पावनसिटी खंडवा

खंडवा – उद्यानिकी विभाग की कार्यशाला बुधवार को स्थानीय होटल केसर संपन्न हुई। कार्यशाला में संबोधित करते हुए कलेक्टर  ऋषव गुप्ता ने कहा कि अधिक आय प्राप्त करने के लिए किसानों को परंपरागत खेती छोड़कर उद्यानिकी फसले अपनाना होगी, और अधिक मेहनत भी करना पड़ेगी। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के निर्यात की अच्छी संभावनाएं हैं, लेकिन निर्यात के लिए फसल उत्पादन की गुणवत्ता बहुत अच्छी होना आवश्यक है।

कलेक्टर  गुप्ता ने कहा कि निर्यात के लिए फसल उत्पादन की पैकेजिंग, सोर्टिंग और ग्रेडिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले के किसान उन्नत सोच वाले किसान हैं, तथा उद्यानिकी फसलें अपना भी रहे हैं । आज आवश्यकता केवल उन्हें सही मार्गदर्शन की है। इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने उपस्थित किसानों से इस कार्यशाला में बताई गई बातों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें अपनाने के लिए कहा।

उप संचालक उद्यानिकी  अजय चौहान ने बताया कि यह कार्यशाला “मध्य प्रदेश में निर्यात गुणवत्ता वाली सब्जियों के उत्पादन हेतु विशिष्ट सब्जी क्लस्टर विकास परियोजना” के तहत वर्ल्ड वेजिटेबल सेंटर हैदराबाद द्वारा आयोजित की गई। कार्यशाला में प्याज एवं लहसुन निदेशालय पुणे और राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र पुणे के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग भोपाल के उपसंचालक  डी एन धोटे ने भी इस परियोजना के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा के डॉक्टर डीके वाणी ने रसायन युक्त प्याज उत्पादन के संबंध में विस्तार से समझाइश दी।

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