कलेक्टर सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक ने दिए आवश्यक निर्देश
हरदा- जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक शशांक ने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि खनिज परिवहन के प्रमुख मार्गों पर सौर ऊर्जा संचालित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं, ताकि अवैध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
कलेक्टर जैन ने कहा कि जिले में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मार्गों से खनिज का परिवहन होता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। कैमरों के माध्यम से वाहनों की सतत निगरानी की जाएगी तथा अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक शशांक ने कहा कि अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिए पुलिस एवं खनिज विभाग आपसी समन्वय के साथ नियमित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि संदिग्ध वाहनों की सतत निगरानी की जाए तथा अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व की सुरक्षा के लिए अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
हाईवे पर रात में निराश्रित मवेशियों का जमावड़ा रोकें, दुर्घटनाएं रोकने के लिए करें रात्रिकालीन पेट्रोलिंग*
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
हरदा- जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं निराश्रित मवेशियों की सुरक्षा के उद्देश्य से कलेक्टर सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित प्रमुख सड़कों पर रात्रि के समय निराश्रित मवेशियों का जमावड़ा किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निकाय, पशुपालन विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से नियमित रात्रिकालीन पेट्रोलिंग करें। पेट्रोलिंग के दौरान सड़कों पर बैठे अथवा विचरण कर रहे निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित स्थानों एवं गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।
कलेक्ट जैन ने कहा कि हाईवे पर बैठे निराश्रित मवेशी न केवल स्वयं दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा बनते हैं। इसलिए ऐसे संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक श्री शशांक ने निर्देश दिए कि रात्रिकालीन गश्त के दौरान हाईवे और प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां भी निराश्रित मवेशी सड़क पर दिखाई दें, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे सड़क पर निराश्रित मवेशी दिखाई देने पर इसकी सूचना संबंधित विभागों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर मानव जीवन और मवेशियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, अपर कलेक्टर पुरूषोत्तम कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

