हरदा जिले मे 2500 वाहन मालिक सड़क पर, 100 KM दूर भटकने को मजबूर
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में प्रशासन की एक “छोटी सी” सुविधा बंद करने के फैसले ने हरदा जिले के हजारों वाहन मालिकों की कमर तोड़ दी है। जिला परिवहन कार्यालय हरदा में वाहनों के फिटनेस की सुविधा अचानक समाप्त कर दिए जाने के बाद अब जिले के नागरिकों को अपना काम कराने के लिए 100 किलोमीटर दूर दूसरे जिलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर *संजय कमल चंद जैन, विधायक प्रतिनिधि ए, हरदा* ने 10 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि माननीय परिवहन मंत्री, कलेक्टर हरदा एवं जिला परिवहन अधिकारी को भी भेजी गई है।
समस्या की जड़ क्या है?
जैन के अनुसार हरदा एवं जिले की सभी तहसीलों में लगभग 2500 से अधिक व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इसमें गुड्स ट्रक, यात्री बसें, स्कूल बसें और ऑटो रिक्शा शामिल हैं। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार इन सभी वाहनों का फिटनेस प्रमाण-पत्र हर 5 माह में नवीनीकृत कराना अनिवार्य है।
पहले यह पूरी प्रक्रिया हरदा के जिला परिवहन कार्यालय में ही संपन्न हो जाती थी। लेकिन अब परिवहन विभाग द्वारा हरदा में फिटनेस जांच की सुविधा बंद कर दी गई है। अब वाहन मालिकों को मजबूरन होशंगाबाद, बैतूल, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में जाना पड़ रहा है।
जनता पर 4 बड़ा असर
1. *आर्थिक मार*: एक वाहन को फिटनेस के लिए लगभग 200 KM का सफर करना पड़ रहा है। डीजल, टोल और चालक का खर्च जोड़कर प्रति वाहन 2500-3000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
2. *समय और काम की हानि*: जो काम 1 दिन में होता था अब उसमें 2-3 दिन लग रहे हैं। इससे स्कूल बसें लेट, यात्री बसों की सेवाएं प्रभावित और माल ढुलाई ठप हो रही है।
3. *छात्रों और आम यात्रियों की परेशानी*: स्कूल बसों के समय पर फिटनेस न होने से बच्चों की पढ़ाई और यात्रियों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
4. *सरकार की नीति के विपरीत*: माननीय प्रधानमंत्री जी का “ऊर्जा बचत अभियान” और “ईज ऑफ लिविंग” का नारा तब खोखला लगता है जब एक छोटे से काम के लिए लोगों को 100 KM दूर धक्के खाने पड़ें।
क्या कहा विधायक प्रतिनिधि ने?
संजय जैन जी ने कहा कि “यह निर्णय न सिर्फ अव्यवहारिक है बल्कि जनविरोधी भी है। हरदा एक जिला मुख्यालय है और यहां 2500 से अधिक वाहनों के लिए बुनियादी सुविधा उपलब्ध न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल वाहन मालिक बल्कि आम जनता भी परेशान है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हरदा जिला परिवहन कार्यालय में फिटनेस जांच की सुविधा को तत्काल पूर्ववत शुरू किया जाए। साथ ही तब तक के लिए अस्थायी व्यवस्था कर वाहन मालिकों को राहत दी जाए।
वाहन चालकों में आक्रोश
स्थानीय ऑटो चालक संघ और ट्रांसपोर्टरों ने भी इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि छोटे ऑटो चालकों के लिए बार-बार दूसरे जिले जाना संभव नहीं है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर

