पावनसिटी हरदा
संपादक -अशफाक अली
हरदा की नगर पालिका भाजपा की परिषद है मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है जिला प्रशासन भाजपा की कठपुतली बना हुआ है शहर में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है शहर में रोड,नाली,पानी की समस्या आम हो गई है कोई सुनने वाला नहीं है हरदा की जनता ठगा महसूस कर रही है नेता प्रतिपक्ष अपनी बात परिषद में उठते हैं तो भाजपा के नेता कलेक्टर से शिकायत करते हैं नगर पालिका परिषद की बैठक में शासकीय कार्य में वादा करने के आरोप लगाते हैं आम जनता की तो सुनती नहीं है विपक्ष का आवाज उठाता है तो उसकी आवाज दवाई जाती है क्या हरदा में लोकतंत्र का यही मतलब है भाजपा एवं कांग्रेस को शहर की जनता ने ही चुना है शहर के मुद्दों को उठाने का सभी प्रतिनिधियों को हक है
नेता प्रतिपक्ष पर लगाए गए आरोप भाजपा की सुनियोजित साजिश, निष्पक्ष जांच तक कांग्रेस करेगी परिषद बैठकों का बहिष्कार
हरदा। नगर पालिका परिषद की 17 जुलाई को आयोजित सामान्य परिषद बैठक में जनहित के मुद्दे उठाने पर नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी एवं कांग्रेस पार्षदों को राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की गई। इसी विषय पर सोमवार को गुरु कृपा होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और विपक्ष की आवाज दबाने का षड्यंत्र बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक प्रतिनिधि अनिल दुबे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन बिश्नोई, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पवार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमिला सिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी सहित कांग्रेस पार्षद एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विधायक प्रतिनिधि अनिल दुबे ने कहा कि परिषद की बैठक में वार्ड क्रमांक-12 के पार्षद अक्षय उपरीत ने नगर में दूषित पेयजल की गंभीर समस्या नगर पालिका अध्यक्ष एवं सीएमओ की अनुमति से उठाई थी। इसी दौरान भाजपा पार्षदों ने सुनियोजित तरीके से व्यवधान उत्पन्न कर बैठक का वातावरण खराब किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने केवल जनता पर बढ़ाए गए जलकर, संपत्ति कर एवं सफाई कर के बावजूद नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का सवाल उठाया था। यदि नगरवासियों से अधिक कर वसूला जा रहा है तो उन्हें स्वच्छ पेयजल, बेहतर सफाई और गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन बिश्नोई ने कहा कि भाजपा विपक्ष की आवाज से घबराकर राजनीतिक दुर्भावना के तहत झूठे आरोपों का सहारा ले रही है। अमर रोचलानी कांग्रेस पार्षदों के साथ में पूरी कांग्रेस पार्टी खड़ी है हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। भाजपा नेताओं के लिए अवकाश के दिन भी प्रशासन के दरवाजे खुल जाते हैं, जबकि किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सामान्य दिनों में भी न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है। यह दोहरा मापदंड लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पवार ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस अपने सभी पार्षदों के साथ मजबूती से खड़ी है। विपक्ष का संवैधानिक दायित्व जनहित के मुद्दे उठाना है, लेकिन भाजपा जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय झूठी शिकायतों और राजनीतिक षड्यंत्रों के माध्यम से विपक्ष को बदनाम करने में लगी हुई है।
कांग्रेस पार्षद अहद खान ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लगातार उजागर करने के कारण विपक्षी पार्षदों को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में भी जनप्रतिनिधियों को परिषद से बाहर करने के लिए इसी प्रकार के मनगढ़ंत आरोप लगाए जाएंगे।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमिला सिंह ठाकुर ने फटाखा ब्लास्ट प्रभावित वार्ड क्रमांक-31 में शुद्ध पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एनजीटी की चेतावनियों के बावजूद आज तक वहां सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने तत्काल पानी की टंकी निर्माण एवं नई पाइपलाइन बिछाने की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्षद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं। जब तक सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कांग्रेस के सभी पार्षद नगर पालिका परिषद की बैठकों का बहिष्कार करेंगे। साथ ही आगामी 15 अगस्त से पूरे शहर में जलकर, संपत्ति कर एवं सफाई कर में की गई भारी वृद्धि के विरोध में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि 17 जुलाई की परिषद बैठक में जो विवाद हुआ, वह स्वतः नहीं बल्कि सत्ता पक्ष द्वारा सुनियोजित तरीके से उत्पन्न कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के विषय क्रमांक-11 में डूडी बिल्डकॉम के डामरीकरण कार्य का लगभग 15 प्रतिशत अधिक दर वाला टेंडर स्वीकृत किया जाना प्रस्तावित था, जिसका कांग्रेस पार्षद तथ्यों के साथ विरोध करने की तैयारी में थे। उनका आरोप है कि इसी मुद्दे पर चर्चा से बचने और संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर पर्दा डालने के उद्देश्य से पहले परिषद का माहौल जानबूझकर खराब किया गया और बाद में उन्हें बिना किसी वैध कारण के परिषद से बाहर जाने का निर्देश दे दिया गया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इसी प्रकार के डामरीकरण कार्य कम दरों पर कराए जा रहे हैं, तब नगर पालिका में 15 प्रतिशत अधिक दर पर टेंडर स्वीकृत करने का प्रयास गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है। उन्होंने मांग की कि इस टेंडर प्रक्रिया की भी उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि नगर पालिका के करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान की सच्चाई जनता के सामने आ सके।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा जनहित के सवालों का जवाब देने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। इसलिए जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिए विपक्ष पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस किसी भी निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटेगी, बल्कि परिषद बैठक की संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सार्वजनिक करने की मांग करती है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और दोषी व्यक्ति की पहचान हो सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस पार्षदों एवं पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परिषद बैठक के पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज एवं वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेश चौहान,सेवादल जिला अध्यक्ष मुन्ना पटेल, पार्षद सुप्रिया पटेल, मुकेश पाराशर, बबीता सोनकर संजय दशोर,अक्षय उपरीत, शिवरत्री गीते , प्रीति चौहान, सहित अन्य कांग्रेस पार्षद एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

