खंडवा- श्रावण मास के दौरान दर्शनार्थियों की भारी संख्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किए गए हैं। एसडीएम पुनासा पंकज वर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन एवं आवागमन को गति प्रदान करने के उद्देश्य से एकांगी मार्ग व्यवस्था (वन-वे सिस्टम) लागू की गई है।
सामान्य श्रद्धालु
पुराने बस स्टैंड से रूट
निर्वाणी अखाड़ा जूता-चप्पल स्टैंड → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।
न्यू बस स्टैंड (दांडी तिराहा) की ओर से रूट
गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड → स्काईब्रिज → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड -> गजानन आश्रम -> प्रसादालय पार्किंग।
*प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन श्रद्धालु*
प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्वाणी अखाड़ा एवं ब्रह्मपुरी पार्किंग में रिस्टबैंड काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां जूता-चप्पल स्टैंड की भी व्यवस्था है।
पुराने बस स्टैंड से रूट
निर्वाणी अखाड़ा सेंटर → स्काईब्रिज → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।
न्यू बस स्टैंड से रूट
प्रसादालय पार्किंग -> गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर।
जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग व्यवस्था का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
वर्षा ऋतु में जलजनित मौसमी बीमारियों की रोकथाम
खंडवा – वर्षा ऋतु में संक्रामक रोग हैजा, उल्टी-दस्त, पैचिस, खसरा, मलेरिया, पीलिया जैसी बीमारीयां उत्पन्न होती है। नदी, तालाब जैसे जल स्त्रोतों के पास जब लोग मल त्याग करते है तो मल में मौजूद रोगाणु पानी में मिल जाते हैपाय करें
खंडवा 30 जुलाई 2026, वर्षा ऋतु में संक्रामक रोग हैजा, उल्टी-दस्त, पैचिस, खसरा, मलेरिया, पीलिया जैसी बीमारीयां उत्पन्न होती है। नदी, तालाब जैसे जल स्त्रोतों के पास जब लोग मल त्याग करते है तो मल में मौजूद रोगाणु पानी में मिल जाते है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जब लोग स्नान करते हैं, कपड़े धोते है या पशुओं को नहलाते है तो अनेक रोगाणु पानी में फैल सकते है जब पीने के लिए या भोजन पकाने के लिए ऐसे प्रदूषित व गंदे जल का उपयोग किया जाता है यह रोगाणु शरीर में प्रवेश कर कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हो जाते जिसके काराण दस्त, हेजा, टाईफाईड, पीलिया, खूनी पैचिस, तथा कृमि रोग तथा आंव दस्त जैसी कई बीमारियां होती है ।
वर्षा ऋतु में जल जनित रोगों से बचाव के लिए हमेशा शुद्ध जल स्त्रोत का प्रयोग किया जाना चाहिए। हेण्डपम्प का पानी सबसे सुरक्षित साधानों में से एक है । पानी को हमेशा छानकर इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है । कुंओं के पानी में नियमित ब्लीचिंग पाउडर डाला जाना चाहिए । साथ ही पीने के पानी को हमेशा साफ बर्तन में ही रखना चाहिए प्रतिदिन पानी के बर्तन को साफ करें, ताकि उसमें काई न जमने पाए और पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें । पानी को दोहरे कपड़े से छानकर भरा जाना चाहिए। पानी निकालने के लिए लम्बे हेण्डिल वाले बर्तन का प्रयोग करें । पीने के पानी में हाथ न डाले । एक घड़े या मटकें में एक क्लोरिन गोली पीस कर डालना चाहिए। आधे घण्टे तक इसे ढककर रखने के बाद ही पानी पीने के लिए उपयोग करना चाहिए । उल्टी-दस्त दूषित पानी से होने वाली बीमारियों में प्रमुख है, दस्त रोग होने पर ओ.आर.एस. पेकेट एक लीटर स्वच्छ व शुद्ध पानी को घोलकर रोगी को पिलाना शुरू कर देना चाहिए। दूध पीने वाले शिशु का दूध बंद नहीं करना चाहिए । दस्त के साथ उल्टीयां शुरू होने पर शीघ्र ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता या चिकित्सक को बताकर उपचार लेना चाहिए । ओ.आर.एस. पेकेट सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता के पास निःशुल्क उपलब्ध रहते है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जुगतावत ने सलाह दी है कि बाजार में बिकने वाले सडे़-गले खाद्य सामग्री व फल आदि न खरीदे।
पिछले 24 घंटों में खंडवा जिले में 13.2 मि.मी. औसत वर्षा हुई
खण्डवा- पिछले चौबीस घंटों में जिले में 13.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में खण्डवा तहसील में 26 मिली मीटर, नया हरसूद तहसील में 6 मिली मीटर, पंधाना में 9 पुनासा तहसील में 11 मिली मीटर तथा खालवा तहसील में 14 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 30 जुलाई तक 324.8 मिली मीटर औसत वर्षा की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 340.6 मिली मीटर औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक खण्डवा तहसील में 367 मिली मीटर, नया हरसूद तहसील में 250 मिली मीटर, पंधाना तहसील में 332 मिली मीटर, पुनासा तहसील में 298 मिली मीटर तथा खालवा तहसील में 456 मिली मीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

