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Sunday, 8 November 2026
खंडवा

ओंकारेश्वर में नर्मदा महाआरती” के बाद, आटे के आकर्षक दीपकों से दीपदान

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पावनसिटी  खंडवा
खंडवा – मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली पवित्र नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। अब प्रतिदिन होने वाली नर्मदा महाआरती में दीपदान के लिए आटे से बने दीपकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।
कलेक्टर  ऋषव गुप्ता ने बताया कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं को आटे से बने दीपक उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि नर्मदा नदी में प्लास्टिक, थर्माकोल और अन्य प्रदूषणकारी सामग्री का प्रवाह रोका जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मां नर्मदा की पवित्रता बनाए रखना और श्रद्धालुओं को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे पवित्र तीर्थस्थलों की तर्ज पर ओंकारेश्वर नगरी में भी मां नर्मदा के तट पर प्रतिदिन भव्य महाआरती का आयोजन नियमित रूप से प्रतिदिन शाम को किया जा रहा है। इस आरती में देश-विदेश से आने वाले सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर दीपदान करते हैं और पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि आटे के दीपक की बत्ती जल जाने के बाद, आटा जल में आसानी से घुल जाता हैं और मछली एवं अन्य जलीय जीवों के लिए भी हानिकारक नहीं होते, बल्कि उनके लिए भोजन का कार्य करते हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला स्व सहायता समूह को आटे के दीपक निर्माण का व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई गई है। इससे महिलाएं तो आत्मनिर्भर हो ही रही हैं, साथ ही नदी में प्रदूषण भी रुक रहा है, और जलीय जीव जंतुओं को भोजन भी मिल रहा है।

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