नेशनल लोक अदालत में कुल 885 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण 5,12,34,026/- के अवार्ड हुए पारित, कुल 4,154 पक्षकारगणों को मिला सीधा लाभ

 

प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 1192 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमंे 1,12,38,656/- रूपये की वसूली की गई तथा 2384 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा  अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा व्यवहार न्यायालय टिमरनी, जिला हरदा में दिनांक 12.09.2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय श्री अरविंद रघुवंशी द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया दिनांक 12.09.2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में जिले में कुल 15 खण्डपीठ बनाई थी जिसमें से 14 खण्डपीठ न्यायालयों की, 01 खण्डपीठ उपभोक्ता फोरम की बनाई गई थी।

 

गठित खण्डपीठों द्वारा सुलह समझौते के आधार पर कुल 2,077 प्रकरण निराकृत किये गये जिनमें से कुल 885 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 5,12,34,026/-( पांच करोड़ बारह लाख चैतीस हजार छब्बीस रूपये) के अवार्ड पारित किए गए तथा कुल 1,770 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया। इसी तरह प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 1,192 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमंे 1,12,38,656/- (एक करोड़ बारह लाख अडतीस हजार छः सौ छप्पन) रूपये की वसूली की गई तथा इस प्रकार कुल 2,384 लोगों को सीधा लाभांवित किया गयादिनांक को आयोजित लोक अदालत में पक्षकारगणों को गठित खण्डपीठों द्वारा दी गई समझाईश के उपरांत पक्षकारगण अपने-अपने प्रकरणों को समाप्त करने के लिए राजी हुए। पक्षकारगणों को उनके राजीनामें करने पर प्रकरण समाप्त होने पर स्मृति स्वरूप फलदार वृक्ष भेंट किए गए तथा उन्हें उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ विदा किया गया

 

आवेदिका गायत्री एवं उसके पति अनावेदक राजकुमार के बीच विवाद की स्थिति होने से वे दोनों विगत 6 वर्षों से एक दूसरे से अलग रह रहे थे। आवेदिका द्वारा अनावेदक के विरूद्ध भरण पोषण की राषि प्रदाय किये जाने के संबंध में माननीय कुटुम्ब न्यायालय में प्रकरण क्रमांक एमजेसीआर/135/2026 (गायत्री विरूद्ध राजकुमार), धारा 125 (3) द.प्र.स. अंतर्गत वाद प्रस्तुत किया गया था। माननीय न्यायालय द्वारा उभयपक्ष को समझाईश दिये जाने तथा उनके बीच सुलहवार्ता उपरांत उनमें सुलह हुई तथा वे एक दूसरे के साथ वैवाहिक जीवन जीने के लिए राजी हुए। प्रकरण का निराकरण आज दिनांक 12.09.2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में किया गया एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री अरविंद रघुवंशी द्वारा उभयपक्षों को फलदार पौधे भेंट किये जाकर उन्हें विदा किया गया।

 

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