Gazal : रू-ब-रू हमेशा तेरा साया था…
रू-ब-रू हमेशा तेरा साया था, पास हमारे न इसके सिवा कुछ वकाया था, यादे बस साथ थी तेरी, तेरे सिवा…
Gazal : काटो को मुस्कुराने का हक नहीं होता…
काटो को मुस्कुराने का हक नहीं होता, चिलमन में छुपा लेते है वो चहेरा अपना, क्योंकि आईने को चहेरा छुपाने…
Gazal : ये वो दर्द है जो छुपाया नहीं जा सकता…
महोब्बत जिससे की जाती है उसे इस तरह भुलाया नहीं जा सकता, ये वो दर्द है जो छुपाया नहीं जा…
