मध्य प्रदेश शासन के द्वारा चलाई जारी जनता के हित में सरकार द्वारा चलाई गई जनसुनवाई जो हर मंगलवार को हर जिले में संचालित की जाती है जनसुनवाई में एक किसान का मामला सामने आया जिले  खंडवा में एक किसान को सुनवाई के दौरान एसडीएम द्वारा 151 लगाकर जेल भेज दिया गया किसान की गलती इतनी थी, कि वह दुखी होकर आवेश में ऊंची आवाज में बात कर रहा था। किसान को गुंडा बताया गया। यह एसडीएम ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।

क्या मध्यप्रदेश शासन उसे किस को न्याय दिला पाएगा यह उसे एसडीएम अधिकारी को बचाया जाएगा या एसडीएम के ऊपर कार्रवाई की जाएगी यह तो आने वाले समय पर ही पता चलेगा फिलहाल किस को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है न्याय मांगने वाले पर प्रशासन भी कार्रवाई कर रहा है तो फिर न्याय लेने के लिए परेशान जनता कहां जाएगी आज कल जनसुनवाई में औपचारिकता निभाई जा रही है जमीनी स्तर पर कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है जनसुनवाई में आए कहीं आवेदन करता हूं ने बताया कि कई सालों से वह चक्कर लगा रहे हैं मगर आश्वासन के अलावा उनको कुछ नहीं मिला शिवा जांच के नाम पर गुमराह किया जा रहा है क्या शासन में कोई भी कार्य की गाइडलाइन नहीं दी गई है क्या कि उसे समय में उसे व्यक्ति के आवेदन पर विचार कर उसका व निया कारण  किया जा सके मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव जी को इस पर ध्यान देने की जरूरत है एक तो अधिकारी कर्मचारी वर्किंग समय में जनसुनवाई के नाम पर 2 घंटे यहां बैठकर टाइम पास कर कर निकल जाते हैं इसमें शासकीय के कर्म में भी अधिकारियों के कार्य में समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं जिससे कार्यालय में जो कार्य समय पर किया जा सके वह भी नहीं हो पता है

मध्य प्रदेश सरकार किसान हितेषी है। मुख्यमंत्री निश्चित रूप से ऐसे अधिकारी के खिलाफ में सख्त कार्रवाई करेंगे और किसान को न्याय मिलेगा ऐसी आशा है।

भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा किसानों का ध्यान रखा है और इस प्रकार के अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी काम करेंगे तो सरकार की बदनामी ही करेंगे इसलिए इसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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