पावनसिटी खंडवा
संपादक सैयद अशफाक अली
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अब 1 लाख से घटकर 25 हजार रुपये हुई e-Zero FIR की सीमा
खंडवा सहित प्रदेश के एक दर्जन जिलों में लगभग 5 हजार e-Zero FIR दर्ज की जा चुकी हैं
खंडवा – साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराने और ठगी गई राशि को समय रहते होल्ड अर्थात फ्रीज कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस ने e-Zero FIR व्यवस्था का दायरा और अधिक विस्तृत कर दिया है। अब प्रदेश में 25 हजार रुपये अथवा उससे अधिक राशि की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी e-Zero FIR दर्ज की जा रही है। इससे पहले यह सुविधा 1 लाख रुपये अथवा उससे अधिक राशि की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के लिए लागू थी।
उल्लेखनीय है कि 25 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा मध्यप्रदेश में e-Zero FIR व्यवस्था का शुभारंभ किया गया था। तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है। इसके माध्यम से साइबर अपराध की सूचना प्राप्त होते ही एफआईआर की प्रक्रिया प्रारंभ करने, डिजिटल साक्ष्यों के शीघ्र संरक्षण तथा धोखाधड़ी की राशि को अपराधियों द्वारा आहरित किए जाने से पहले होल्ड (Freeze) कराने की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 25 दिसंबर 2025 से e-Zero FIR व्यवस्था पर निरंतर गंभीरता एवं प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप इस व्यवस्था के माध्यम से दर्ज होने वाली एफआईआर की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। गत दिसंबर से अब तक प्रदेश के खंडवा सहित प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों में कुल 4,888 e-Zero FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
गोल्डन ऑवर में ठगी की राशि बचाने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में घटना के बाद के शुरुआती कुछ घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। इस दौरान यदि पीड़ित तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करता है अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करता है, तो संबंधित पुलिस इकाइयों, बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं के समन्वय से ठगी की राशि को अपराधियों द्वारा निकाले जाने से पहले होल्ड (Freeze) कराने की संभावना बढ़ जाती है।
e-Zero FIR की संशोधित व्यवस्था से अब 25 हजार रुपये अथवा उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी त्वरित कानूनी कार्रवाई और राशि होल्ड कराने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे बड़ी संख्या में साइबर अपराध पीड़ितों को समय पर पुलिस सहायता एवं कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।
मध्यप्रदेश पुलिस की नागरिकों से अपील—देरी न करें, तुरंत 1930 पर करें शिकायत
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना समय गंवाए तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर ठगी में समय ही सबसे महत्वपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद की गई शिकायत से पुलिस, बैंक एवं संबंधित एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित कर ठगी गई राशि को समय रहते होल्ड (Freeze) कराने और पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

