सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में खराब प्रदर्शन पर एसडीएम टिमरनी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार रहटगांव का एक सप्ताह का वेतन रोका

 

* जिले को एक और फायर ब्रिगेड की स्वीकृति मिली

 

*नगरीय क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगे

 

*खाली जमीनों पर कचरा फैंकने वालों पर जुर्माना लगाएं*

 

*हरदा बस स्टेण्ड पर छायापानी के समुचित इंतजाम हों*

 

*स्ट्रीट वैंडर्स को दुकानों पर डस्टबिन रखना होगा जरूरी*

 

*नगरीय क्षेत्रों में घरों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिये जिम्मेदार होंगे संबंधित सीएमओ*

 

*स्कूलों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई हो – कलेक्टर*

 

हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने आमजन से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिये सरकार के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का अधिकारियों द्वारा उचित निराकरण नहीं किये जाने पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। उन्होने दर्ज शिकायतों के निराकरण में खराब प्रदर्शन पाये जाने पर एसडीएम टिमरनी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार रहटगांव का एक सप्ताह का वेतन रोकने के निर्देश दिये हैं। इसी तरह हरदा एवं खिरकिया जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रदर्शन को भी संतोषजनक नहीं माना गया है। आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर जैन का दो टूक कहना था कि यदि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का उचित निराकरण नहीं किया जाता है, तो फिर यह गंभीर प्रश्न चिन्ह है कि आम आदमी अपनी शिकायतें लेकर कहाँ जाए। उन्होने अधिकारियों को सख्त लहजे मे चेतावनी दी कि वे प्रत्येक शिकायत की गहराई तक जाएं एवं उसका समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि विगत दिनों भ्रमण के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जिले को एक फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की घोषणा पर शासन द्वारा अमल किया गया है। इसके तहत जिले को एक और फायर ब्रिगेड की स्वीकृति मिल गई है। बैठक में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हाट बाजारों में प्लास्टिक का कचरा फैलाने वालों पर रोक लगाने के लिये सौर ऊर्जा चलित सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आदेशित किया। बैठक में उन्होने हरदा के बस स्टेण्ड पर मुसाफिरों के लिये छाया एवं पानी के समुचित प्रबन्ध करने के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिये। बार-बार निर्देशों के बावजूद नगरीय क्षेत्रों में दुकानदारों एवं स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा डस्टबिन नहीं रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि इस दिशा में कार्यवाहीं नहीं होने पर संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी जिम्मेदार होंगे। हरदा नगरीय क्षेत्र में खाली पड़े प्लाटों पर कचरा फैकने की निरन्तर आ रही शिकायतों के दृष्टिगत कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री कमलेश पाटीदार को निर्देशित किया कि इस तरह के कचरा फैकने वालों पर जुर्माना लगाएं। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के मकानों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं किये जाने पर भी कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा कि संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मकानों पर वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की व्यवस्था का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने स्कूलों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई पर भी बैठक में जोर दिया। उन्होने कहा कि प्रत्येक टंकी पर सफाई की दिनांक भी अंकित करवाई जाए। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री, राजस्व वसूली, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा एवं संकल्प से समाधान योजना की भी कलेक्टर द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की गई।

जनगणना 2027 अंतर्गत सभी से स्वगणना किये जाने की अपील

बैठक में कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने सभी अधिकारी कर्मचारियों से जनगणना 2027 अंतर्गत 30 अप्रैल तक की जा रही स्वगणना में रूचि लेकर ऑनलाइन स्वगणना करने की अपील की। उन्होने कहा कि विभागों से संबंधित जनप्रतिनिधियों से भी स्वगणना करवाई जाए। इसके अलावा उपार्जन केन्द्रों पर आ रही किसानों से भी उपार्जन केन्द्रों पर स्वगणना करवा ली जाए। साथ ही विभिन्न विभागों के सम्पर्क में आने वाले नागरिकों को भी स्वगणना के लिये प्रेरित किया जाए। बैठक में अधिकारियों को स्वगणना करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय एवं सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा श्री अशोक कुमार डेहरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

*आधुनिक स्वास्थ्य और आधुनिक हरदा’’ की थीम पर होगा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये निर्देश

हरदा – कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने कहा कि जिले में ‘‘आधुनिक स्वास्थ्य और आधुनिक हरदा’’ की थीम पर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। कलेक्टर श्री जैन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बताया कि जिले में दो आधुनिक टेक्नालॉजी से सुसज्जित एम्बुलेंस तथा 6 आधुनिक चिकित्सा मशीनें उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार हुआ है। बैठक में कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय परिसर में स्मार्ट कैमरे लगाने तथा साफ-सफाई व्यवस्था हेतु रोगी कल्याण समिति के माध्यम से आधुनिक मशीनें क्रय करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि गर्भावस्था के दौरान की जा रही 4 जांचों की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें। जिन क्षेत्रों में जानकारी अपडेट करने में समस्या आ रही है, वहां बीएमओ स्वयं जाकर वस्तु स्थिति की जानकारी लें। उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर रक्त अल्पता वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज के डोज लगाये जाएं। उन्होने कहा कि जिन महिलाओं में रक्त की मात्रा अत्यधिक कम है, उन्हें शतप्रतिशत ब्लड ट्रांसफ्युजन कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने टीकाकरण की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि सभी अधिकारी टीकाकरण की सही जानकारी पोर्टल पर समय पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। जो अधिकारी अथवा कर्मचारी समय पर डाटा अपडेट नहीं करेंगे, उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होने कहा कि अधिकारी आभा आईडी का डेटा रिव्यु करें। साथ ही स्कूल के विद्यार्थियों की आँखों की जांच कर निःशुल्क चश्मा वितरित करें। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश गौड़, जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, तीनों विकासखण्डों के प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम नोडल अधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

*सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 5996 बालिकाओं का किया टीकाकरण

हरदा  सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बुधवार 22 अप्रैल तक जिले में कुल 5996 बालिकाओं को टीकाकरण किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि हरदा में 1042, टिमरनी में 1188, खिरकिया में 1162, सिराली में 527, रहटगांव में 600, हंडिया में 1477 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इस प्रकार जिले में कुल 6715 के लक्ष्य विरूद्ध 5996 कुल 89.29 प्रतिशत बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण किया गया।

डॉ. सिंह ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एचपीवी से होता है। एचपीवी टीका एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है जो कैंसर से बचाने में मदद करता है। यह टीका जिला चिकित्सालय हरदा तथा टिमरनी, सिराली, खिरकिया व हंडिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा रहटगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क लगाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिंह ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि ऐसी बालिकाऐं जिनकी आयु 14 वर्ष तथा 15 वर्ष 3 माह तक की है वे अपनी बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं एवं बेटियों का भविष्य सुरक्षित बनाएं।

बदलते मौसम में खान-पान का रखें विशेष ध्यान, लू से बचें

हरदा – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने आमजनों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम में खान-पान का ध्यान रखें। ताजा और हल्का भोजन ही खाएं, जंक फूड खाने से बचें, पानी अधिक मात्रा में पिएं, फलों का सेवन करें, चाय, कॉफी, गैस वाले पेय पदार्थों का सेवन नहीं करें, लू से बचें गर्मियों में बाहर घूमने जाएं तो अपना विशेष ध्यान रखें, पीने का पानी, जूस साथ रखें और हाइड्रेटेड रहें, पतले, ढीले सूती वस्त्र पहनें, अपने सिर को छाते, टोपी, तौलिया आदि से ढक लें, ताकि धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके, नंगे पांव बाहर न निकलें, अपना ध्यान रखें, लू से बचें। उन्होने बताया कि लू लगने के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है यदि आप या कोई भी अन्य व्यक्ति लू के कारण होने वाले तनाव के लक्षणों का अनुभव करता है, तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

लू लगने के संकेत

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि लू लगने के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है यदि आप या कोई भी अन्य व्यक्ति लू के कारण होने वाले तनाव के लक्षणों का अनुभव करता है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होने बताया कि चक्कर आना, जी मिचलाना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम होना, सिरदर्द, हॉफना और दिल की धड़कन तेज होना आदि लक्षण लू लगने के संकेत होते है।

डिहाइड्रेशन के लक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि डिहाइड्रेशन अर्थात निर्जलीकरण के लक्षण सांस लेने में तकलीफ, होंठ सूखना या खून आना, स्किन ड्राई होना, सिर दर्द, सुस्ती और थकान, एकाग्रता में कमी, कब्ज, सांस में बदबू आना, मांसपेशियों में दर्द, पेशाब कम होना या उसका रंग बदलना, शरीर में पानी की कमी होने पर होती है। यह स्थिति तब पैदा होती है, जब शरीर से निकलने वाले पानी की मात्रा दिनभर में ली जाने वाली पानी की मात्रा से अधिक हो जाती है। व्यक्ति विशेष और शरीर में पानी की मौजूदगी के आधार पर समस्या की गंभीरता कम या ज्यादा हो सकती है। डिहाइड्रेशन अर्थात निर्जलीकरण से बचाव के उपाय लिये तरबूज, खरबूज, संतरा जैसे रसदार फल अधिक मात्रा में खाएं, ओरआरएस का घोल पिएं, नींबू पानी, छाछ, आम पन्ना, नारियल पानी या फ्रेश जूस पिएं, घर से बाहर निकलते वक्त पानी की बोतल साथ में लेकर जाएं, लगातार पानी पीते रहें, चाय-कॉफी अथवा गर्म पेय का सेवन करने से बचें।

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