पावनसिटी

AICC कम्युनिकेशंस टीम देशभर की 27 सीटों पर चला रही अभियान

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के कम्युनिकेशंस विभाग की राष्ट्रीय प्रवक्ता अवनि बंसल ने आज शाम 5 बजे प्रेस क्लब, नागपुर में महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस AICC कम्युनिकेशंस विभाग द्वारा देशभर की 27 सीटों पर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। AICC कम्युनिकेशंस विभाग का नेतृत्व जयराम रमेश जी कर रहे हैं।

इस अवसर पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन
सपकाल जी तथा नागपुर पश्चिम के विधायक विकास ठाकरे जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस कमेटी नागपुर के उपाध्यक्ष दिनेश बाना बकोडे जी, नगर निगम नागपुर में विपक्ष के नेता एवं विरोधी पक्ष नेता संजय महाकालकर जी, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस नागपुर कुंदा रावत जी, महिला कांग्रेस सिटी की जिला अध्यक्ष संगीता तलमले जी, प्रदेश अध्यक्ष व्यापारी प्रकोष्ठ अतुल कोटेचा जी, पीसीसी के महासचिव संदेश सिंघलकर जी तथा चंद्रपुर प्रभारी मुजीब पठान जी उपस्थित रहे।

अवनि बंसल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक वर्ष 2023 में कांग्रेस और पूरे विपक्ष के समर्थन से पारित हुआ था, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है, तो महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहली बार राज्यसभा में पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सका था। वर्ष 2014 में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद प्रियंका गांधी जी और राहुल गांधी जी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण लागू करने की मांग की, लेकिन इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया गया।

अवनि बंसल ने प्रश्न उठाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे को परिसीमन (Delimitation) जैसे जटिल संवैधानिक विषय से जोड़ने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि परिसीमन के लिए जनगणना और व्यापक परामर्श आवश्यक है, जिसमें सभी हितधारकों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। उन्होंने 16, 17 और 18 अप्रैल को बुलाए गए विशेष संसद सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में गंभीर है, तो वर्तमान 543 सीटों के आधार पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार “मेरी मर्जी” की नीति पर काम कर रही है।

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने पूछा कि आज तक संघ ने अपने मुख्य संगठन में महिलाओं को क्यों शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों के मुद्दों पर तब मौन रहती है जब हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने की बात आती है या जब महिला खिलाड़ियों ने सड़क पर उतरकर ब्रज भूषण सिंह को हटाने की मांग की थी।

अवनि बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का महिलाओं के अधिकारों को लेकर मजबूत इतिहास रहा है। 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के माध्यम से नगर पालिका और पंचायत स्तर पर 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 15 लाख महिलाएं निर्वाचित हुईं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के बाद 2021 में जनगणना होनी चाहिए थी, लेकिन भाजपा सरकार ने छह वर्षों तक जनगणना टाल दी। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा सरकार OBC महिलाओं को आरक्षण देने से बचना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए तथा SC, ST के साथ-साथ OBC महिलाओं को भी एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण आधी आबादी का अधिकार है, यह दया नहीं बल्कि अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने सभी महिलाओं से राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।

अवनि बंसल ने कहा कि वर्ष 1920 में नागपुर अधिवेशन में महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस ने देशव्यापी जन आंदोलन की शुरुआत की थी और आज इतिहास एक तरह से पूरा चक्र पूरा कर रहा है। कांग्रेस एक बार फिर सड़कों पर, जनता के बीच, संसद में और न्यायालयों में हर संभव मंच पर महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि देश की महिलाओं को उनका अधिकार मिले।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर महिलाओं के बीच जाएगी, जनजागरण अभियान चलाएगी और आंदोलन की गति को और तेज करेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा को महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति बंद कर इसे तुरंत लागू करना चाहिए।

Leave a Reply