*जिला जनसम्पर्क कार्यालय, हरदा (म.प्र.)*
*समाचार*
*किसानों को उर्वरक के अग्रिम उठाव के लिये प्रेरित किया जाए*
*सभी सहकारी समितियों में उर्वरक का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध रहे*
*मानसून के पूर्व नदी नालों की सफाई हो,*
*जीर्ण-शीर्ण भवन गिराए जाएं – कलेक्टर*
हरदा 25 मई 2026/ कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक के अग्रिम उठाव के लिये किसानों को अभी से प्रेरित किये जाने के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा है कि सभी सहकारी समितियों में उर्वरक का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध रहे। जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों की समितियों में पर्याप्त उर्वरक भण्डारित कराया जाए।
सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि मानसून आने के पूर्व ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां कर ली जाएं। शहरी बस्तियों के अंदर नदी नालों की सफाई की जाए। इसके साथ ही जीर्ण शीर्ण मकानों को चिन्हित कर उनको गिराया जाए। सभी नगरीय क्षेत्रों में अधिक से अधिक रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं तैयार करवाई जाएं। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि टिमरनी में बस स्टेण्ड पर ही सवारी बस रूकें, जिला परिवहन अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए। नगरीय क्षेत्रों में बगैर भवन अनुज्ञा के कोई भवन का निर्माण न हो, इसके लिये भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी जिम्मेदार रहें। आंगनवाड़ी केन्द्रों के परिसर में बनाई गई पोषण वाटिकाओं में रोपे गये पौधों में पानी देने की व्यवस्था करने के लिय भी सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को निर्देश दिये गये। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व विभाग एवं जल गंगा संवर्धन अभियान की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय, एसडीएम हरदा श्री अशोक कुमार डेहरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव कुमार नागू सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
*(फोटो संलग्न)*

*वर्षा से जलमग्न होने वाले स्थानों पर आवश्यक सूचना बोर्ड लगाये जाएं*
*बरसात के दौरान सभी पुल पुलियाओं पर बेरिकेड एवं चौकीदार तैनात रहें*
*स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय, विद्युत एवं पशुपालन विभाग अतिवृष्टि की स्थिति से निपटने की अभी से तैयारी करें*
*अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारियों संबंधी बैठक आयोजित
कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन की अध्यक्षता अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये संबंधित विभागों को अभी से तैयारी करने के निर्देश दिये गये। साथ ही कहा गया कि वर्षा से जल मग्न होने वाले स्थानों पर आमजन को सचेत करने वाले सूचना बोर्ड लगाये जाएं। बरसात के दौरान सभी पुल पुलियाओं पर बेरियर लगे हों एवं चौकीदार तैनात रहें। पुल पुलियाएं जल मग्न होने की स्थिति में वाहनों की आवाजाही न हो, इसके लिये संबंधित विभाग सचेत रहें। कहीं भी पुल पुलियाओं पर दुर्घटना की स्थिति न बनें। बैठक में पुलिस अधीक्षक शंशांक, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, संयुक्त कलेक्टर  सतीश राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में निर्देश दिये गये कि पुलिस एवं होमगार्ड के पास उपलब्ध मोटर वोट्स एवं अन्य बचाव सामग्री तैयार हालत में रखी जाए। पुलिस एवं होमगार्ड के जवानों को बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए। अतिवर्षा के कारण नदी नाले उफान पर होने की स्थिति में इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी जाए। अस्थाई कैम्पों हेतु भवनों का चिन्हांकन एवं आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित की जाए। जर्जर भवनों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर ली जाए। अतिवर्षा या बाढ़ की स्थिति में निचली बस्तियों में रहने वाली जनसंख्या को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की भी कार्य योजना तैयार रहे। सड़क निर्माण से संबंधित विभागों द्वारा पुलों पर यातायात नियंत्रण हेतु बेरियर लगाये जाएं। क्षतिग्रस्त पुलियाओं की मरम्मत करवाई जाए। सड़कों पर गड्ढे भी न रहें। खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं। परिवहन विभाग द्वारा ओवर लोडिंग पर नियंत्रण किया जाए। पुराने सवारी वाहनों की फिटनेस की जांच की जाए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नालों एवं नालियों की सफाई व्यवस्था की जाए। जल संसाधन विभाग अंतर्गत समस्त बांधो, तालाबों के तटबंधों के संबंध में सुनिश्चित किया जाए कि वे अतिवर्षा अथवा बाढ़ के दबाव को सहन करने में सक्षम हैं। बड़े बांधों से पानी छोड़ने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में आवश्यक सूचना प्रदान करने की व्यवस्था तैयार रखी जाए।
स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा एवं दवाईयों की उपलब्धा सुनिश्चित की जाए। सर्पदंश की घटनाओं के दृष्टिगत एंटीवेनम की पर्याप्त उपलब्धता रहे। आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा दलों का गठन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण किया जाए। बीमारियों की रोकथाम के लिये ब्लीचिंग पावडर, क्लोरिन टेबलेट, लाइम पावडर की भी उपलब्धता रहे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण कर लिया जाए। साथ ही पेयजल के शुद्धिकरण के लिये इंतजाम रखे जाएं। कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज, कीटनाशक एवं अन्य सामग्री के पर्याप्त एवं सुरक्षित भण्डारण की व्यवस्था की जाए। यथा समय कृषकों को कीट व्याधि एवं अतिवर्षा की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पशुपालन विभाग अंतर्गत चिकित्सकों के दलों का गठन, दवाईयों की उपलब्धता एवं चारे घास का भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशुओं के उपचार हेतु पर्याप्त औषधियों का भण्डार रखा जाए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा पहुँचविहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न का भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। विद्युत विभाग बाढ़ एवं अतिवृष्टि की स्थिति में विद्युत सप्लाई एवं संचार प्रणाली सक्रिय रखने के इंतजाम करें। साथ ही बाढ़ की स्थिति में प्रभावित बस्तियों में पावर कट करने की व्यवस्था भी रखी जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बरसात के दौरान महिलाओं एवं बालकों के स्वास्थ्य शिक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं के संरक्षण की व्यवस्था की जाए। खनिज विभाग द्वारा बंद पड़ी खदानों एवं खनन पश्चात खुले छूटे स्थलों में जल भराव की स्थिति के कारण जनहानि अथवा पशु हानि होने की संभावनाओं के दृष्टिगत इन खुले छूटे स्थलों का प्रबन्धन किया जाए। आपात स्थिति में हेलिकॉप्टर की लेण्डिंग के लिये भी स्थलों का चयन कर लिया जाए।

जल गंगा संवर्धन अभियान: गंगा दशहरा 
हरदा – प्रदेशव्यापी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सोमवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हरदा में स्वच्छता के लिये श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत हरदा शहर की जीवनदायिनी अजनाल नदी के तट पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। नदी तट को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह और मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री कमलेश पाटीदार सहित जनप्रतिनिधि, नगरपालिका के अमले और स्थानीय नागरिकों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान नदी के घाटों और आसपास के परिसर से कचरा हटाकर साफ-सफाई की गई।

जिला स्तरीय पशुपालक जागरूकता कार्यशाला 29 मई को
आधुनिक चारा उत्पादन और ‘गौरस एप’ की मिलेगी जानकारी
हरदा – पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरदा द्वारा दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए एक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण कार्यशाला आगामी 29 मई 2026 को दोपहर 2ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक इंदौर रोड़ स्थित एल. बी. एस. कॉलेज, हरदा में संपन्न होगी।
उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के पशुपालकों को पशु आहार के रूप में साईलेज के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा चारा उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, साईलेज ई-मार्केट प्लेटफार्म और शासन के ‘गौरस एप’ के महत्व एवं उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा।
उपसंचालक डॉ. रामटेके ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधि, कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष, दुग्ध सहकारी समितियों के पदाधिकारी और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक सम्मिलित होंगे। जिले के सभी संबंधित पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों से अपील की गई है कि वे इस कार्यशाला में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर उन्नत तकनीकों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा उनका भरपूर लाभ उठाएं।

कौशल विकास प्रशिक्षण 2026-27 हेतु 12 जून तक करें ऑनलाइन आवेदन
हरदा- मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 12 जून 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://mpkhadigramodyog.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में सामान्य रूप से 30 प्रशिक्षणार्थियों का चयन किया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थी का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना और आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक ने पूर्व में किसी शासकीय विभाग से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और जिला स्तरीय समिति द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन एवं पात्रता जांच के बाद चयन किया जायेगा।
आवेदकों को अपनी रुचि के अनुसार प्राथमिकता क्रम में तीन ट्रेड चुनने होंगे। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को आवासीय प्रशिक्षण के दौरान आवास और भोजन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण समाप्ति के बाद परीक्षा आयोजित कर ग्रेड के अनुसार छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। आवेदन करते समय समग्र आईडी, आधार नंबर और सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं सही रूप में अपलोड करना अनिवार्य है तथा समग्र आईडी और ई-केवाईसी संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा। अधिक जानकारी और सहायता के लिए अभ्यर्थी हेल्पलाइन नंबर 0755-2552714 पर संपर्क कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम 2025-26 के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 39 प्रशिक्षण ट्रेड उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण की अवधि 15 दिन से लेकर 6 माह तक है। आवेदक अपनी रुचि के अनुसार 3 ट्रेड प्राथमिकता क्रम में चुन सकते हैं।

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