन के समय अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम एवं आधार नंबर दर्ज करा सकेगा। अधिकृत व्यक्ति किसान की उपज खरीदी केन्द्र पर लाकर विक्रय कर सकेंगे। ऐसे अधिकृत व्यक्तियों का भी आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। उपज का भुगतान केवल पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा।

निर्देशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन कृषकों के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर सकेगा। जिला उपार्जन समिति द्वारा जिले में 48 पंजीयन केन्द्र ई-उपार्जन पोर्टल पर स्थापित किए गए हैं। साथ ही 50 सीएससी व एमपी ऑनलाइन सेंटर है। कृषक भाइयों से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित समयावधि में अपनी फसल का पंजीयन अवश्य कराएं। पंजीयन में किसी प्रकार की समस्या आने पर श्री तुलसीराम बरबड़े तकनीकी सहायक से सम्पर्क कर सकते हैं।

 

जिले में ‘ई-विकास’ पोर्टल से किया जा रहा खाद वितरण

किसानों के लिए फार्मर आई.डी. अनिवार्य

हरदा – जिले में 15 जनवरी 2026 से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली पोर्टल से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे ने किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि उर्वरक क्रय करने हेतु फार्मर आई.डी. अनिवार्य है। जिन किसानों की फार्मर आई.डी. जनरेट नहीं हुई है, वे तुरंत अपने हल्का पटवारी से संपर्क कर फार्मर आई.डी. बनवा लें। फार्मर आई.डी. होने से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से सुगमता से उर्वरक क्रय किया जा सकेगा। वर्तमान में ई-विकास प्रणाली पोर्टल पर वन अधिकार पट्टा, राजस्व पट्टा, सिकमी किसान, धार्मिक ट्रस्ट, मृत किसान, फार्मर आई.डी. नही है, एग्रीकल्चर फार्म/केवीके/युनिवर्सिटी तथा असक्षम किसान आप्शन प्रदर्शित हो रहे है।

 

मार्च 2027 के पहले सोलर लगवायें, सब्सिडी का लाभ पायें

व्हाट्सऐप चैटबॉट ‘‘सोलर चाचा’’ बतायेंगे लाभ लेने के तरीके

प्रदेश के 2 लाख उपभोक्ता हो चुके हैं नामांकित

हरदा- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर बिजली उपभोक्ता अपने घर के बिजली बिल में अप्रत्याशित कमी ला सकते हैं। उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मार्च 2027 के पहले तक मिलेगा। मार्च 2027 तक घरों की छत पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता पहले ही इस योजना में नामांकित हो चुके है।

मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के डिजिटली प्रचार-प्रसार के लिये व्हाट्सऐप चैटबॉट ‘‘सोलर चाचा’’ शुरू किया गया है। ऐप के माध्यम से हितग्राही योजना से संबंधित समस्त प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अपने घर के बिजली बिल को कम करने के लिये सोलर चाचा आपकी मदद के लिये तत्पर है। इसकी मदद से आज ही अपना सोलर सफर शुरू करने के लिए क्यू कोड को स्कैन करें अथवा 8815107640 नंबर पर ‘‘हेलो’’ भेजें।

 

प्रदेश की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी पहुँची 85 हजार एमवीए के पार

हरदा – प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी कुल ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी को 85,000 एमवीए के पार पहुँचा दिया है। अब मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 85284 एम वी ए की हो गई है  इस उपलब्धि में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400 केवी सबस्टेशन बीना में 315 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना एवं उसके सफल ऊर्जीकरण का योगदान रहा है।

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास तथा विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि की गई है जो अब बढकर 1260 एम वी ए की हो गई है।

ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई

ऊर्जा मंत्री श्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता का 85,000 एमवीए के आंकड़े को पार करना ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के सभी बिजली कर्मियों, अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी लगन, तकनीकी दक्षता और समर्पित कार्यशैली का परिणाम है।

प्रदेश की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी पहुंची 85 हजार के पार

एम पी ट्रांसको के पास वर्तमान में कुल 85248 एमवीए ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी हो गई है। कंपनी के नेटवर्क में कुल 1,052 अति उच्च वोल्टेज पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनमें 400 केवी के 41, 220 केवी के 220 तथा 132 केवी के 791 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी द्वारा 43,079 सर्किट किलोमीटर लंबी अति उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में कंपनी के कुल 417 सबस्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सबस्टेशन शामिल हैं।

 

मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 9 प्रकरण दर्ज

हरदा – कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन के निर्देशन व जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग के दल नेे गत दिवस मदिरा के अवैध विक्रय, परिवहन व संग्रहण के विरूद्ध कार्यवाही की। जिला आबकारी अधिकारी श्री सुनील भोजने ने बताया कि इस दौरान आबकारी विभाग के दल ने जिले के टंकी मोहल्ला, बैरागढ़, ग्राम सुल्तानपुर, जिनवान्या, बालागांव, शिरी, कुकरावद में दबिश दी। दबिश के दौरान कुल 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब एवं 490 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त कर आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कुल 9 प्रकरण दर्ज किये। जप्त मुद्देमाल का अनुानित बाजार मूल्य 54 हजार रूपये है।

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