पावनसिटी हरदा

हरदा – कलेक्टर सिध्दार्थ जैन ने मंगलवार को जिला पंचायतहरदा 28 ज/ कलेक्टर श्री सिध्दार्थ जैन ने मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम में आए नागरिकों की समस्याएं सुनी और उपस्थित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर  पुरूषोत्तम कुमार, डिप्टी कलेक्टर  असवनराम चिरामन एवं सुश्री श्वेता बम्होरे, एसडीएम हरदा  अशोक कुमार डेहरिया, एसडीएम खिरकिया सुश्री रजनी वर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे। के सभाकक्ष में आयोजित ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम में आए नागरिकों की समस्याएं सुनी और उपस्थित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री असवनराम चिरामन एवं सुश्री श्वेता बम्होरे, एसडीएम हरदा अशोक कुमार डेहरिया, एसडीएम खिरकिया सुश्री रजनी वर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

जनसुनवाई में आवेदक आयुष शुक्ला ने ग्राम पचौला में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर वनमण्डलाधिकारी को मामले की जांच कर समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये। आवेदक शेख आसिफ ने जनसुनवाई में जिला पंचायत में किये गये वेल्डिंग कार्य हेतु बिल पास कराने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। ग्राम गोंदागांव खुर्द निवासी नितेश सिंह राजपूत ने गांव में सड़क निर्माण हेतु आवेदन दिया, जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। ग्राम पिपल्याकला निवासी सानिया कहार ने पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति न मिलने के संबंध में शिकायत की, जिस पर सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग को आवेदिका की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये।

जनसुनवाई में हरदा निवासी कमल सिंह व ग्राम पिपल्या निवासी समोता बाई ने तीन माह से वृद्धावस्था पेंशन न मिलने के संबंध में शिकायत की, जिस पर उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। ग्राम खिड़की वाला निवासी किसान दिनेश चन्द्र ने फसल बीमा की वर्ष 2024-25 की राशि प्राप्त न होने के संबंध में शिकायत की, जिस पर उप संचालक कृषि को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। ग्राम पाढरमाटी निवासी प्रमोद बड़ोदिया ने ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान न करने के संबंध में शिकायत की, जिस पर श्रम पदाधिकारी हरदा को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिये गये।

पिछले 24 घंटों में जिले में 2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

हरदा – जिले में गत चौबीस घंटों में 2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया गत चौबीस घंटे में हरदा तहसील में 2.5 मि.मी., टिमरनी में 7.8 मि.मी., खिरकिया में 0 मि.मी., सिराली में 0 मि.मी. तथा रहटगांव में 0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक जिले में 414.1 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक हरदा तहसील में 433.6 मि.मी., टिमरनी में 441.2 मि.मी., खिरकिया में 478.6 मि.मी., सिराली में 352.7 तथा रहटगांव में 364.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि गत वर्ष की 28 जुलाई तक 562.7 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी थी।

कृषि उपज मण्डी में 29 जुलाई को निलामी कार्य बंद रहेगा

हरदा – सचिव कृषि उपज मण्डी समिति हरदा ने बताया कि 29 जुलाई बुधवार को गुरू पूर्णिमा होने के कारण कृषि उपज मण्डी प्रांगण में निलामी कार्य बंद रहेगा। उन्होने किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि वे 29 जुलाई को अपनी कृषि उपज विक्रय हेतु नहीं लावें।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. बंकोलिया ने सोयाबीन कृषकों को दी उपयोगी सलाह

हरदा – कृषि विज्ञान केंद्र, हरदा वरिष्ठ तकनीकी पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार बंकोलिया ने सोयाबीन कृषकों के लिये उपयोगी सलाह दी है। उन्होने बताया कि सोयाबीन की फसल में इस समय तना मक्खी/ सफेद मक्खी को देखा जा रहा है। इसके नियंत्रण हेतु लक्षण दिखाई देने पर बाजार में उपलब्ध पूर्व मिश्रित कीटनाशक थामेमेंथाग्जाम 12.60 प्रतिशत + लेम्बड़ासायहेलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत जैड. सी. 50 मिली प्रति एकड़ अथवा पूर्व मिश्रित कीटनाशक बीटा सायफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लो प्रिड 140 मिली प्रति एकड़ अथवा आइसोसाइक्लोसरम 9.2डब्ल्यू डब्ल्यू. डीसी 240 मिली प्रति एकड़ का छिड़काव करें। सेमीलूपर इल्ली नियंत्रण हेतु क्लोरएंट्रानीलीप्रोल 18.5 एस.सी. 60 मिली प्रति एकड़ अथवा इमामेक्टिंन बेंज़ोएट 01.90 प्रतिशत 170 मिली प्रति एकड़ अथवा फ्लूबेंडियामाइड 20 डब्ल्यू. जी. 100 ग्राम प्रति एकड़ का छिड़काव करें। पीला मोजेक रोग के लक्षण दिखने पर प्रारंभिक अवस्था में ही रोग ग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़कर निष्कासित करें।

डॉ. बंकोलिया ने सलाह दी कि कृषक भाई सफेद मक्खी नियंत्रण हेतु खेत मे विभिन्न स्थानों पर पीली स्टिकी ट्रैप लगावे, तथा इन रोगों को फैलाने वाले वाहक सफेद मक्खी/एफिड की रोकथाम हेतु थामेमेंथाक्जाम 12.60 प्रतिशत + लेम्बड़ासायहेलोथ्रिन 09.50 प्रतिशत जैडसी 50 मिली प्रति एकड़ अथवा बीटा सायफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड 140 मिली का छिड़काव करें, इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। सोयाबीन फसल मे कालर रॉट अथवा रायजोक्टोनिया जड़ सड़न रोग के लक्षण दिखाई देने पर फफूंदनाशक टेबुकोनाझोल + सल्फर 400 ग्राम प्रति एकड़ का फसल पर छिड़काव करें।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. बंकोनिया ने कृषकों को सलाह दी है कि सोयाबीन फसल पर पौध संरक्षण के लिए अनुशंसित रसायन खरपतवारनाशक/ कीटनाशक/ फफूँदनाशक के छिड़काव में पर्याप्त पानी की मात्रा पावर पंप से 100 से 120 लीटर प्रति एकड़ का उपयोग करें। किसी भी प्रकार का कृषि आदान क्रय करते समय दुकानदार से हमेशा पक्का बिल लें, जिस पर बेच नंबर में एक्सपायरी दिनांक स्पष्ट लिखा हो। जिन रसायनों (कीटनाशक/ खरपतवारनाशक/फफूंद नाशक) के मिश्रित उपयोग की वैज्ञानिक अनुशंसा अथवा पूर्व अनुभव नही है, ऐसे मिश्रण का उपयोग कदापि नही करें, इससे फसल को नुकसान हो सकता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनी अधिसूचित फसल का बीमा 31 जुलाई तक अवश्य कराएं

हरदा – किसान बंधु वर्ष 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव से अनियमित वर्षा एवं प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को देखते हुए अपनी खरीफ फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसाान कल्याण विभाग ने किसान बंधुओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनी अधिसूचित फसल का बीमा 31 जुलाई 2026 तक अवश्य कराएं। फसल बीमा प्राकृतिक आपदा, सूखा, अतिवृष्टि एवं मौसम के कारण होने वाले अन्य जोखिमों से होने वाली आर्थिक हानि से सुरक्षा प्रदान करता है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 में जिले स्तर पर मूंग और पटवारी हल्का स्तर पर सोयाबीन, मक्का, धान सिंचित, धान असिंचित अधिसूचित है। किसान द्वारा देय प्रीमियम मूंग फसल का 618, सोयाबीन हेतु 766, मक्का हेतु 694, धान सिंचित हेतु 946, धान असिंचित हेतु 652 रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। उन्होने अऋणी अथवा कालातीत (एन.पी.ए.) कृषक भाईयों से अनुरोध किया है कि वे कॉमन सर्विस सेन्टर अथवा बैंक के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक व आधारकार्ड तथा बटाईदार कृषक के लिए आवश्यक दस्तावेज खोटनामा, ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, आधारकार्ड एवं कृषि भूमि स्वामी का आधारकार्ड ले जाकर फसल बीमा करवा सकते है। इस हेेतु फार्मर आईडी भी बना हुआ होना आवश्यक है। उन्होने बताया कि फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ग्राम पंचायत स्तर पर भी प्रचार-प्रसार करने के लिए जा रहे है, किसान भाई इन प्रतिनिधियों से भी फसल बीमा संबंधी जानकारी ले सकते है। इसकेे अलावा फसल बीमा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाईन नम्बर 14447 पर भी संपर्क किया जा सकते है। किसान बंधु अंतिम तिथि का इंतजार न करें, आज ही निकटतम बैंक शाखा, ग्राहक सेवा केन्द्र, फसल बीमा पोर्टल, फसल बीमा ऐप एवं अधिकृत बीमा कंपनी के मध्यस्थ के माध्यम से फसल बीमा कराएं।श्रम प्रहरी अभियान से जुड़ें, मध्यप्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाएं

सुरक्षित कार्यस्थल निर्माण में जनसहभागिता की अपील

हरदा – श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन एवं सुरक्षित कार्यस्थलों के निर्माण के उद्देश्य से ‘श्रम प्रहरी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से श्रमिक हितों की रक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

अभियान के अंतर्गत नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके आस-पास कोई अपंजीकृत कारखाना, अवैध औद्योगिक इकाई, असुरक्षित कार्यस्थल अथवा बाल श्रम से संबंधित कोई मामला दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग को दें। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर विभाग द्वारा आवश्यक जांच एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नागरिक श्रम विभाग के पोर्टल www.labour.mp.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं अथवा श्रमिक हेल्पलाइन 1800-233-8888 पर सूचना दे सकते हैं। सभी नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ बनकर सुरक्षित, श्रमिक हितैषी एवं बाल श्रम मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते है।

श्रम प्रहरी केवल सूचना देने वाला नागरिक नहीं, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा तथा बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सहभागी एक जिम्मेदार नागरिक है। कोई भी आम नागरिक जो श्रमिकों की सुरक्षा चाहते हैं, सुरक्षित कार्यस्थलों का समर्थन करते हैं, बाल श्रम के विरुद्ध हैं तथा श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, तो इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

अभियान विशेष रूप से बाल श्रम उन्मूलन पर भी केंद्रित है। किसी भी निर्माण स्थल, औद्योगिक इकाई या अन्य कार्यस्थल पर कार्यरत बाल श्रमिकों की पहचान होने पर इसकी सूचना दें, ताकि संबंधित बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा एवं बेहतर भविष्य से जोड़ा जा सके। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है।

 

प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में एआई और फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्स की होगी निःशुल्क पढ़ाई

आईआईटी दिल्ली के सहयोग से विद्यार्थियों को दिया जाएगा आधुनिक तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण

प्रदेश के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस व 13 स्वशासी महाविद्यालयों में मिलेगी सुविधा

हरदा – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एआई एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वशासी महाविद्यालय शामिल हैं। यह कोर्स आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

शासकीय महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में एआई और फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी। पाठ्यक्रम का संचालन आईआईटी दिल्ली के सहयोग से किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। महाविद्यालयों में संचालित यह सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निःशुल्क होगा।

2000 विद्यार्थियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 2000 विद्यार्थियों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में यह लक्ष्य 1000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।

सर्टिफिकेट कोर्स से विद्यार्थियों को होने वाले लाभ

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे एआई और फिनटेक विथ एआई सर्टीफिकेशन कोर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। जिससे वे नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग करते हुए नवाचार और डिजिटल युग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इससे विद्यार्थियों को करियर में नए अवसर मिलेंगे। वर्तमान के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फिनटेक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एआई और फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कौशल-विकास कार्यक्रम बनकर उभर रहा है। इस कोर्स से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, साइबर सुरक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा एआई आधारित आधुनिक वित्तीय समाधान का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। साथ ही वे बैंकिंग, फिनटेक कंपनियों, आईटी क्षेत्र, स्टार्ट-अप और डिजिटल वित्तीय सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

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