पावनसिटी हरदा
प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 493 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 4,33,67,483 रूपये की वसूली की गई तथा 986 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया*
हरदा – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा व्यवहार न्यायालय टिमरनी, जिला हरदा में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत में जिले में कुल 15 खण्डपीठ बनाई थी जिसमें से 14 खण्डपीठ न्यायालयों की, 01 खण्डपीठ उपभोक्ता फोरम की बनाई गई थी। गठित खण्डपीठों द्वारा सुलह समझौते के आधार पर कुल 493 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 4,33,67,483 (चार करोड़ तैतीस लाख सढसठ हजार चार सौ तिरासी रूपये मात्र) के अवार्ड पारित किए गए तथा कुल 986 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया। इसी तरह प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 631 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 43,76,590 (तिरतालीस लाख छिहत्तर हजार पांच सौ नब्वे रूपये मात्र) रूपये की वसूली की गई तथा 1262 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में पक्षकारगणों को गठित खण्डपीठों द्वारा दी गई समझाईश के उपरांत पक्षकारगण अपने-अपने प्रकरणों को समाप्त करने के लिए राजी हुए। पक्षकारगणों को उनके राजीनामें करने पर प्रकरण समाप्त होने पर स्मृति स्वरूप फलदार वृक्ष भेंट किए गए तथा उन्हें उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ विदा किया गया।
सफलता की कहानी
समझाईश के बाद स्वेच्छा से पक्षकार अपने प्रकरण को समाप्त करने के लिए राजी हुए
हरदा – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा व्यवहार न्यायालय टिमरनी, जिला हरदा में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत में खण्डपीठ क्रमांक 02 के पीठासीन अधिकारी प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, श्री सुधीर कुमार चौधरी के समक्ष उनके न्यायालय में लंबित एक प्रकरण जिसमें आवेदिका पूजा (परिवर्तित नाम) ने स्वयं एवं उसकी अवयस्क 3 पुत्रियां की ओर से अनावेदक प्रकाश (परिवर्तित नाम) के विरुद्ध धारा 144 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत भरण-पोषण की राशि दिलाए जाने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था, जिस पर से प्रकरण एम.जे.सी.आर./98/2025 दर्ज हुआ। उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद व झगड़ा होने के कारण उभयपक्ष 13 जून 2025 से पृथक्-पृथक् रह रहे थे। उभयपक्ष के मध्य समझौते के तत्व विद्यमान होने से दिनांक 09 मई को आयोजित नेशनल लोक अदालत में उभयपक्षों को पीठासीन अधिकारी के संयुक्त प्रयास से समझाईश दिये जाने के बाद स्वेच्छा से पक्षकार अपने प्रकरण को समाप्त करने के लिए राजी हुए।
प्रकरण निराकरण उपरांत उभयपक्ष द्वारा एक-दूसरे को फूलों की माला पहनाई गई
राजीनामा उपरांत प्रकरण समाप्त होने पर उभयपक्षों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधी श व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी द्वारा पौधे भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ विदा किया गया। इस प्रकार दोनों पक्षों की आपसी समझदारी से राजीनामा उपरांत मुकदमें का हमेशा के लिए अंत हुआ तथा पक्षकारों को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय मिला। इस प्रकार उभयपक्ष राजीखुशी अपने घर को रवाना हुए तथा पति-पत्नी के बीच वर्षों से चल रहे विवाद को लोक अदालत के माध्यम से समाप्त किया गया।

