पावनसिटी हरदा
किसानों को सुगमता से डीजल मिले – कलेक्टर
पेट्रोल पम्प एसोसिएशन की बैठक आयोजित
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सोमवार को पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ बैठक कर जिले में डीजल की सुगम आपूर्ति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा है कि किसानों को खेती के कार्यों के लिये डीजल आपूर्ति में दिक्कत न हो, इस बात का ध्यान रखा जाए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वे ऑयल कम्पनी के अधिकारियों से भी चर्चा कर जिले में पर्याप्त डीजल की आपूर्ति बनाये रखने में समन्वय स्थापित करेंगे। इस दौरान पेट्रोल पम्प संचालक एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्री बासुदेव भदोरिया उपस्थित थे।
जिले में कहीं भी पेयजल की दिक्कत न हो
टिमरनी में बस स्टेण्ड पर बस नहीं रूकने पर होगा जुर्माना
विद्या आसन एवं पोषण प्रहरी अभियान में ज्यादा से ज्यादा जनसहभागिता हो
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की दिशा में जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत – कलेक्टर जैन
हरदा – कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता रहे। किसी भी स्थान पर पेयजल की दिक्कत न हो। इसके साथ ही पेयजल की शुद्धता पर भी ध्यान दिया जाए। पेयजल योजनाओं का संधारण दुरूस्त रहे, संबंधित एजेन्सी यह भी सुनिश्चित करें।
सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि वर्षा पूर्व जल संरक्षण के इंतजामों के लिये अभी से प्रयास किये जाएं। जिले में ज्यादा से ज्यादा रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने के लिये जमीनी स्तर पर प्रयास किये जाने की जरूरत है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का इस दिशा में 15 दिवस के अन्दर किये गये कार्यों का प्रदर्शन देखा जाएगा। बैठक में टिमरनी में सवारी बसों की यातायात व्यवस्था संबंधी शिकायत मिलने पर जिला परिवहन अधिकारी को पाबंद किया गया कि वे सवारी बसों का बस स्टेण्ड पर ठहराव सुनिश्चित करें, जो बसें बसस्टेण्ड पर नहीं रूक रहीं, उन पर जुर्माना किया जाए।
बैठक में विद्या आसन एवं पोषण प्रहरी अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि इन दोनों अभियानों में ज्यादा से ज्यादा जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला अस्पताल में स्वच्छता पर ध्यान दिये जाने के भी कलेक्टर द्वारा निर्देश दिये गये। इस दौरान राजस्व विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही जनगणना कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
बैठक में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी हरदा द्वारा बताया गया कि लगभग एक वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा एक करोड़ 25 लाख रूपये की लागत से निर्मित किये गये अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन की निर्माण गुणवत्ता खराब होने से भवन एक साल में ही अत्यंत क्षतिग्रस्त हो गया है, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित एजेन्सी को ठेकेदार से उक्त भवन को दुरूस्त करवाने के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय व सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा अशोक डेहरिया, एसडीएम टिमरनी संजीव नागू, एसडीएम खिरकिया सुश्री शिवांगी बघेल सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
माह के पहले कार्य दिवस की शुरूआत ‘‘वंदेमातरम्’’ गायन से हुई
हरदा- प्रत्येक माह के पहले कार्य दिवस की शुरूआत शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रगीत ‘‘वंदेमातरम्’’ गायन के साथ होती है। इसी क्रम में सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित कार्यालयों के अधिकारी कर्मचारियों ने राष्ट्रगीत “वंदे-मातरम“ एवं राष्ट्रगान “जन-गण-मन“ का सामूहिक गायन किया। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सतीश राय व सुश्री रजनी वर्मा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद थे।
मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 7 प्रकरण दर्ज
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देशन व जिला आबकारी अधिकारी श्री सुनील भोजने के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग के दल नेे गत दिवस को मदिरा के अवैध विक्रय, परिवहन व संग्रहण के विरूद्ध कार्यवाही की। जिला आबकारी अधिकारी श्री सुनील भोजने ने बताया कि इस दौरान आबकारी विभाग के दल ने जिले के ग्राम सोनपुरा, सांगवा, रामटेक, भंवरदी रैयत, नितिन ढाबा मोरगढ़ी, जूनापानी, जयमालपुर, हरीपुरा, खिरकिया व चौकड़ी में दबिश दी। दबिश के दौरान कुल 32 देशी मदिरा प्लेन शराब, 10 देाी मदिरा मसाला शराब, 4 केन बियर एवं 420 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त कर आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कुल 7 प्रकरण दर्ज किये।
असंगठित श्रमिकों के लिए सहारा ‘पीएम श्रम योगी मानधन योजना’
हरदा 1 जून 2026/ केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना श्रमिकों के लिए बुढ़ापे का आर्थिक सहारा बन रही है। योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र श्रमिक नियमित अंशदान जमा कर 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रतिमाह 3000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ उन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दिया जाता है जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम है। इसमें रेहड़ी-पटरी विक्रेता, दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक सहित विभिन्न वर्गों के श्रमिक शामिल हैं। इस योजना में लाभार्थी द्वारा जमा की जाने वाली राशि के बराबर अंशदान केंद्र सरकार भी करती है।
योजना में शामिल होने वाले श्रमिकों को आयु के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह तक अंशदान जमा करना होता है। योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उन्हें हर महीने 3000 रुपये की न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। श्रम विभाग ने पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे अपने आधार कार्ड, बैंक खाते एवं मोबाइल नंबर के साथ निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर योजना में पंजीयन कराएं और भविष्य को सुरक्षित बनाएं।
नगर की सुधरेगी यातायात व्यवस्था हर मंगलवार को चलाया जाएगा अभियान
बुधवार को चलेगी अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही
हरदा – शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पालिका परिषद हरदा द्वारा जून माह के लिए एक विशेष एक्शन प्लान का कैलेंडर जारी किया है। जारी कलेण्डर अनुसार प्रत्येक मंगलवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात नियमों का पालन करने के लिये नागरिकों को जागरूक किया जाएगा, वहीं हर बुधवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा।
नगर पालिका द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार 2 जून को नार्मदीय धर्मशाला से घंटाघर (बर्तन बाजार, कपड़ा बाजार, किराना बाजार, पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र), लक्ष्मीनारायण मंदिर चौक तक तथा घंटाघर से चांडक चौक तक यातायात व्यवस्था संबंधी कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार 9 जून को चांडक चौक से टॉक चौराहा होते हुए परशुराम चौक, सब्जी मंडी, शासकीय चिकित्सालय, नारायण टॉकीज से रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड क्षेत्र, 16 जून को शासकीय चिकित्सालय से नेहरू स्टेडियम, छीपानेर रोड तक, 23 जून को परशुराम चौक से इंदौर रोड साईं मंदिर तक तथा 30 जून को हनुमान मंदिर से कलेक्ट्रेट तथा घंटाघर सघन बाजार क्षेत्र तक यातायात व्यवस्था संबंधी कार्यवाही की जाएगी।
इसी प्रकार 3 और 10 जून को शहर में चिन्हित किए गए जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि मानसून से पहले किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। इसके अलावा 17 जून को नार्मदीय धर्मशाला से घंटाघर (बाजार क्षेत्र) और लक्ष्मीनारायण मंदिर चौक से चांडक चौक तक अवैध अतिक्रमण हटाने हेतु कार्यवाही की जाएगी। जारी कलेण्डर अनुसार 24 जून को चांडक चौक, टॉक चौराहा, परशुराम चौक, सब्जी मंडी, जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाएगा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हरदा ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्रवाई में सहयोग करें और सड़कों पर अवैध रूप से सामान या वाहन रखकर यातायात को बाधित न करें।
पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विकसित ‘गोरस’ मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध, पशुपालक और किसान आसानी से कर सकेंगे डाउनलोड
*अब पशुपालकों को मोबाइल पर ही मिलेगी पशुओं को संतुलित आहार खिलाने की जानकारी*
हरदा 1 जून 2026/ प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने तथा पशुपालकों एवं किसानों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पशुपालन एवं डेयरी विभाग निरंतर नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में विभाग द्वारा ‘गोरस मोबाइल ऐप’ विकसित किया गया है। यह ऐप पशुपालकों को वैज्ञानिक आधार पर पशुओं के आहार प्रबंधन की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। इस ऐप के उपयोग से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे पशुपालकों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के पशुपालक एवं किसान गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
ऐप विकसित करने का उद्देश्य
मध्यप्रदेश में दो करोड़ से अधिक गायों और भैंसों का पालन किया जाता है, लेकिन अधिकांश पशुपालक अभी भी पारंपरिक तरीके से पशुओं को आहार देते हैं। वैज्ञानिक पद्धति से संतुलित पोषण न मिलने के कारण पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है। इसके परिणामस्वरूप दूध उत्पादन में 20 से 30ः तक की कमी आती हैं।
पशुपालकों की इन समस्याओं के समाधान के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ‘गोरस मोबाइल ऐप’ विकसित किया गया है। पशुपालक जैसे ही अपने पशु से संबंधित जानकारी, जैसे नस्ल, वजन, दुग्ध उत्पादन, दुग्ध उत्पादन का चरण तथा वर्तमान पशु आहार आदि दर्ज करेंगे, ऐप उनके पशु के लिए संतुलित आहार की मात्रा और प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही ऐप यह भी बताएगा कि आहार प्रबंधन में सुधार करने पर एक ब्यांत के दौरान पशुपालक को कितना आर्थिक लाभ हो सकता है। ऐप वर्तमान में दिए जा रहे आहार के कारण होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी भी देगा। विभाग की यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विकसित ष्गोरसष् मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। यह ऐप पूरी तरह निःशुल्क है। पशुपालक एवं किसान इसे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर विभिन्न प्रकार की उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं
यह ऐप पूरी तरह से हिंदी भाषा में विकसित है, जो गाय एवं भैंसों के लिए संतुलित आहार संबंधी सुझाव प्रदान करता है। साथ ही, उपलब्ध चारे के संयोजन के आधार पर अधिकतम दुग्ध उत्पादन और न्यूनतम लागत का दर्शाता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी यह कार्य करने में सक्षम है। सबसे खास बात यह है कि ये ऐप 28 से अधिक स्थानीय चारे की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराता है। मौसम विशेषकर गर्मी तथा गर्भावस्था की स्थिति के अनुसार स्वचालित सुझाव देता है। गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, भदावरी एवं संकर नस्लों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। इसके अलावा पशुपालकों को संभावित आर्थिक लाभ का आकलन प्रदान करता है और अवर्णित गायों एवं भैंसों के लिए नस्ल सुधार संबंधी सलाह देता है।
*ऐसे करें डाउनलोड*
‘गोरस’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए पशुपालकों को अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा। वहां ‘गोरस ऐप’ सर्च करें। ऐप दिखाई देने पर उसे डाउनलोड करें। डाउनलोड होने के बाद इंस्टॉलेशन की अनुमति दें और ‘इंस्टॉल’ विकल्प पर क्लिक करें। आवश्यक सुरक्षा अनुमति प्रदान करने के बाद ऐप को खोलकर उपयोग किया जा सकता है।
विभाग द्वारा विकसित किया गया ऐप
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के किसानों और पशुपालकों को पशुओं के पोषण संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा ‘गोरस’ मोबाइल ऐप विकसित कराया गया है। उन्होंने बताया कि यह ऐप सरल एवं सहज हिंदी भाषा में तैयार किया गया है और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। पशुपालक एवं किसान इसे आसानी से डाउनलोड कर इसका लाभ उठा सकते हैं।
