पावनसिटी खंडवा
खंडवा – “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान” के तहत् मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उनकी प्रसव पूर्व जांच की जाती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की 9 एवं 25 तारीख को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्त्री रोग विशेषज्ञ व चिकित्सको द्वारा गर्भवति एवं हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार किया जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ. पी. जुगतावत ने बताया कि इसी क्रम में गुरूवार को जिलें की स्वास्थ्य संस्थाओं में 503 से अधिक हाईरिस्क गर्भवति महिलाओं की चिकित्सको द्वारा आवश्यक जाँच कर परामर्श दिया गया। जांच के दौरान जटिलताओं को देखते हुए ऐसी चिन्हांकित गर्भवति महिलाओ की निशुल्क सोनोग्राफी करवाई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ. पी. जुगतावत ने बताया कि एनिमिया, उच्च रक्तचाप, शुगर, पूर्व में सिजेरियन प्रसव, जुड़वा बच्चें, गर्भ में उल्टा बच्चा, पूर्व में गर्भपात, पूर्व में जन्में शिशु में जन्मजात विकृति, 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण होना, टीबी, गुरदे, हदय रोग, मलेरिया, एचआईवी, हैपेटाइटिस बी जेसे रोगो से ग्रसित गर्भवति महिलाएं “हाईरिस्क” की श्रेणी मे मानी जाती है।

