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Friday, 9 October 2026
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डिप्टी कमिश्रर प्रभा भंडारी ने GST चोरी मामले को दबाने के बदले ₹1.5 करोड़ की रिश्वत मांगी।

2 min read

ये हैं डिप्टी कमिश्रर प्रभा भंडारी, 2016 बैच की IRS अधिकारी—
एक ऐसा नाम, जो अब एक बड़े रिश्वतकांड में घिर चुका है।

सीबीआई के अनुसार, प्रभा भंडारी पर आरोप है कि उन्होंने
एक बड़े GST चोरी मामले को दबाने के बदले ₹1.5 करोड़ की रिश्वत मांगी।
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्रर प्रभा भंडारी ने मध्यस्थों से साफ कह दिया था कि
रिश्वत की रकम डेढ़ करोड़ से एक रुपये भी कम नहीं होगी।

राशि की पहली किस्त लेने के लिए उनके दो अधीनस्थ अधिकारियों को भेजा गया—
लेकिन यह सीबीआई का जाल निकला। दोनों रंगे हाथ पकड़े गए
और पूछताछ में उन्होंने प्रभा भंडारी को पूरे ऑपरेशन की मास्टरमाइंड बताया।

केवल कबूलनामे से आगे बढ़ते हुए,
सीबीआई ने एक अधिकारी को अपनी मौजूदगी में
भंडारी को स्पीकरफ़ोन पर कॉल करने को कहा।
दो रिंग के बाद कॉल उठी—अधिकारी बोला:

“पार्टी ने 70 लाख रुपये दे दिए हैं।”

भंडारी का जवाब तुरंत आया—

“बहुत बढ़िया — नकदी को सोने में बदलकर मुझे दे दो।”

यह बातचीत रिकॉर्ड हो गई—और केस निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया।

इसके बाद सीबीआई ने उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया,
जबकि दूसरी टीम ने झांसी स्थित बंद फ्लैट का ताला तोड़कर
वहां से नकदी, सोना, गहने और संपत्ति के कागज़ात बरामद किए।
इन बरामदियों ने जांच एजेंसी का केस और मजबूत कर दिया है।

दिलचस्प यह है कि प्रभा भंडारी ने
UPSC के “एथिक्स” (नैतिकता) पेपर में उत्कृष्ट अंक हासिल किए थे—
और उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल में खुद को
“ईमानदारी और बेहतर शासन” की समर्थक बताया गया है।
लेकिन मौजूदा आरोपों ने पूरी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीबीआई मामले की आगे की जांच में जुटी है।