जनता बनी टैक्स चुकाने की मशीन: ₹200 जलकर देने के बाद भी बूंद-बूंद के लिए तरस रहे नगरवासी, लापरवाह अधिकारी वर्षों से मलाईदार कुर्सी पर बैठकर कर रहे करोड़ों का भ्रष्टाचार. नेता प्रतिपक्ष ने की कलेक्टर से शिकायत की जांच की मांग
पावनसिटी हरदा।
नगर पालिका हरदा में जल संकट अब आम समस्या नहीं बल्कि जनजीवन के लिए गंभीर संकट बन चुका है। पिछले 6 दिनों से शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। हालात इतने बदतर हैं कि आम नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। नलों में पानी नहीं आ रहा है और टैंकरों के माध्यम से भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है।
इस गंभीर मामले को लेकर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष द्वारा कलेक्टर हरदा से औपचारिक शिकायत की गई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाए हुए हैं। नगर पालिका के सीएमओ फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष भी अपने ही वार्ड में पानी उपलब्ध कराने में असमर्थ दिखाई दे रही हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
हरदा के वार्ड 23 फकरुद्दीन अली वार्ड एवं वार्ड नंबर 24 सुभाष वार्ड में भी विगत एक हफ्ते से पानी की किल्लत के लिए तस्ते वार्ड वासी अपना दर्द किसको सुनाएं दोनों वार्ड में बीजेपी के पार्षद हैं इसके बाद भी दोनों वार्डो में पानी की समस्याओं से नागरिक परेशान होते नजर आ रहे हैं वार्ड वार्ड बस पार्षद अपने वार्ड की खैर खबर तक लेने नहीं आते दोनों पार्षद को लोगों ने चुनकर थका सा महसूस कर रहे हैं इन पार्षदों ने जिस तारीख से चुनाव जीत कर आए हैं कभी भी लोगों से जनसंपर्क करने की कोशिश नहीं की है ना कोई कांटेक्ट करने की जरूरत की है नगर पालिका सीएमओ कमलेश पाटीदार को फोन लगाओ तो वह फोन नहीं उठाते जब वह पत्रकारों के फोन नहीं उठाते हैं तो आम जनता के साथ क्या सलूक करते होंगे यह तो आप अंदाजा ही लगा सकते हैं हड़ताल नगर पालिका के सीएमओ नगर पालिका अध्यक्ष की सेवा में अपने आप को हिटलर साईं रुक बना रखा है कि वह भूल गए हैं कि आपको जो तनक दी जाती है वह जनता के टैक्स से ही दी जाती है ना कि नगरपालिका अध्यक्ष अपने घर से आपको तनखाव देते हैं आप सरकारी पौधे पर बैठे हुए आप एक अधिकारी हैं ना की आप कोई जन्प्र तिनिधि नहीं है आपको तनक सरकार देती है आपको जनता के हित में कार्य करना चाहिए ना की अपनी मनमर्जी करना चाहिए आपको भी शहर की जनता को एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं उसकी पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए जनता आपको ₹200 प्रति माह से जलकर दे रही है उसके बाद भी आप जल एक समय ही उपलब्ध करा पा रहे हैं वह भी ना के बराबर वार्ड 23,24 में मंगलवार को नल का पानी नहीं दिया गया ना ही इसकी कोई सूचना समाचार पत्रों में के माध्यम से वार्ड वासियों को नहीं दी गई वार्ड वासी बूंद बूंद पानी के लिए तरसते रहे ना ही कोई वैकल्पिक टैंकरों की व्यवस्था की गई जिससे वार्ड वासियों को पानी उपलब्ध कराया जा सके इस बात का भी नगर पालिका सीएमओ को शुद्ध नहीं ली क्या हरदा की नगरपालिका हिटलर राज चल रही है जनता को अब जागना होगा अब नहीं तो कब कभी नहीं,,!
आज वार्ड क्रमांक 26 की महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर नगर पालिका पहुंचीं, लेकिन उनके विरोध और गुहार के बावजूद भी शाम तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है और स्थिति कभी भी उग्र रूप ले सकती है।
जल विभाग में वर्षों से जमे कर्मचारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार चरम पर
सूत्रों के अनुसार जल विभाग में लंबे समय से जमे कर्मचारियों द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। नए जल कनेक्शन के नाम पर निर्धारित ₹3500 की जगह ₹4000 की रसीद काटी जा रही है और कुल मिलाकर ₹8000से 10000 तक की अवैध वसूली की जा रही है।
गड्ढा खुदाई के नाम पर ₹1500 तक अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं। आधा इंच कनेक्शन की जगह पौन इंच कनेक्शन देने के नाम पर अलग से रकम वसूली जा रही है। यदि कोई अधिक पैसे देता है तो उसे एक दिन में कनेक्शन मिल जाता है, अन्यथा आम नागरिक को एक महीने तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नल सुधार के नाम पर भी बिना रसीद के अवैध वसूली आम बात हो गई है। हेड पंप से निकली पाइपों को नगर पालिका में जमा करने के बजाय बाहर ही बेच दिया जाता है। पुरानी सामग्री का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता और उसका दुरुपयोग किया जाता है।
इतना ही नहीं, नई मोटर मंगवाकर पुरानी मोटर लगा दी जाती है और नई मोटर को बाजार में बेच दिया जाता है। ठेकेदारों से कमीशन लेकर ही फाइलें आगे बढ़ाई जाती हैं, अन्यथा फाइलों को दबाकर रखा जाता है। पूर्व में भी ऐसी अनियमितताओं के कारण अधिकारियों पर कार्रवाई की स्थिति बन चुकी है, लेकिन फिर भी भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा।
जनता पर दोहरी मार – टैक्स भी दो, सुविधा भी नहीं
नगर पालिका द्वारा जलकर में ₹200 की वृद्धि कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद नागरिकों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। यह सीधा-सीधा जनता के साथ अन्याय है।
मुख्य मांगें:
– तत्काल जल आपूर्ति बहाल की जाए
– प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत टैंकरों की व्यवस्था हो
– जल विभाग की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
– अवैध वसूली पर पूर्ण रोक लगे
– वर्षों से जमे कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए
– जल व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

