पावनसिटी हरदा
संपादक सैयद अशफाक अली
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त
प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 1,835 करोड़ रुपये
हरदा -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जाएगी। सितंबर की किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को नियमित मासिक सहायता के रूप में अंतरित राशि 65,395.99 करोड़ रुपये हो जाएगी।
1,000 रुपये से शुरू हुई सहायता अब 1,500 रुपये प्रतिमाह
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अक्टूबर 2023 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि कर सहायता राशि 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। नवंबर 2025 से एक बार फिर 250 रुपये की वृद्धि के बाद पात्र महिला हितग्राहियों को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना में ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी प्रावधान के अनुसार लाभ दिया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से प्रतिमाह 900 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत उन्हें अंतर की राशि उपलब्ध कराई जा रही है ।
जून 2023 से अगस्त 2026 तक लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 39 नियमित मासिक किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब सितंबर में 40वीं किस्त अंतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है।
महिलाओं तक पहुंची 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि
लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जून 2023 से अगस्त 2026 तक 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
सहायक जेल अधीक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती, शारीरिक परीक्षण के लिए निर्देश जारी
हरदा -जेल विभाग में सहायक जेल अधीक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा-2026 में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों के लिए शारीरिक नापजोख, शारीरिक प्रवीणता परीक्षण एवं दस्तावेज सत्यापन संबंधी निर्देश जारी किए गए है। परीक्षण अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, शूटिंग अकादमी के सामने, नाथू बरखेड़ा रोड़, नीलबड़, भोपाल में आयोजित किया जाएगा।
जेल प्रहरी पद के लिए पुरूष अभ्यार्थियों को 800 मीटर दौड़ 2 मिनट 50 सेकंड में तथा भूतपूर्व सैनिक एवं होमगार्ड सैनिकों को 3 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी। महिला अभ्यार्थियों के लिए समय सीमा 4 मिनट निर्धारित है। गोला फेंक में पुरूषों के लिए 7.260 किलोग्राम का गोला 20 फीट तथा महिलाओं के लिए 4 किलोग्राम का गोला 16 फीट फेंकना होगा। पुरूष अभ्यार्थियों को न्यूनतम ऊंचाई 165 सेमी और सीना 83 सेमी होना आवश्यक है, जबकि महिलाओं की ऊंचाई 158 सेमी निर्धारित है।
सहायक जेल अधीक्षक पद के लिए पुरूषों को 800 मीटर दौड़ 2 मिनट 40 सेकंड में पूरी करनी होगी। भूतपूर्व सैनिकों के लिए समय सीमा 3 मिनट 15 सेकंड और महिलाओं के लिए 3 मिनट 40 सेकंड है। इसके साथ लंबी कूद एवं गोला फेंक में भी निर्धारित मानक पूरा करना होगा। पुरूषों की न्यूनतम ऊॅंचाई 168 सेमी तथा सीना बिना फुलाए 84 और फुलाने पर 89 सेमी होना आवश्यक है। महिलाओं की न्यूनतम ऊंचाई 155 सेमी निर्धारित है। शारीरिक प्रवीणता परीक्षा केवल क्वालीफाइंग प्रकृति की होगी, इसमें कोई अंक नहीं दिए जाएंगे। दौड़ में सफल अभ्यार्थी ही आगे की प्रतियोगिताओं में शामिल हो सकेंगे। लंबी कूद एवं गोला फेंक के लिए अधिकतम तीन अवसर दिए जाएंगे। परीक्षा की वीडियो रिकार्डिग भी की जाएगी तथा मूल्यांकन से असंतुष्ट अभ्यार्थी तत्काल चयन समिति के समक्ष अपील कर सकेंगे। शारीरिक परीक्षण में सफल अभ्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं आधार कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। अभ्यार्थियों को मूल शैक्षणिक, जाति एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ उनकी अभिप्रमाणित छायाप्रतियां लाना अनिवार्य होगा।
आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों को यात्रा प्रतिपूर्ति ई-भुतान के माध्यम से बैंक खाते मेंदी जाएगी, इसलिए बैंक खाते का विवरण भी साथ लाना होगा। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया हैकि स्वास्थ्य अथवा अन्य किसी आधार पर शारीरिक प्रवीणता परीक्षा से छूट नहीं मिलेगी और इसके लिए कोई चिकित्सीय प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यार्थियों को हाथ पर टेटू, मेहंदी अथवा अन्य कोई पदार्थ लगाकर नहीं आने की हिदायत दी गई है। कार्यग्रहण के समय ऊंचाई एवं सीने का माप पुनः लिया आएगा।
पिछले 24 घंटों में जिले में 7.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
हरदा 12 सितम्बर 2026/ जिले में गत चौबीस घंटों में 7.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया गत चौबीस घंटे में हरदा तहसील में 3.1 मि.मी., टिमरनी में 7.9 मि.मी., खिरकिया में 8.2 मि.मी., सिराली में 14.4 मि.मी. तथा रहटगांव में 3.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक जिले में 673.9 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक हरदा तहसील में 696.8 मि.मी., टिमरनी में 718.7 मि.मी., खिरकिया में 755 मि.मी., सिराली में 613.6 तथा रहटगांव में 585.8 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि गत वर्ष की 12 सितम्बर तक 1027 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी थी।
चाइल्ड लाइन 1098 जागरूकता अभियान के तहत छात्राओं को गुड टच-बैड टच और बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी
हरदा- जिला कार्यक्रम अधिकारी विवेक शर्मा के नेतृत्व में ‘चाइल्ड लाइन 1098 प्रचार-प्रसार (जागरूकता) अभियान 2026‘ के अंतर्गत शनिवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ा व एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला खेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन टीम की सदस्य सुश्री दिव्या राजपूत ने बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच‘ के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने बाल विवाह के बारे में बताया कि यदि लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो उनका विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है। उन्होंने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि इससे बच्चों की शिक्षा रुक जाती है, घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते हैं, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर सीमित हो जाते हैं।
चाइल्ड लाइन के श्री आशीष जोशी ने बालश्रम के बारे में बताते हुए कहा कि बाल मजदूरी बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे बच्चों से उनका शिक्षा का अधिकार छिन जाता है और वे कुपोषण व गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। खतरनाक परिस्थितियों में काम करने से शारीरिक शोषण और जान का खतरा भी बना रहता है, जो गरीबी के दुष्चक्र को और बढ़ाता है। इसी क्रम में श्री रविराज राजपूत ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि 1098 भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के तहत संचालित एक टोल-फ्री, आपातकालीन फोन नंबर है, जो मुसीबत में फंसे बच्चों की मदद के लिए चौबीसों घंटे काम करता है। कोई भी संकटग्रस्त बच्चा या उसके लिए चिंतित नागरिक बाल विवाह, बाल मजदूरी या किसी भी प्रकार के शोषण की शिकायत के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकता है। यह सेवा पूरे भारत के 600 से अधिक जिलों और प्रमुख रेलवे व बस स्टेशनों पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से पीड़ित बच्चों को त्वरित चिकित्सा, आश्रय, कानूनी सहायता और काउंसलिंग प्रदान की जाती है। इस जागरूकता कार्यक्रम में श्री गजेन्द्र बढ़करे, श्री आशीष जोशी, श्री रविराज राजपूत, सुश्री दिव्या राजपूत, श्री शुभम धार्मि व स्कूल प्राचार्य श्री शरीफ खान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती प्रिया मीना सहित स्कूल स्टाफ उपस्थित रहे।
मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 4 प्रकरण दर्ज
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देशन व जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग के दल नेे शुक्रवार को मदिरा के अवैध विक्रय, परिवहन व संग्रहण के विरूद्ध कार्यवाही की। जिला आबकारी अधिकारी श्री सुनील भोजने ने बताया कि इस दौरान आबकारी विभाग के दल ने खिरकिया शहर के वार्ड क्रमांक 5 व 6, हरिपुरा, चारूवा दबिश दी। दबिश के दौरान कुल 24 लीटर हाथ भट्टी कच्ची महुआ शराब एवं 370 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कुल 4 प्रकरण दर्ज किये गए। जप्त मुद्देमाल का अनुमानित बाजार मूल्य 41800 रूपये है।

