पावनसिटी खण्डवा
खण्डवा – जिले के सभी कृषकों एवं बीज विक्रेताओं को अवगत कराया जाता है कि बीज का क्रय व विक्रय केवल पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य पर ही किया जाए। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बीज विक्रय किया जाना नियमों के विरुद्ध है तथा ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपसंचालक कृषि श्री नितेश यादव ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा जिले में संचालित बीज विक्रय प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। सभी बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी दुकानों पर सभी फसलों के बीज की मूल्य सूची प्रदर्शित करें तथा बीज विक्रय पर कृषकों को अनिवार्य रूप से पक्का बिल प्रदान करें। विक्रेताओं द्वारा अधिक मूल्य वसूली, बिना बिल विक्रय, भ्रामक प्रचार प्रसार अथवा अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपसंचालक कृषि श्री यादव ने जिले के कृषकों से आग्रह किया है कि बीज क्रय करते समय पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य, बैच नंबर, वैधता अवधि एवं अन्य विवरणों की जांच अवश्य करें तथा विक्रेता से पक्का बिल आवश्यक रूप से प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है अथवा बिल देने से इंकार करता है, तो इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दें। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड खंडवा, श्री दिनेश सोलंकी मो.न. 7400982511, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड छैगांवमाखन, श्री मंगलेश पटेल मो.न. 7400982584, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड पंधाना, श्री दिनेश कुमार निगवाले मो.न. 7400982568, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड पुनासा, श्री नारायण सिंह कनासिया मो.न. 7400982540, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड हरसूद, श्री के. एल. कनासे मो.न. 7400982550, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड खालवा, श्री गोरेलाल वास्कले मो.न. 9285471918, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड बलड़ी, श्री दिनेश चौहान मो.न. 9826771336 के मोबाइल नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा निकटतम कृषि कार्यालय या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय में भी किसान भाई अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उप संचालक कृषि श्री नितेश कुमार यादव ने किसानों से अपील की है कि मौसम की अनिश्चिता के कारण कभी-कभी एक ही फसल व किस्म लगाने से अतिवृष्टि, अवर्षा, कीटव्याधि का प्रकोप आदि कारणों से फसल चौपट हो जाती है एवं कृषकों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। सोयाबीन के अलावा कपास, ज्वार, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर आदि फसलों की बोनी कर बहुफसलीय पद्वति को अपनाएं, ताकि जैव विविधता बनी रहे एवं मौसम कीटव्याधि से एक फसल खराब होने पर दूसरी फसल पर लाभ प्राप्त हो सकें एवं पर्यावरण सुधार में मदद हो सके।
उन्होंने बताया कि जिले के कृषकों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा नियमित रूप से कृषि आदानो का निरीक्षण किया जा रहा है तथा खाद एवं बीज के नमूने भी लिए जा रहे हैं, आज दिनांक तक उर्वरक के 106 तथा बीज के 198 नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला को भेजे गए हैं। अमानक पाए जाने पर अधिनियम अनुसार कार्यवाही की जावेगी।
किसान भाइयों से अपील है कि उचित समय, उचित नमी एवं अनुशंसित बीज दर का पालन करें। विभाग किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा कृषकों के हितों की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध है। किसानों से अपील है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही बीज क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल विभाग को दें।

