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Sunday, 8 November 2026
राष्ट्रीय

फिल्मी थ्रिलर की तरह महिला IPS सलवार सूट पहने अकेली खड़ी हुई,एक आम मुसाफिर बनकर आधी रात के बाद दिलसुखनगर बस स्टैंड पहुंच गईं

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भारत के महानगर हैदराबाद की सड़कों पर देर रात सफर करने वाली महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं, इसकी हकीकत जानने के लिए मल्काजगिरी की पुलिस आयुक्त (CP) वी. सुमति ने खुद मोर्चा संभाला। किसी फिल्मी थ्रिलर की तरह महिला अफसर सादे कपड़ों में एक आम मुसाफिर बनकर आधी रात के बाद दिलसुखनगर बस स्टैंड पहुंच गईं। रात 12:30 बजे से तड़के 3:30 बजे तक चले इस अंडरकवर ऑपरेशन में जो तस्वीर सामने आई, वो वाकई चौंकाने वाली थी। महज तीन घंटों के भीतर करीब 40 पुरुष अकेले खड़ी महिला अधिकारी के पास पहुंचे, जिनमें नशेड़ियों से लेकर छात्र और नौकरीपेशा युवक तक शामिल थे।

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस की एक विशेष टीम सादे कपड़ों में थोड़ी दूरी पर तैनात थी, जो हर हरकत पर नजर रख रही थी। जैसे ही कुछ लोगों ने अधिकारी के साथ बदतमीजी, छेड़छाड़ या संदिग्ध व्यवहार करने की कोशिश की, घेराबंदी कर उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए लोगों में से कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि कुछ की काउंसलिंग कर उन्हें महिलाओं के प्रति मर्यादित व्यवहार की सीख दी गई। इस साहसी कदम का मकसद शहर के असुरक्षित हॉटस्पॉट्स की पहचान करना और रात में पुलिस गश्त की जमीनी हकीकत को परखना था।

 

हैदराबाद पुलिस का यह कड़ा संदेश साफ है कि वर्दी चाहे सामने न दिख रही हो, लेकिन अपराधियों पर पैनी नजर हर वक्त बनी हुई है। महिला अधिकारी के इस ‘स्ट्रीट टेस्ट’ ने न केवल सिस्टम की कमियों को उजागर किया है, बल्कि उन लोगों के मन में खौफ भी भर दिया है जो रात के अंधेरे में महिलाओं को अकेला पाकर उन्हें परेशान करने का मौका तलाशते हैं। पुलिस अब इस डेटा का इस्तेमाल शहर के चप्पे-चप्पे को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने और सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करने के लिए करेगी।

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