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Sunday, 8 November 2026
खंडवा

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने “विश्व सिकलसेल दिवस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया

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पावनसिटी खंडवा

मध्यप्रदेश में सिकलसेल उन्मूलन के प्रयासों की सराहना की-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

खंडवा – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने 5 दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान शुक्रवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के अंतर्गत आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष विभाग मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री श्री विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल उन्मूलन मित्र उपस्थित थे।

प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी ली। उन्होंने सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रदर्शनी में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा सिकलसेल रोग की पहचान, उपचार, परामर्श, जागरूकता अभियान तथा बचाव संबंधी उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों ने राष्ट्रपति को मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे स्क्रीनिंग अभियान, जेनेटिक काउंसिलिंग, निःशुल्क उपचार व्यवस्था, सिकलसेल मोबाइल एप एवं पोर्टल एवं रोग उन्मूलन की कार्ययोजना की जानकारी दी।

जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदर्शनी में जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाओं, सिकलसेल रोगियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, अनुसूचित जाति राहत योजना तथा विभाग की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन प्रयासों की जानकारी लेकर उनकी उपयोगिता की सराहना की।

इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, वन स्टॉप सेंटर, पोषण आहार, महिला हेल्पलाइन-181 सहित महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाई जा रही सेवाओं की भी प्रशंसा की।

प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा सिकलसेल उन्मूलन मिशन को सफल बनाने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन 2047 से जुड़े सिकलसेल मित्रों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। यह कार्यक्रम सिकलसेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वर्ष 2047 तक इसके उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

इस दौरान बताया गया कि सिकलसेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में जीन के माध्यम से फैलता है। इस रोग में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य गोल आकार की बजाय हंसिए के आकार की हो जाती हैं। इसी कारण इसे सिकलसेल कहा जाता है। इन असामान्य कोशिकाओं के कारण शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और रक्त वाहिकाओं में रुकावट आ सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत व्यापक स्तर पर जांच, उपचार और जन-जागरूकता अभियान चला रही हैं।

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