वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव एवं सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचें

बेतरतीब खड़े वाहनों पर लगेगा व्हील लॉक, यातायात व्यवस्था सुधारने के लिये होगी सख्त कार्रवाई

सावधानः सड़क पर खड़े वाहन को टो व्हीकल से उठाया जा सकता है

समूचे जिले प्लास्टिक के उपयोग को किया जाएगा हतोत्साहित, स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री जैन ने ली बैठक

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए शुरू हुई ‘सुमन पंचायत’ पहल

हरदा – कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने सोमवार को आयोजित समयावधि अंकित पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि हरदा नगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों पर ‘व्हील लॉक’ लगाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वाहनों को ‘टो व्हीकल’ के माध्यम से हटाया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करें तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा विद्युत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। ग्राम पंचायतों को भी अपने बकाया बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए गए, जिससे उनकी विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो।

कलेक्टर ने अवैध खनिज उत्खनन के मामलों में आरोपित अर्थदंड की सख्ती से वसूली करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को नियमित कार्रवाई करते हुए शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की भी साप्ताहिक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-सीमा में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा भी की गई। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम खिरकिया सुश्री रजनी वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री जैन ने ली बैठक

समयबद्ध एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

हरदा  कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने तथा विभागवार सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। बैठक में समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, मंच निर्माण, ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव का पर्व है, इसलिए आयोजन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समय पर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही समारोह स्थल की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरी गरिमा, अनुशासन एवं उत्साह के साथ संपन्न कराया जाए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम खिरकिया सुश्री रजनी वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री असवनराम चिरामन व सुश्री तृप्ति पटेरिया सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

 

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए शुरू हुई ‘सुमन पंचायत’ पहल

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को मिलेगा एक लाख रूपये का प्रोत्साहन पुरस्कार

हरदा – मध्यप्रदेश सरकार ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘सुमन पंचायत’ पहल प्रारंभ की है। इस अभिनव पहल के तहत उन ग्राम पंचायतों को ‘सुमन पंचायत’ घोषित किया जाएगा, जहां एक वर्ष की अवधि में एक भी मातृ मृत्यु, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा-रूबेला का कोई मामला दर्ज नहीं होगा, ऐसी पंचायतों को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्राम स्तर पर गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, नवजात एवं बच्चों का नियमित टीकाकरण, बेहतर पोषण तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। योजना के अंतर्गत पंचायतों के दावों का सत्यापन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में सरपंच एवं ग्राम पंचायत सचिव द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिलेखों का परीक्षण करेंगे। अंतिम चरण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सत्यापन के उपरांत पात्र पंचायतों का चयन किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ेगी, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा, शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पिछले 24 घंटों में जिले में 3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

हरदा – जिले में गत चौबीस घंटों में 3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया गत चौबीस घंटे में हरदा तहसील में 0.8 मि.मी., टिमरनी में 0 मि.मी., खिरकिया में 1.2 मि.मी., सिराली में 7.8 मि.मी. तथा रहटगांव में 5.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक जिले में 390.9 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक हरदा तहसील में 418.9 मि.मी., टिमरनी में 422.2 मि.मी., खिरकिया में 439.6 मि.मी., सिराली में 324.6 तथा रहटगांव में 349.5 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि गत वर्ष की 20 जुलाई तक 444.2 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी थी।

खुशियों की दास्तां

सामाजिक न्याय विभाग की ‘घर पहुँच सेवा’ से दिव्यांग बसंत को घर पर मिली व्हीलचेयर

हरदा – सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र, हरदा द्वारा नवाचार के रूप में ‘घर पहुँच सेवा’ संचालित की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक माह ऐसे दिव्यांगजनों को चिन्हित किया जाता है, जो शारीरिक स्थिति अथवा गंभीर बीमारी के कारण विभागीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालय आने में असमर्थ होते हैं। उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, हरदा श्री कमलेश सिंह ने बताया कि इसी क्रम में जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के विशेषज्ञों द्वारा श्री बसंत बरैया, पिता श्री जगन्नाथ, निवासी वार्ड क्रमांक 13, मानपुरा, हरदा का घर पर जाकर परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय अनुशंसा एवं आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण उपरांत उन्हें उनके निवास पर ही निःशुल्क व्हीलचेयर प्रदान की गई।

व्हीलचेयर प्राप्त करते ही श्री बसंत बरैया भावुक हो उठे। वे लंबे समय से लकवा (पैरालिसिस) की बीमारी से ग्रसित हैं, जिसके कारण उनका आवागमन अत्यंत कठिन हो गया था। व्हीलचेयर मिलने से उनके दैनिक जीवन एवं आवागमन में काफी सुविधा होगी। इस अवसर पर पुनर्वास केन्द्र की टीम के प्रशासनिक अधिकारी श्री मयंक काले, पी. एंड ओ. टेक्नीशियन श्री एस. नागले, सीनियर स्पीच थेरेपिस्ट श्री प्रेमनारायण जाट, वोकेशनल काउंसलर श्री अशोक बारवाल, श्री तुलाराम अटले एवं श्री निखिल चौरे उपस्थित रहे। इस दौरान टीम ने दिव्यांगजन को व्हीलचेयर के सुरक्षित एवं सही उपयोग की जानकारी भी प्रदान की।

उपसंचालक  कमलेश सिंह ने बताया कि विभाग की ष्घर पहुँच सेवाष् का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजनों तक विभागीय सुविधाएँ पहुँचाना है, जो गंभीर बीमारी, अशक्तता अथवा अन्य कारणों से कार्यालय तक आने में सक्षम नहीं हैं। विभाग भविष्य में भी इस जनहितैषी पहल को निरंतर जारी रखेगा, ताकि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को समय पर आवश्यक सहायक उपकरण एवं पुनर्वास सेवाओं का लाभ उनके घर तक उपलब्ध कराया जा सके।

वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव एवं सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

 

सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचें

हरदा 20 जुलाई 2026/ वर्षा ऋतु में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा आवासीय परिसरों में सांपों की गतिविधियां बढ़ने के कारण सर्पदंश की घटनाओं की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं।

सीएमएचओ डॉ एच.पी. सिंह ने बताया कि जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों का सफल उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को शांत एवं स्थिर रखें तथा अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं। दंश वाले स्थान को साफ पानी से धोकर स्वच्छ कपड़े से ढक दें और जिस अंग पर सांप ने काटा हो उसे यथासंभव स्थिर रखें। सूजन की संभावना को देखते हुए अंगूठी, कड़ा, घड़ी, बेल्ट अथवा अन्य आभूषण निकाल दें। यदि पीड़ित बेहोश हो या उल्टी की संभावना हो तो उसे करवट की स्थिति में लिटाकर अस्पताल ले जाएं। यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो चिकित्सक को सर्पदंश का समय तथा सांप का स्वरूप बताएं, लेकिन सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास का सहारा न लें। दंश वाले स्थान को काटने, चूसने या चीरा लगाने का प्रयास न करें तथा कसकर पट्टी न बांधें। बर्फ, तेल, मिट्टी, रसायन या किसी जड़ी-बूटी का उपयोग न करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें। उपचार में देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।

नागरिकों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। खेतों, झाड़ियों अथवा अंधेरे स्थानों पर जाते समय पैरों को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनें, रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें तथा हाथ या पैर किसी स्थान पर रखने से पहले वहां अच्छी तरह देख लें। फर्श पर सोने से बचें और आवश्यकता होने पर अच्छी तरह बंद मच्छरदानी का उपयोग करें। घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियां, कचरा एवं लकड़ियों के ढेर हटाएं तथा चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार काटे गए स्थान पर तेज दर्द या सूजन, पलकों का भारी होना, धुंधला दिखाई देना, अत्यधिक पसीना आना, मतली या उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में घबराने के बजाय तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचें। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में रोगी का जीवन बचाया जा सकता है।

Leave a Reply